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‘दुनिया के लिए मिसाल है भारत में सह-अस्तित्व और सहिष्णुता का भाव’

जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद ने कहा, ‘सामाजिक जटिलताओं के बावजूद हमारे देश में आमतौर पर शांति और सद्भाव है। ऐसा सामाजिक भाईचारा दुनिया में बहुत कम देशों में देखने को मिलता है।'

Author नई दिल्ली | March 6, 2017 10:16 PM
Jamia Millia Islamia University, Jamia Millia Islamia University issue, Jamia Millia Islamia University controversy, Organization Claims, hindu, muslim, Hindu Students, Hindu Students in Jamia, State newsकेंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया। (फाइल फोटो)

देश में सहिष्णुता को लेकर समय-समय पर छिड़ने वाली बहस की पृष्ठभूमि में सोमवार (6 मार्च) को कुछ जानेमाने बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने भारत में सह-अस्तित्व, सहिष्णुता और सर्वधर्म समभाव की सराहना करते हुए कहा कि कुछ परेशानियां एवं मुद्दे हो सकते हैं लेकिन यहां का सामाजिक तानाबाना व भाईचारा पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। जामिया मिलिया इस्लामिया के इस्लामी अध्ययन विभाग के ‘सह-अस्तित्व, सहिष्णुता एवं सर्वधर्म समभाव’ नामक प्रोजेक्ट के तहत आयोजित एक संगोष्ठी में ब्रिटिश उच्चायोग के ‘मिनिस्टर काउंसलर’ (राजनीतिक मामले एवं प्रेस) एंड्रयू सोपर ने कहा, ‘ब्रिटेन विविधाओं से भरा देश है और इसी तरह भारत भी बहुत विविध देश है। दोनों देशों में सामाजिक रूप से कई समानताएं हैं। कुछ मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन उनका हल निकल जाता है। यही बातें दोनों देशों के रिश्तों को काफी अहम बनाती हैं।’

उन्होंने कहा, ‘ब्रिटेन भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। जामिया की तरफ से चल रहे इस प्रोजेक्ट की तरह दूसरे कदमों को ब्रिटिश सरकार पूरी मदद देती रहेगी।’ गौरतलब है कि जामिया के इस प्रोजेक्ट को ब्रिटिश उच्चायोग वित्तीय मदद मुहैया करा रहा है। जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद ने कहा, ‘हमारा समाज बहुत जटिल है। कुछ परेशानियां भी पैदा होती है, लेकिन वो दूर हो जाती है। हमारे देश में आमतौर पर शांति और सद्भाव है। ऐसा सामाजिक भाईचारा दुनिया में बहुत कम देशों में देखने को मिलता है। मुझे खुशी है कि जामिया सामाजिक सद्भाव बढ़ाने में योगदान दे रहा है।’

इस्लामी अध्ययन विभाग के प्रोफेसर और प्रोजेक्ट निदेशक जुनैद हारिस ने कहा, ‘स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों को सभी धर्मों के बारे में जानकारी देने का हमारा यह प्रोजेक्ट कई मायनो में महत्वपूर्ण है। हमारे यहां विभिन्न धर्मों, वर्गों और मान्यताओं वाले लोग रहते हैं। सभी मिलजुलकर रहते हैं। यह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। बच्चों को सर्वधर्म समभाव वाली भावना से अवगत कराना और इन्हें इसके महत्व से अवगत कराने का हमारा प्रयास जारी रहेगा।’ वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्रिटिश उच्चायोग में मीडिया पदाधिकारी असद मिर्जा ने कहा कि आने वाले समय में ‘सह-अस्तित्व, सहिष्णुता एवं सर्वधर्म समभाव’ विषय पर दूसरे शिक्षण संस्थानों में भी संगोष्ठियों एवं सम्मेलनों का आयोजन होगा।

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