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‘पीटरैप’ के साइबर हमले की जद में भारत भी

मंगलवार देर रात से भारत, इंग्लैंड, रूस, फ्रांस, यूक्रेन, और स्पेन में उपभोक्ता, जहाजरानी, नागरिक उड्डययन, तेल एवं प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के कंप्यूटर नेटवर्क को इस ‘पीटरैप’ ने निशाना बनाया है।
Author नई दिल्ल | June 29, 2017 02:56 am
इस साइबर हमले से ब्रिटेन का नेशनल हेल्थ सिस्टम ठप्प हो गया है।

कंप्यूटर की फाइलें अपने कब्जे में लेकर फिरौती वसूलने वाले वायरस सॉफ्टवेयर ‘वान्नाक्राई’ के आतंक के लगभग डेढ़ महीने बाद नए फिरौती वायरस ‘पीटरैप’ ने भारत समेत दुनिया के कई देशों में साइबर हमला किया है। मंगलवार देर रात से भारत, इंग्लैंड, रूस, फ्रांस, यूक्रेन, और स्पेन में उपभोक्ता, जहाजरानी, नागरिक उड्डययन, तेल एवं प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के कंप्यूटर नेटवर्क को इस ‘पीटरैप’ ने निशाना बनाया है। भारत में सबसे बड़ा असर मुंबई के बंदरगाह जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) में माल ढुलाई और जहाज निर्माण की गोदी के कामकाज से जुड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कामकाज पर पड़ा है। केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा एजंसी ‘सर्ट-इन’ की टीम आपदा प्रबंधन में जुटी है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आश्वस्त किया है कि साइबर हमले का भारत पर बड़ा असर नहीं पड़ा है।  भारत में मुंबई के जेएनपीटी में मंगलवार रात वहां के तीन में से एक टर्मिनल पर काम ठप हो गया। यहां माल ढुलाई का काम करने वाली गेटवे टर्मिनल्स इंडिया के लिए कंटेनर की लदाई और उतराई करने वाली एपी मोलर माएर्स्क कंपनी का काम बिल्कुल ठप हो गया। यह कंपनी रोजाना पांच हजार कंटेनर्स का काम करती थी। यहां और गुजरात में रूसी और नीदरलैंड के संयुक्त उपक्रम एपीएम-पीपावाव का काम भी ठप हो गया है। एपीएम पीपावाव के प्रवक्ता के अनुसार, ‘एपीएम टर्मिनल्स (गुजरात पीपावाव पोर्ट ट्रस्ट) पर आंशिक असर हुआ है।

हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं’। इन हालात में देश के सबसे बड़े कंटेनर बंदरगाह जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) प्रबंधन ने बुधवार को परिचालक दोनों बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपने टर्मिनल के यातायात को अन्य दो इकाइयों की ओर स्थानांतरित करने को कहा है। बंदरगाह के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘परिचालन धीमा हुआ है। प्रभावित टर्मिनल पर आयात और निर्यात वाले 4,500 कंटेनर चढ़ते-उतरते हैं। दुनिया भर के 75 बंदरगाह प्रभावित हुए हैं’। माएर्स्क समूह ने इस बात की पुष्टि की है कि साइबर हमले से उसका परिचालन प्रभावित हुआ है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक गुलशन राय को केंद्र सरकार ने जेएनपीटी भेजा है।

जीएसटी नेटवर्क पर असर नहीं
वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) ने कहा है कि साइबर हमले का उनपर असर नहीं पड़ा है और पंजीकरण का काम सुगमता से चल रहा है। जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा कि सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। कुमार ने अंशधारकों को भरोसा दिया है कि सभी आंकड़े सुरक्षित हैं और किसी तरह की चिंता की बात नहीं है।

यूक्रेन और रूस में ज्यादा असर
साइबर हमले का ज्यादा असर यूक्रेन और रूस की कंपनियों पर पड़ा है। यूक्रेन के सरकारी मंत्रालयों, बिजली कंपनियों और बैंक के कंप्यूटरों में खराबी सामने आ रही है। यूक्रेन का सेंट्रल बैंक, सरकारी बिजली वितरक कंपनी यूक्रेनेग्रो, विमानन कंपनी एंतोनोव ठप हो गई है। कई पेट्रोल स्टेशनों को अपना कामकाज रोकना पड़ा है। रूस की रोसनेफिट पेट्रोलियम कंपनी, डेनमार्क की समुद्री यातायात कंपनी माएस्क, ब्रिटेन की दिग्गज विज्ञापन कंपनी डब्लुपीपी, फ्रांसीसी कंपनी सेंट-गॉबेन और अमेरिका की दिग्गज दवा कंपनी मेरेक एंड कंपनी ने भी अपने कंप्यूटर सर्वर प्रभावित होने की जानकारी दी है।

भारत सरकार की ‘सर्ट-इन’ के सुझाव
कंप्यूटर में एंटी वायरस प्रोग्राम और आॅपरेटिंग सिस्टम को अपडेट रखें। अज्ञात स्रोत से आए ईमेल न खोलें। मजबूत पासवर्ड बनाएं। अपने कंप्यूटर में मौजूद फाइलों और फोल्डर्स को सुरक्षित रखने के लिए नियमित अंतराल पर उनका बैकअप लें। बैकअप किसी एक्सटर्नल हार्डडिस्क या सर्वर पर रखें। सॉफ्टवेयर अपडेट रखें।

 

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