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मोदी सरकार के फैसले की मुरीद हुई ऑस्‍ट्रेलियाई उच्‍चायुक्‍त, कहा- नोटबंदी के लिए हमें भी इंस्‍पायर किया

भारत में ऑस्‍ट्रेलिया की उच्‍चायुक्‍त हरिंदर सिद्धू ने बताया कि उनके देश में भी सबसे बड़े नोट को बंद करने की बात चल रही है।

Author January 3, 2017 2:37 PM
भारत में ऑस्‍ट्रेलिया की उच्‍चायुक्‍त हरिंदर सिद्धू

ऑस्‍ट्रेलिया भी भारत की तरह नोटबंदी की राह पर जा सकता है। भारत में ऑस्‍ट्रेलिया की उच्‍चायुक्‍त हरिंदर सिद्धू ने बताया कि उनके देश में भी सबसे बड़े नोट को बंद करने की बात चल रही है। उन्‍होंने इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया, ”मैं इसको (नोटबंदी) लेकर काफी मोहित हूं। यदि यह काम करती है तो भारतीय सिस्‍टम में बड़ा बदलाव होगी। मेरी नजर में यह सबसे उग्र सुधार है। मैं काफी प्रभावित हूं कि सरकार ने कैसे इसका सामना किया है। उन्‍होंने लोगों के फीडबैक पर काम किया और लगातार लोगों के रेस्‍पॉन्‍स पर जवाब दिया। जितनी भी परेशानियां उसके बाद जो प्रयास हुआ वह प्रशंसनीय है।”

उन्‍होंने बताया कि इससे ऑस्‍ट्रेलिया में कालेधन का सामना करने की प्रेरणा मिली है। वहां पर अभी ब्‍लैक मनी टास्‍क फॉर्स का गठन हुआ है। भारत में जो कुछ भी हो रहा है उसे काफी करीब से देखा जा रहा है जिससे कि इस प्रकिया को समझा जा सके।भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के रिश्‍तों पर सिद्धू ने कहा कि दोनों देश काफी करीब आए हैं और व्‍यापार बढ़ा है। उन्‍होंने कहा, ”रक्षा रिश्‍ते हमारी सफल कहानियों में से एक है। दोनों देश हिंद महासागर को साझा करते हैं। हम दोनों लोकतंत्र हैं और दोनों स्‍थायित्‍व चाहते हैं। पिछले कुछ सालों में व्‍यापारिक रिश्‍ते नाटकीय रूप से बढ़े हैं। साल 2004 में द्विपक्षीय व्‍यापार केवल 500-600 मिलियन डॉलर का था जो अब बढ़कर 20 बिलियन डॉलर का हो गया है। भारत में आर्थिक रूप से काफी हित जुड़े हैं।”

ऑस्‍ट्रेलिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के सवाल पर उन्‍होंने बताया कि भारतीयों को डरने की जरुरत नहीं है। ऑस्‍ट्रेलिया दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक है। सिद्धू ने कहा, ”हम सहिष्‍णु, बहुसांस्‍कृतिक समाज हैं और भारतीय ऑस्‍ट्रेलिया में सबसे बड़े प्रवासी है। पिछले साल 20 प्रतिशत प्रवासी भारत से आए थे। भारत में जन्‍मे ऑस्‍ट्रेलियाई लोगों की तादाद 10 साल में तीन गुना हो चुकी है।” गौरतलब है कि भारत की ही तरह वेनेजुएला में भी नोटबंदी की गई थी। हालांकि वहां पर यह फैसला जनता के गले नहीं उतरा। अपर्याप्‍त इंतजामों के चलते वहां पर दंगे भड़क गए थे। इसके बाद यह फैसला टाल दिया गया था। इसी तरह से पाकिस्‍तान में भी 5000 रुपये के नोट को लेकर पिछले दिनों सीनेट में प्रस्‍ताव पास हुआ था।

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