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भारत का टॉप सीक्रेट मिशन: जब नंदा देवी में खो गया न्यूक्लियर डिवाइस, लोगों की जान पर अब भी खतरा

चीन ने 1964 में पहला परमाणु परीक्षण किया को तो उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अमेरिका ने भारत से मदद मांगी। 1965 में भारत की दूसरी और दुनिया 23वीं सबसे ऊंची चोटी नंदा देवी पर चीन की चालों को नापने वाला सेंसर लगाने का खुफिया मिशन शुरू हुआ।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Image Source: Facebook/@Nandadevitrek)

चीन ने 1964 में पहला परमाणु परीक्षण किया को तो उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अमेरिका ने भारत से मदद मांगी। 1965 में भारत की दूसरी और दुनिया 23वीं सबसे ऊंची चोटी नंदा देवी पर चीन की चालों को नापने वाला सेंसर लगाने का खुफिया मिशन शुरू हुआ। मिशन पर गया दस्ता मौसम की मार नहीं झेल सका। एक नाभकीय डिवाइस वहां से नहीं लाई जा सकी। खुफिया मिशन की जिम्मेदारी संभालने वाले 88 वर्षीय कैप्टन मनमोहन सिंह कोहली ने उस नाभकीय डिवाइल के खतरों से आगाह किया है। दिल्ली में रहने वाले कोहली ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में इस बात की भी पुष्टि की है कि खुफिया मिशन की सत्य घटना पर एक हॉलीवुड फिल्म बन रही है और उसमें अभिनेता रणबीर कपूर लीड रोल में हो सकते हैं। कोहली ने इंटरव्यू में बताया कि नंदा देवी पर खोए नाभकीय डिवाइस की उम्र 100 वर्ष थी, इसलिए अब भी उसका खतरा करीब 40 वर्षों तक रहेगा। अगर डिवाइस ऋषि गंगा में मिल जाती है तो पानी जहरीला हो सकता है और लोगों की मौत हो सकती है।

उन्होंने बताया कि डिवाइस इतना गर्म है कि बर्फीले गलेशियर को पूरी तरह पिघला सकता है। 23 जून 1965 को अलास्का के माउंट मैकिनली पर ट्रायल के बाद नंदा देवी पर टॉप सीक्रेट मिशन शुरू किया गया था। मौसम इतना खराब था कि लौटना पड़ा लेकिन डिवाइस लाने में असमर्थ थे। 1966 और 1967 में उसे खोजा गया और 1968 में सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया। टॉप सीक्रेट मिशन की जानकारी परिवार को भी नहीं थी। अमेरिकी एजेंट्स भी असली नाम इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। कोहली के मुताबिक वर्तमान में उस डिवाइस को खोजने की तकनीक है लेकिन खर्चा बहुत आएगा और भारत सरकार अपना पैसा लगाकर इसे खोजे या सीआईए को मनाए, यह सवाल बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि डिवाइस खोने पर सीआईए का व्यवहार रूखड़ हो गया और भारत सरकार भी इस पर स्पष्ट जवाब से बचती रही थी, जिससे भ्रम की स्थित पैदा हुई। डिवाइस एक्टिव नहीं थी, प्लूटोनियम कैप्सूल, जेनरेटर, दो ट्रांसमीटर सेट और रेडियो वेब्स को पकड़ने वाले एंटीना समेत चार हिस्सों में यह थी जोकि जुड़े नहीं थे, इसलिए चीन को इसकी भनक नहीं लगी होगी। कोहली ने बताया कि हॉलिवुड प्रॉड्यूसर स्कॉट रॉजनफेल्ट इस सत्य घटना पर फिल्म बना रहे हैं। स्क्रिप्ट तैयार है, निर्देशक ग्रेग मैक्लेन हैं और हो सकता है कि रणबीर कपूर उनकी भूमिका निभाएं। कोहली के मुताबिक फिल्म वालों ने रणबीर की मां से बात की है और 2020 से शूटिंग शुरू होगी।

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