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कोविड-19: चौबीस घंटे में 10 लाख से ज्यादा जांच, 3.44 करोड़ से अधिक हुए कुल परीक्षण

जांच की सुविधाएं ऐसे स्थानों पर भी उपलब्ध हैं जहां आने जाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेह में आइसीएमआर की प्रयोगशाला समुद्र तल से 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थापित की गई है।

Coronavirus, Covid-19COVID-19 टेस्ट के दौरान एक मरीज का स्वैब सैंपल लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी। (फोटोः पीटीआई)

भारत ने शनिवार को चौबीस घंटे में कोरोना विषाणु संक्रमण की दस लाख से अधिक जांच करके एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आइसीएमआर) के मुताबिक शनिवार को देश में 10,23,836 नमूनों की जांच की गई। इससे कुल जांच की संख्या 3.44 करोड़ से अधिक पहुंच गई।
आइसीएमआर के मुताबिक देश में एक लाख की जनसंख्या पर 74.70 जांच हो रही हैं जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के दिशानिर्देशों में प्रति लाख जनसंख्या 14 जांच की बात कही गई है।

आइसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव के मुताबिक भारत जैसे विविधता से पूर्ण देश में सभी को जांच की एक समान सुविधाएं उपलब्ध कराना और महामारी के समय सभी संसाधनों के बेहतर उपयोग करना एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारो के संकल्पित, निरंतर और समन्वित प्रयासों और पहली पंक्ति पर कार्य कर रहे हमारे योद्धाओं की वजह से ही हम जांच तेजी से कर पाने में सफल हुए हैं।

आइसीएमआर के मुताबिक देश में जांच की सुविधा हर जगह उपलब्ध कराई गई है। जांच की सुविधाएं ऐसे स्थानों पर भी उपलब्ध हैं जहां आने जाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेह में आइसीएमआर की प्रयोगशाला समुद्र तल से 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थापित की गई है। इसके अलावा पोर्ट ब्लेयर में भी जांच प्रयोगशाला काम कर रही है। डॉक्टर भार्गव के मुताबित आइसीएमआर का लक्ष्य है कि देश में जिसको भी जांच की जरूरत है, उसकी जांच जरूर होनी चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यह केंद्र और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों के संकल्पित, निरंतर और समन्वित प्रयासों का प्रमाण है कि दैनिक जांच की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पांच दिनों में औसतन 8,89,935 जांच हुई हैं। केंद्र और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों से रिपोर्ट मिली है कि उन्होंने आक्रामक जांच पर जोर दिया है और संक्रमण दर में कमी आई है। यद्यपि अधिक जांच संख्या से शुरुआत में संक्रमण दर बढ़ेगी मगर जब त्वरित पृथकवास, कुशल निगरानी और समय पर कारगर व नैदानिक प्रबंधन होगा तो इन सभी उपायों से इस दर में कमी आएगी। अधिक जांच के साथ केंद्र और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के नीतिगत निर्णयों से देशभर में जांच सुविधाजनक हो गई है।

वर्तमान में 1511 प्रयोगशालाएं कर रही हैं काम : इस उपलब्धि में नैदानिक प्रयोगशालाओं की बड़ी भूमिका है। देश में वर्तमान में 1,511 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं जिनमें से 983 सरकारी और 528 निजी क्षेत्र में हैं। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं। इनमें आरटी पीसीआर आधारित 778 प्रयोगशालाएं, ट्रूनेट आधारित 615 प्रयोगशालाएं और सीबीएनएएटी आधारित 118 प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इस महामारी की शुरुआत के समय जनवरी में देश में सिर्फ एक प्रयोगशाला कोरोना जांच का कार्य कर रही थी।

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