scorecardresearch

भारत एकमात्र देश है जहां मस्जिदों में बम नहीं फोड़े जाते- बोले सुधांशु त्रिवेदी, मुस्लिम आबादी पर किया ये दावा

Sudhanshu Trivedi: जब सभी देशों के यहूदियों से कहा गया कि वो बताएं कि उनके ऊपर क्या-क्या अत्याचार हुए तब सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश था जहां के यहूदियों ने लिखा कि फॉरगेट अबाउट दि पर्सिक्यूशन, वी नेवर फेस्ड एनी डिस्क्रिमिनेशन।

भारत एकमात्र देश है जहां मस्जिदों में बम नहीं फोड़े जाते- बोले सुधांशु त्रिवेदी, मुस्लिम आबादी पर किया ये दावा
BJP Spokesperson: सुधांशु त्रिवेदी Photo – File

भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां मस्जिदों में बम नहीं फोड़े जाते हैं। भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर सभी धर्म एक समान रूप से फल-फूल रहे हैं। ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि हमारी संस्कृति ही ऐसी है। जहां ये संस्कृति खत्म होती है और कट्टरवादी मानसिकता वाले लोगों की संख्या ज्यादा होती है वहां ये उदारता भी खत्म होती चली जाती है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने ये बाते न्यूज-18 की एक टीवी डिबेट में एंकर अमन चोपड़ा को बताईं।

जब एंकर ने उनसे पूछा कि आप लोगों का ये बार-बार नैरेटिव आता तो ये सवाल आता है तो आप लोगों के कहने का मतलब है कि हिन्दू कम तो सेक्युलिरिज्म खत्म? बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इस पर जवाब देते हुए कहा, इसमें तो कोई किन्तु-परन्तु ही नहीं है। इसके जवाब में उन्होंने पूरी दुनिया से भारत की तुलना करते हुए न्यूज एंकर से पूछा। अगर मैं आपसे एक सवाल पूछूं कि दुनिया में किसी ऐसे देश का नाम बताइए जहां सभी धर्म पाए जाते हों? तो इस सवाल के जवाब में सिर्फ एक नाम ही आता है वो है भारत का।

सुधांशु त्रिवेदी पारसी धर्म को लेकर उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे ये धर्म अपनी जन्मभूमि से समाप्त हो गया दुनिया में विलुप्त हो गया और भारत में अब भी फल-फूल रहा है। उन्होंने इसके बड़े उदाहरण भी गिनवाए जिनमें रतन टाटा, कोविड वैक्सीन बनाने वाले आदारपूनवाला, होमी जहांगीर भाभा और सैम मॉनेकशॉ का भी नाम लिया।

सिर्फ भारत एक ऐसा देश जहां सभी धर्म फल-फूल रहे हैंः सुधांशु त्रिवेदी

इसके बाद उन्होंने इजराइल के गठन की बात करते हुए बताया कि पूरे दुनिया के अलग-अलग देशों में यहूदियों पर जो अत्याचार हुए उनका संकलन करके बाकायदा इतिहास लिखा गया। सभी देशों के यहूदियों से कहा गया कि वो बताएं कि उनके ऊपर क्या-क्या अत्याचार हुए तब सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश था जहां के यहूदियों ने लिखा कि फॉरगेट अबाउट दि पर्सिक्यूशन, वी नेवर फेस्ड एनी डिस्क्रिमिनेशन। और ये सब सिर्फ इसलिए था क्योंकि भारत और भारत की संस्कृति जिसे आप सांप्रदायिक कह-कह कर आप लांछित करने का प्रयास करते हैं। उसी महान हिन्दू संस्कृति की वजह से ही सब फल-फूल रहे थे।

57 देशों में किसी एक देश का नाम बता दीजिए जिसमें सारे फिरके हों

उन्होंने आगे बताया कि इसी वजह से इस्लाम के भी सारे फिरके सिर्फ भारत में ही पाए जाते हैं। उन्होंने न्यूज एंकर से ये भी सवाल पूछा कि आप दुनियाा के 57 इस्लामिक देशों में से किसी एक का नाम बता दीजिए जहां पर सारे फिरके पाए जाते हों। बीजेपी प्रवक्ता ने इस दौरान झारखंड के गड़वा की घटना के अलावा एक और उदाहरण तमिलनाडु का दिया जहां पर महज दो साल पहले ही पेरंबरूर जिला वहां के कोलतार गांव में 70 फीसदी मुस्लिम हो गए थे तो उन्होंने कहा, मंदिर में पूजा बंद हो जानी चाहिए घंटे घड़ियाल की आवाज से हमारी धार्मिक भावना आहत होती है और तमिलनाडु की सरकार ने मान भी लिया वो तो मद्रास हाईकोर्ट बीच में आया और कहा ये कोई तर्क नहीं है कि आपकी आबादी 70 फीसदी हो जाए तो आप मंदिर में घंटा नहीं बजने देंगे, पूजा नहीं करने देंगे ये होगा और सरकार इसको सुनिश्चित करवाए।

सर तन से जुदा पर कुछ नहीं मां काली के अपमान पर अभिव्यक्ति की आजादी

इस पर उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि उत्तर से दक्षिण तक, केरल से कश्मीर तक कोई सेक्युलिरिज्म का सूरमा इस पर बोला था। किसी ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई क्या? उन्होंने आगे कहा जब आप चुप रहते हैं तब वो स्थितियां आती हैं जो आज हुईं। उन्होंने एक और उदाहरण दिया कि अभी देश में एक ओर सर तन से जुदा के नारे चल ही रहे थे और दूसरी तरफ मां काली के पोस्टर वाला मामला आता है तो सब एक तरफ से बोल देते हैं कि ये तो अभिव्यक्ति की आजादी का मामला है। एक महीने के अंदर दो भारी अंतर जो देश की जनता के दिखाई देते हैं। इसके आगे मुझे कहने की जरूरत नहीं है देश की जनता बहुत प्रबुद्ध है।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.