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पहली तिमाही की GDP- 23.9%, निशाने पर नरेंद्र मोदी सरकार

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस तिमाही का जीडीपी का आंकड़ा -23.9 फीसदी रहा है। इसे लेकर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने सरकार पर तंज़ कसा है। रवीश ने लिखा कि मोदी जी आपका कोई विकल्प नहीं है।

India GDP data, GDP data, GDP, first quarter, coronavirus, ecomony, gross domestic product, GDP contract, जीडीपी, सकल घरेलू उत्पाद, जीडीपी के आंकड़े, कोरोना वायरसमौजूदा वित्त वर्ष में पहली तिमाही के लिए जीडीपी डेटा के आंकड़े जारी, निशाने पर सरकार। (EXPRESS PHOTO BY PRAVEEN KHANNA)

कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन का असर अब जीडीपी के ताजा आंकड़ों में देखने को मिल रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष में पहली तिमाही के लिए जीडीपी डेटा के आंकड़ों को आज जारी किया गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस तिमाही का जीडीपी का आंकड़ा -23.9 फीसदी रहा है। इसे लेकर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने सरकार पर तंज़ कसा है। रवीश ने लिखा कि मोदी जी आपका कोई विकल्प नहीं है।

सोमवार को सरकार की ओर से जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए। कोरोना संकट के बीच 21 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के बावजूद महामारी की वजह से कारोबार और आम आदमी पर भारी असर पड़ा। इसपर रवीश ने एक फेसबुक पोस्ट शेयर किया है। जिसमें उन्होने लिखा है “आज जीडीपी के आंकड़े आए हैं। भारत की किसी भी पीढ़ी ने ये आंकड़े नहीं देखे होंगे। 5 अगस्त को नए भारत के उदय के बाद इन आंकड़ों ने रंग में भंग डाल दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही की जीडीपी -23.9 प्रतिशत आई है। सावधान हो जाएं। आर्थिक निर्णय सोच समझ कर लें।”

रवीश ने इसी के साथ मीडिया पर भी तंज़ कसा है। रवीश ने लिखा कि आप लोग सुशांत सिंह राजपूत का ही कवरेज देखते रहिए। यह बर्बादी की ऐसी सतह है जहां से आप अब बेरोज़गारी के प्रश्नों पर विचार कर कुछ नहीं हासिल कर सकते। बता दें भारत साल 1996 से जीडीपी के आंकड़े जारी कर रहा है। तब से लेकर यह अबतक की सबसे बड़ी गिरावट है।

रवीश के पोस्ट पर यूजर्स ने कमेंट भी किए हैं। साबित शाह नाम के एक यूजर ने लिखा “मरने का आंकड़ा बड़ी जल्दी दिख गया आपको। ठीक होने का भी आंकड़ा देख लेते। लोग बिना मास्क के बत्तमीजी से घूम रहे है। थोड़ा ज्ञान आप उनलोगों को दे दो।” एक ने लिखा “सब मौज में हैं। आप फ़िज़ूल परेशान होते हैं रविश जी। आप मौज क्यों नही कर पाते। आप सालाना 2.5 करोड़ रुपये तनख्वाह पाकर भी इतने परेशान क्यों हैं। मजे करिए जनाब। सब बढिया चल रहा है। मैं अभी छत पर बैठा हूँ ऐसी बढिया हवा चल रही है कि लग रहा है कि मैं स्विट्ज़रलैंड में बैठा हूँ। मन के जीते जीत है मन के हारे हार, मानो तो स्विट्जरलैंड ना मानो तो बिहार।”

वहीं वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी इसे लेकर ट्वीट किया है। राजदीप ने लिखा 1996 लेकर अबतक की यह सबसे बड़ी गिरावट है। 2019-20 के  पहली तिमाही के आंकड़ों के मुक़ाबले 23.9% की गिरावट है। राजदीप के इस ट्वीट पर लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा “आप लोग कब समझदार होगे। अब बोल दो देश में कोरोना मोदी लेकर आया है।” एक ने लिखा “यह कहते हुए आपको बहुत खुशी हो रही होगी। मैं आपकी खुशी देख सकता हूं।”

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