भारत ने फिलिस्तीन के लिए मानवीय सहायता की घोषणा की है। इससे फिलिस्तीन खुश हो गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 2028-29 के लिए भारत के अभियान के शुरुआत के मौके पर बोलते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रुसेल्स में फिलिस्तीनी डोनर समूह के साथ एक बैठक के दौरान घोषणा की कि भारत ने फिलिस्तीन के लिए एक विशेष अस्पताल, एक कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण केंद्र और एक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है।

फिलिस्तीन ने क्या कहा?

जयशंकर की इस घोषणा का फिलिस्तीन ने स्वागत किया है। भारत में मौजूद फिलिस्तीनी दूतावास ने एक बयान में कहा, “फिलिस्तीन का दूतावास विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की उस घोषणा का स्वागत करता है, जिसमें उन्होंने फिलिस्तीनी लोगों के लिए तीन बड़े विकास प्रोजेक्ट (एक स्पेशलिटी हॉस्पिटल, एक कृत्रिम अंग लगाने का केंद्र और एक वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) शुरू करने का वादा किया है। यह घोषणा ब्रुसेल्स में फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक में भारत द्वारा किए गए वादों के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (2028-2029) के गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर चुनाव के लिए भारत के अभियान की शुरुआत के दौरान की गई थी।”

UNRWA क्या है?

बैठक में जयशंकर ने भारत के ‘वैश्विक कल्याण में योगदान’ का जिक्र करते हुए फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA) के लिए अपने समर्थन पर जोर दिया है। यह एक ऐसी एजेंसी है जो गाजा पट्टी में हमास जैसे संगठनों से कथित संबंधों को लेकर अमेरिका और इजरायल के जांच के दायरे में आ गया है।

बैठक में जयशंकर ने कहा, “UNRWA भारत को अपना प्रमुख उभरता हुआ डोनर मानता है। ब्रुसेल्स में फिलिस्तीन डोनर समूह की बैठक में हमने फिलिस्तीन के लिए एक विशेष अस्पताल, कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण केंद्र और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह टू स्टेट समाधान के लिए हमारे दीर्घकालिक समर्थन के अनुरूप है।”

कई देशों ने रोक दी फंडिंग

बता दें कि कई देशों द्वारा अनुदान पर रोक लगाने की घोषणा की गई है। लेकिन इसके बावजूद भारत ने UNRWA के लिए 5 मिलियन डॉलर का वार्षिक अनुदान जारी रखा है। पिछले महीने भारत ने UNRWA को 5 मिलियन डॉलर में से 2.5 मिलियन डॉलर जारी किए थे। अमेरिका ने 2024 में UNRWA के लिए वित्तीय सहायता बंद कर दी थी। गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक में मानवीय सहायता भेजने के नए तरीके खोजने के लिए अमेरिका ने पिछले साल इजरायल और हमास के बीच युद्ध समाप्त करने वाले समझौते के तहत ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत की थी।

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क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि चारों सदस्य देश व्यापार, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल सहयोग जैसे क्षेत्रों में आदान-प्रदान के जरिये इनोवेशन को आगे बढ़ा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर