पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने कहा है कि वह लगातार अन्य देशों के संपर्क में है, ताकि देश की शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत, ईरान समेत कई देशों से बातचीत कर रहा है, ताकि ऊर्जा की सप्लाई बिना रुकावट के जारी रहे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा समुद्री कर्मचारियों (Seafarers) कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी समुद्री कामगारों की संख्या में से एक है। हमारे लगभग 90% नाविक (seafarers) अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर काम करते हैं। अभी 22 जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक मौजूद हैं। इसके अलावा इस पूरे क्षेत्र में भी कई भारतीय काम कर रहे हैं। सरकार उनके कंपनियों से लगातार संपर्क में है। कुछ नाविक वापस भी आ चुके हैं। उदाहरण के लिए, 15 घायल नाविक भारत लौट आए हैं या जल्द ही लौटेंगे। अन्य इलाकों से भी भारतीय नाविक वापस आ रहे हैं।

देश में LNG सप्लाई पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि हालिया हमलों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की वजह से LNG (गैस) की सप्लाई प्रभावित हुई है। लेकिन भारत कई देशों से बातचीत कर रहा है और सभी संबंधित पक्षों से संपर्क में है, ताकि ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो सकें और सामान का आवागमन बिना रुकावट जारी रहे।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ऊर्जा की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। समुद्री रास्तों पर असर पड़ा है, जिससे खासकर LPG (रसोई गैस) की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसलिए अभी सरकार पहले घरेलू जरूरतों को पूरा करने पर ध्यान दे रही है। उसके बाद ही कमर्शियल इस्तेमाल के लिए सप्लाई पर फैसला होगा। हाल ही में दो टैंकर आए हैं, जिससे कुछ राहत मिली है। साथ ही, भारत दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से LPG लाने के नए विकल्प भी तलाश रहा है ताकि ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।

तेल खरीद पर उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के कई देशों से तेल खरीदता है। अलग-अलग जगहों से टैंकर आना सामान्य बात है और आगे भी आते रहेंगे। इसमें रूस से खरीद भी शामिल है। इसे ज्यादा बड़ी खबर बनाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और भारत के पास कई स्रोत हैं।

Reuters की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि Reuters की रिपोर्ट सही नहीं है। भारत और United States के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर लगातार बातचीत हो रही है, और रिपोर्ट में जो बताया गया है, वह वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दिखाता।

जायसवाल ने कहा कि हम हर जगह से एलपीजी खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जहां भी यह उपलब्ध है। इसलिए अगर रूस में एलपीजी उपलब्ध है, तो हम वहां से भी खरीदेंगे। क्योंकि मौजूदा स्थिति ऐसी है कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे लोगों की ईंधन संबंधी ज़रूरतें पूरी हों… मैं कह सकता हूँ कि

ईरान में फंसे छात्रों पर उन्होंने बताया कि ईरान में काफी संख्या में भारतीय छात्र हैं, जिनमें कश्मीर की कई छात्राएं भी मेडिकल पढ़ाई कर रही हैं। सरकार उन्हें वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है। छात्रों से कहा गया है कि वे अज़रबैजान की सीमा पर जाने से पहले भारतीय दूतावास से संपर्क करें, ताकि सीमा पार करने में मदद मिल सके। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में सभी छात्र सुरक्षित भारत लौट आएंगे।

ऊर्जा ठिकानों पर हमले को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि शुरू से ही भारत ने कहा है कि आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं, जैसे बिजली और ऊर्जा से जुड़े ढांचे पर हमला नहीं होना चाहिए। हाल के दिनों में अलग-अलग जगहों पर ऊर्जा ठिकानों पर जो हमले हुए हैं, वे बहुत चिंता की बात हैं। इससे पहले से ही अस्थिर वैश्विक ऊर्जा स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे हमले गलत हैं और तुरंत बंद होने चाहिए।

BRICS पर उन्होंने कहा कि BRICS और Shanghai Cooperation Organisation (SCO) की सदस्यता अलग-अलग है। दोनों समूहों में अलग-अलग देश हैं, इसलिए किसी मुद्दे पर सभी की सहमति बनाना मुश्किल हो जाता है।

शिपिंग मिनिस्ट्री ने पश्चिम एशिया को लेकर दिया लेटेस्ट अपडेट

पश्चिम एशिया में अभी भी भारत के 22 जहाज फंसे हुए हैं। शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी ने राजेश सिन्हा ने गुरुवार को बताया कि भारतीय झंडे वाले जहाज और नाविक सभी सुरक्षित हैं और गल्फ क्षेत्र के समुद्री इलाके में किसी भी घटना की सूचना नहीं है।राजेश सिन्हा ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के वेस्ट में फारस की खाड़ी में अभी भी भारत के 22 जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं और सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में 16 भारतीय नाविक अपनी साइन-ऑफ के बाद वापस भारत आए। पढ़ें पूरी खबर।