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सैन्य स्तर पर लगातार दूसरी बार हुई 12 घंटे की मैराथन बैठक, पर बातचीत का असर नहीं? लंबे मुकाबले के लिए सेना कर रही खास तैयारी

भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव बढ़ने के बाद से अब तक तीन बार कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: July 1, 2020 10:39 AM
India China, India China Border,India China Faceoff: भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव सुलझाने के लिए लगातार सैन्य स्तर पर तीन बैठकें हो चुकी हैं। (फाइल फोटो-ANI)

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थितियों को नियंत्रण में लाने के लिए दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर की सैन्य वार्ता भी जारी है। हालांकि, इसका कोई खास नतीजा निकलता नजर नहीं आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और दक्षिणी शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर जनरल लियु लिन के बीच लद्दा के चुसुल में 12 घंटे तक बातचीत हुई। यह बैठक मंगलवार की रात 11 बजे खत्म हुई। हालांकि, पिछली दो मीटिंग की तरह ही इस बैठक से भी कुछ खास निकलने की उम्मीद कम ही है। माना जा रहा है कि चीन से तनाव कम करने के लिए अभी ऐसी कुछ और बैठकें होनी हैं।

बता दें कि इससे पहले दोनों कमांडरों के बीच 6 और 22 जून को भी बैठकें हुईं। दोनों में ही सीमा पर से सैन्य बढ़ोतरी को कम करने की बात कही गई। हालांकि, बीते कुछ दिनों की सैटेलाइट इमेजेस में सामने आया है कि चीन की तरफ से पैंगोंग सो के साथ गलवान घाटी और डेपसांग दर्रे के पास भी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई गई है। पैंगोंग सो में तो हेलिपैड का निर्माण शुरू होने की रिपोर्ट्स भी सामने आईं।

अब तक इन बैठकों को लेकर भारत और चीन दोनों ही तरफ से आधिकारिक बयान नहीं आए हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि 15-16 जून की रात सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प के बाद भारत ने चीन से पूरी तरह सीमा से पीछे हटने के लिए कहा है। इस दौरान भारतीय सेना खुद भी लंबे स्टैंडऑफ की तैयारी कर रही है, जो कि सर्दी तक जारी रह सकता है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों ही बैठकों में सेना की तरफ से सीमा पर अप्रैल जैसी स्थिति में लौटने और बल कम करने की मांग की गई, लेकिन टकराव वाली कुछ जगहों को छोड़कर अब तक इस ओर कुछ खास कदम नहीं उठाए गए हैं।

भारत ने अब सीमा पर अपने एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं। इन डिफेंस सिस्टम्स में भारत की हवाई सीमा का उल्लंघन करने वाले विमानों को मार गिराने की अचूक क्षमता है। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने यह डिफेंस सिस्टम उन जगहों पर ही लगाए हैं, जहां हाल ही में चीन ने भारत में घुसपैठ की कोशिशें की हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी जेट्स लगातार एलएसी के पास उड़ान भर रहे हैं। हाल ही में खबर आई थी कि चीन ने पैंगोंग सो के फिंगर-4 से लेकर फिंगर-8 तक के इलाके में हेलीपैड बनाने की तैयारियां कर ली हैं। ऐसे में भारतीय सेना अब चीन पर हर तरह से निगरानी कर रही है।

सीमा पर कैसी है भारत की तैयारी: भारत ने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर चीन पर नजर रखने के लिए अपने सुखोई-30 MKI विमानों के साथ अपग्रेडेड मिग-29 फाइटर जेट्स तैनात किए हैं। इसके अलावा एयरफोर्स अमेरिका से खरीदे गए अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर और चिनूक मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर के जरिए ऊंचाई वाले इलाकों पर नजर रख रही है। सीमा पर ही भारतीय सेना ने अमेरिका से खरीदी हुई एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपें तैनात की हैं। ये पहाड़ी इलाकों में भी अपने सटीक निशाने के लिए जानी जाती हैं।

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