ताज़ा खबर
 

एक और चीनी असंतुष्ट का वीजा रद्द

चीन के असंतुष्ट नेता डोल्कुन ईसा का वीजा रद्द करने के बाद भारत ने चीन की एक अन्य असंतुष्ट नेता लु जिंगुआ और कार्यकर्ता आर. वांग का वीजा भी रद्द कर दिया है जो लोकतंत्र और चीन विषय पर धर्मशाला में एक सम्मेलन में शिरकत करने आ रहे थे।

Author नई दिल्ली | April 29, 2016 2:54 AM
चीन की एक अन्य असंतुष्ट नेता लु जिंगुआ

चीन के असंतुष्ट नेता डोल्कुन ईसा का वीजा रद्द करने के बाद भारत ने चीन की एक अन्य असंतुष्ट नेता लु जिंगुआ और कार्यकर्ता आर. वांग का वीजा भी रद्द कर दिया है जो लोकतंत्र और चीन विषय पर धर्मशाला में एक सम्मेलन में शिरकत करने आ रहे थे।

सरकार के एक सूत्र ने यहां बताया-‘जहां तक लु जिंगुआ के वीजा की बात है तो उनके दस्तावेज अस्पष्ट थे और उनके आने के उद्देश्य में असंगति थी। जहां तक आर वांग की बात है तो उनके दस्तावेज के आंकड़े में विसंगति थी। चूंकि इन दोनों को वीजा जारी ही नहीं हुआ, तो उसे रद्द करने का सवाल ही नहीं उठता।’

लु प्रसिद्ध तियानमेन कार्यकर्ता हैं जबकि रा हांगकांग के कार्यकर्ता हैं। खबरों के मुताबिक लु ने दावा किया कि उन्हें बताया गया कि उनका वीजा रद्द कर दिया गया और न्यूयॉर्क से उन्हें एअर इंडिया के विमान में सवार होने से मना कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वीजा को लेकर ईमेल से पुष्टि भी की गई थी।

मालूम हो कि इससे पहले इस हफ्ते के शुरू में वर्ल्ड उईगुर कांग्रेस के नेता ईसा का वीजा रद्द कर दिया गया था जो यहां ‘इनिशिएटिव फॉर चाइना’ सम्मेलन में शिरकत करने आ रहे थे। भारतीय कार्रवाई को कई लोगों ने चीन के दबाव में की गई कार्रवाई माना। डोल्कुन ईसा का वीजा वापस लेने के मामले में चीनी दबाव के आगे झुकने के आरोपों के बीच भारत ने गुरुवार को अपना बचाव करते हुए कहा कि ईसा ने इसे हासिल करने के लिए तथ्यों को ‘छिपाया।’ साथ ही भारत ने स्वीकार किया कि चीन ने नई दिल्ली के समक्ष अपना रुख स्पष्ट किया था कि इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस का सम्मान किया जाना चाहिए जो ईसा के खिलाफ जारी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा-‘ईसा ने इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल आॅथराइजेशन सिस्टम के तहत पर्यटक वीजा के लिए आवेदन दिया था। इसी मुताबिक उन्हें वीजा दिया गया। वीजा मिलने के बाद ईसा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे भारत में एक सम्मेलन में हिस्सा लेने आ रहे हैं। इस तथ्य को वीजा आवेदन में छिपाया गया था और पर्यटन वीजा पर इसकी अनुमति नहीं है।’

उन्होंने कहा कि अधिकारियों के संज्ञान में आया कि ईसा के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। यह पूछ जाने पर कि क्या ईसा को वीजा देने पर चीन ने भारत से आपत्ति जताई थी तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना रूख स्पष्ट किया था कि ईसा के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और इंटरपोल के सभी सदस्य देशों को इसका सम्मान करना चाहिए।

प्रवक्ता ने इन आरोपों से इनकार किया कि चीनी दबाव में वीजा वापस लिया गया और कहा कि ईसा ने तथ्यों को ‘छिपाया’ था और इसी कारण उनका वीजा रद्द किया गया और भारतीय कार्रवाई में इसका कोई और ‘मतलब’ नहीं निकाला जाना चाहिए। विकास स्वरूप ने कहा कि वीजा नीति काफी स्पष्ट है और अगर किसी आवेदक को सही सूचना और तय प्रक्रिया के बाद वीजा मिलता है तो इसे वापस लेने का कोई कारण नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App