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‘भारत वापस मांग सकता है अक्साई चीन?’ ड्रैगन के LAC क्रॉस करने की वजह पर बोले पूर्व नॉर्दर्न आर्मी कमाडिंग अफसर

लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग (रिटायर्ड) के अनुसार, 1962, 1965 और 1999 की तरह हमारी इंटेलीजेंस स्थिति की गंभीरता को भांपने में नाकाम रहीं। जिस तरह से चीनी सेना ने बॉर्डर पर बड़े स्तर पर लड़ाई की तैयारी की हुई है। हम समय पर इसका पता नहीं लगा सके।

Chinese Armyचीनी सेना ने लद्दाख बॉर्डर पर लड़ाई के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की हुई है। (AP Photo)

लद्दाख के ग्लवान घाटी इलाके में भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनाव चरम पर है। दोनों ही तरफ सेना की तैनाती बढ़ रही है। लद्दाख में पैंगोंग सो के उत्तरी किनारे, चेंग चेनमो नदी घाटी और डेमचोक इलाके में दोनों तरफ की सेनाएं आमने-सामने आ चुकी हैं। हालांकि बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश की जा रही है लेकिन इस बीच चीन ने सीमा पर सैनिकों के साथ ही टैंक और तोप की भी तैनाती कर दी है। ऐसी भी खबरें हैं कि उत्तराखंड से लगती सीमा पर भी चीन ने लड़ाकू विमानों की तैनाती कर दी है।

द प्रिंट में पब्लिश हुए एक लेख में सेना की नॉर्दर्न आर्मी के पूर्व कमांडिंग अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग (रिटायर्ड) ने बताया है कि ‘चीन भारत को संदेह की नजर से देखता है। उसे लगता है कि लंबे समय में भारत अक्साई चीन इलाके को रिकवर कर 1950 की स्थिति को बहाल कर सकता है। हाल के समय में भारत की अमेरिका से बढ़ती नजदीकियां, तिब्बत सरकार की भारत में मौजूदगी और जम्मू कश्मीर में संविधान संशोधन के बाद भारत ने जिस तरह से पीओके को लेकर उग्र रवैया अपनाया है, उससे चीन की चिंता और बढ़ गई है।’

यही वजह है कि चीन अक्साई चीन तक रणनीतिक पहुंच बनाने वाले सभी रास्तों पर अपना नियंत्रण बनाना चाहता है और लद्दाख ही वो एकमात्र रास्ता है। अब चूंकि भारत रणनीतिक रुप से अहम इस इलाके में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है तो इससे चीनी सेना की चिंता बढ़ी है। लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पनाग (रिटायर्ड) के अनुसार, 1962, 1965 और 1999 की तरह हमारी इंटेलीजेंस स्थिति की गंभीरता को भांपने में नाकाम रहीं। जिस तरह से चीनी सेना ने बॉर्डर पर बड़े स्तर पर लड़ाई की तैयारी की हुई है। हम समय पर इसका पता नहीं लगा सके।

इस मामले में हमारे देश के खूफिया विभाग की असफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि चीन ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पार कर 3-4 किलोमीटर के इलाके पर अपना नियंत्रण कर लिया है। साथ ही चेंग चेनमो नदी घाटी में भी थोड़ी घुसपैठ की खबर है। वहीं चीनी मीडिया भारत पर चीनी सीमा में घुसपैठ और चीनी सेना की पेट्रोलिंग को ब्लॉक करने का आरोप लगा रहा है।

एचएस पनाग के अनुसार, चीनी सेना ने बॉर्डर पर पूरी एक ब्रिगेड की तैनाती की है। साथ ही चीनी सेना ने क्षेत्र के ऊंचाई वाले रणनीतिक रूप से अहम इलाकों पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इसका असर ये होगा कि चीनी सेना 35-40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कंट्रोल कर सकती है।

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