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प्रेस की आजादी के मामले में पिछड़ा भारत, हिंदुत्व के खिलाफ बोलना हुआ खतरनाक!

भारत वैश्विक प्रेस फ्रीडम इंडेक्स के मामले में दो पायदान नीचे खिसक गया है। 180 देशों की इस रैंकिंग में भारत 140वें स्थान पर है।

(इलस्ट्रेशनः सुवाजित डे)

देश में लोकसभा चुनाव के बीच में वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2019 जारी किया गया है। रिपोर्टर्स  विदाउट बॉडर्स ने बृहस्पतिवार को इस रैंकिंग को जारी किया। भारत ने प्रेस की आजादी की इस रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले इस बार पिछड़ गया है।

सूची में नॉर्वे शीर्ष स्थान पर है। भारत इस वैश्विक रैंकिंग में दो स्थान लुढ़कर 140वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत में पत्रकारों के लिए स्थितियां ठीक नहीं है। माना जा रहा है कि यहां हिंदुत्व के खिलाफ बोलना खतरनाक हो सकता है।

रिपोर्ट में पाया गया है कि ऐसे पत्रकार जो हिंदुत्व के खिलाफ लिखते या बोलते हैं, उनके संगठित रूप से हेट कैंपेन का शिकार होने की दर काफी चिंताजनक है। अंत में संवेदनशील माने जाने वाले कश्मीर में पत्रकारों के लिए स्थितियां मुश्किल बनी हुई है। विदेशी पत्रकारों के कश्मीर में जाने पर रोक है और यहां इंटरनेट अक्सर बंद रहता है।

इंडेक्स में कहा गया है कि पत्रकारों के खिलाफ हिंसा में पुलिस हिंसा, माओवादियों का हमला और भ्रष्ट राजनेताओं और आपराधिक संगठनों की तरफ से हमले भी शामिल हैं। भारत की हवाले से इस कथित विश्लेषण में कहा गया है कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले सत्ताधारी भाजपा के समर्थकों की तरफ से पत्रकारों पर किए जाने वाले हमले बढ़े हैं।

भारत में पिछले साल (2018 में) अपने काम के दौरान हिंसक घटनाओं में छह पत्रकारों की मौत हो गई थी। इन हत्याओं ने यह दिखाया कि भारतीय पत्रकारों को कितनी खतरनाक स्थितियों को सामना करना पड़ता है। इसमें गैर-अंग्रेजी मीडिया संगठनों में  काम करने वाले पत्रकार अधिक हैं।

पेरिस स्थित रिपोटर्स सैन फ्रंटियर्स (आरएसएफ) एक गैर सरकारी संगठन है जो दुनियाभर में पत्रकारों पर हमलों का रिकॉर्ड रखता है। दक्षिण एशिया में पाकिस्तान तीन स्थान खिसकर 142वें स्थान पर है जबकि बांग्लादेश चार स्थान खिसकर 150वें स्थान पर है।

इथोपिया ने किया बेहतरीन प्रदर्शनः 2019 की इस रैंकिंग में नॉर्वे को पहला स्थान मिला है जबकि फिनलैंड ने दो स्थानों की बढ़त हासिल कर दूसरे स्थान पर है। नीदरलैंड को इस बार एक स्थान का नुकसान हुआ है। वह चौथे स्थान पर है। अफ्रीका में इथोपिया ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 40 स्थानों की छलांग लगा 110वां स्थान हासिल किया है।

वहीं जांबिया ने 30 स्थानों की बढ़ा हासिल कर 92वां स्थान हासिल करने में कामयाबी पाई है। वियतनाम और चीन एक स्थान लुढ़कर क्रमशः 176वें और 177वें स्थान पर हैं। सूची में तुर्केमेनिस्तान सबसे अंतिम 180वें स्थान पर है।

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