India-France Rafale Deal: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल फरवरी के तीसरे हफ्ते में भारत दौरे पर होंगे। उनकी यात्रा से पहले रक्षा मंत्रालय भारतीय वायुसेना के लिए 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव पर चर्चा कर सकता है, साथ ही डील को अपनी स्वीकृति भी दे सकता है। इसे भारतीय वायु सेना की मजबूती के लिए एक अहम डील के तौर पर देखा जा सकता है।

बता दें कि पिछले महीने ही भारतीय वायुसेना के राफेल खरीदने के प्रस्ताव को रक्षा खरीद बोर्ड द्वारा प्रारंभिक स्वीकृति दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि राफेल से जुड़ा ये प्रस्ताव अगले हफ्ते रक्षा मंत्रालय की हाईलेवल बैठक में चर्चा के लिए उठाया जा सकता है।

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भारत में ही बनेंगे 80 प्रतिशत

राफेल की इस डिफेंस डील के प्रस्तावित प्रोजेक्ट में 18 विमान फ्लाई अवे कंडीशन में फ्रांस से खरीदे जाएंगे और बाकी भारत में 60% तक स्वदेशी सामग्री के साथ बनाए जाएंगे। इस डील के तहत खरीदे जाने वाले 114 राफेल में से लगभग 80% भारत में ही बनाए जाने की योजना है।

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जानकारी के मुताबिक, IAF को इस प्रोजेक्ट के तहत 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर विमान मिलेंगे, जिनमें से ज्यादातर डसॉल्ट और भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के सहयोग से भारत में बनाए जाएंगे। यह अधिग्रहण अगले दौर की मंजूरी के लिए शीर्ष निकाय के पास जाएगा, जिसके बाद तकनीकी और वाणिज्यिक बातचीत की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

रक्षा मत्रालय ने की थी सिफारिश

जानकारी के मुताबिक, मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है। IAF वर्तमान में लगभग 30 फाइटर स्क्वाड्रन ऑपरेट कर रही है, जो 42 स्क्वाड्रन की स्वीकृत संख्या से काफी कम है, ऐसे समय में जब पाकिस्तान और चीन से खतरा बढ़ रहा है, जिसके चलते भारतीय वायुसेना की तरफ से नए विमानों की खरीद के लिए सिफारिशें हो रही थीं। अब उस दिशा में ही भारत सरकार अब बड़ा फैसला ले सकती है। अमित शाह के दौरे के बीच बस्तर में 34 महिलाओं सहित 51 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण