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कोरोना वैक्सीन के ट्रायल में शामिल हो चुके हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज संक्रमित, अब Bharat Biotech ने जारी किया बयान

अनिल विज को 20 नवंबर को भारत बायोटेक की वैक्सीन- COVAXIN का डोज दिया गया था।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: December 5, 2020 3:27 PM
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज को 20 नवंबर को लगा था कोवैक्सिन का ट्रायल डोज।

हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने ट्वीट करने अपने संक्रमित होने की जानकारी दी। विज का संक्रमित होना चौंकाने वाली बात है, क्योंकि हाल ही में उन्हें भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन- कोवैक्सिन का ट्रायल शॉट दिया गया था। विज ने इस वैक्सीन के लिए खुद ही वॉलंटियर बनने का फैसला किया था। बताया गया है कि कोरोना से हालाता बिगड़ने के बाद उन्हें अंबाला कैंट के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

इस बीच भारत बायोटेक ने बयान जारी कर स्थिति को स्पष्ट किया है। कंपनी ने कहा कि फेज-3 के ट्रायल हमेशा डबल-ब्लाइंडेड होते हैं और इसमें 50 फीसदी लोगों को वैक्सीन और बाकी 50 फीसदी को प्लेसिबो (नमक का पानी) बिना बताए दिया जाता है। यानी किसी को पता नहीं होता कि वॉलंटियर्स को दवा दी गई या नहीं। इसके अलावा कोवैक्सिन के क्लीनिकल ट्रायल दो डोज पर आधारित हैं, जो कि 28 दिन के अंतराल में लगने हैं। वैक्सीन की क्षमता का अंदाजा दूसरी डोज के 14 दिन बाद पता चलता है। कोवैक्सिन तभी सबसे ज्यादा प्रभावी होगी, जब लोगों को इसके दोनों डोज मिलेंगे।

बता दें कि कोरोना से लड़ने के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का तीसरा ट्रायल नवंबर के मध्य में शुरू हुआ था। इस फाइनल फेज वैक्सिनेशन करवा के अनिल विज पहले ऐसे मंत्री बन गए हैं, जिन्हें स्वदेशी वैक्सीन दी गई। उन्हें अनिल विज को 20 नवंबर को वैक्सीन लगी थी। गौरतलब है कोवैक्सिन का देश के 20 रिसर्च सेंटर पर तीसरे फेज का ट्रायल किया जा रहा है। इसमें करीब 26 हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी।

भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के साथ मिलकर ये ट्रायल कर रहा है। पहले दो फेज में जिन लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई, उनमें कोई साइड इफेक्ट नहीं नजर आया। किसी भी वॉलंटियर के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट भी नहीं है। ऐसे में इस वैक्सीन से उम्मीद बढ़ गई थीं। हालांकि, विज के संक्रमित होने के बाद अब शंका की स्थिति पैदा हो गई है।

एक दिन पहले ही विज से मिला था जजपा का प्रतिनिधिमंडल: जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के तीन सदस्यों वाले एक प्रतिनिधि मंडल ने विज से शुक्रवार को मुलाकात की थी और कृषि कानूनों के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल होने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की अपील की थी। जेजेपी राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टी है। इस प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष निशान सिंह कर रहे थे और वरिष्ठ पार्टी नेता दिग्विजय सिंह चौटाला इसका हिस्सा थे। योग गुरु रामदेव ने भी मंगलवार को विज से मुलाकात की थी।

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