ताज़ा खबर
 

गलवान में खूनी झड़प से एक महीने पहले भी आमने-सामने आ गई थीं भारत-चीन की सेनाएं; चीनी राजदूत का खुलासा, विदेश मंत्रालय भी माना

भारतीय और चीनी सेनाओं के सैनिकों के बीच 15-16 जून की दरमियानी रात टकराव हुआ था, तब कहा जा रहा था कि चीनी सेना ने अचानक भारत पर हमला किया, जिसका बिहार रेजिमेंट की तरफ से मुहंतोड़ जवाब दिया गया।

भारत चीन सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच तल्खियां बरकरार हैं। (फोटो-सोशल मीडिया)

भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव जारी है। चीन लगातार पीछे हटने की बात कहने के बावजूद एलएसी पर भारत के खिलाफ अपनी स्थिति मजबूत करता जा रहा है। इस बीच चीन ने सीमा पर दोनों देशों के टकराव को लेकर नया खुलासा किया है। इसके मुताबिक 15-16 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों का जो आमना-सामना हुआ, उसकी नींव एक महीने पहले ही पड़ चुकी थी। भारत में चीन के राजदूत सुन वीदोंग ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि गलवान घाटी में पहली बार भारत और चीन की सेनाएं मई की शुरुआत में ही आमने-सामने आ गई थीं। चीनी राजदूत के इस खुलासे के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी मई की शुरुआत में ही दोनों सेनाओं के टकराव की बात मानी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को रिपोर्टर्स को बातचीत के दौरान बताया कि चीनी सेना ने मई की शुरुआत में ही गलवान घाटी में भारत की पारंपरिक गश्ती की प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की। इसे लेकर दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने आ गए। बाद में इस मामले पर ग्राउंड कमांडर्स की चर्चा प्रोटोकॉल और अन्य समझौतों के तहत चर्चा हुई।

वहीं, चीनी राजदूत ने बीजिंग की तरफ से कहा कि भारतीय सेना ने 6 मई को गलवान घाटी में एलएसी पार की थी और उसके सैनिक चीनी जमीन पर पहुंच गए थे। वीदोंग ने आरोप लगाया कि भारतीय सैनिकों ने उनकी जमीन पर हिंसा की और दोनों देशों के बीच स्टैंडऑफ शुरू करने की कोशिश की। वीदोंग का यह भी कहना है कि भारतीय सेना चीनी धरती पर स्थायी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए कुछ इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण भी करना चाहती थी।

चीनी राजदूत की तरफ से गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के बीच पहले टकराव की तारीख 6 मई बताई गई है। इसी दौरान दोनों देशों की सेनाएं पैंगोंग सो पर भी टकराव की स्थिति में थीं, जिससे बाद में इस जगह पर चीनी सेना ने सैनिकों को जुटा लिया। सेना के सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि मई के पहले हफ्ते में भारत और चीन के गश्ती दल के बीच गलवान घाटी में पैट्रोल पॉइंट-14 पर टकराव पैदा हुआ था। हालांकि, यह पैंगोंग सो के जैसा नहीं था।

Next Stories
1 26 जून का इतिहासः आज ही के दिन सैन फ्रांसिस्को में 50 देशों ने संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए
2 रेग्युलर टाइम-टेबल वाली सभी यात्री सेवाएं 12 अगस्त तक के लिए कैंसल- Indian Railways का फैसला; जानें कितना मिलेगा रिफंड
3 Yes Bak Scam: 600 करोड़ रूपये रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई ने राणा कपूर और वधावन के खिलाफ दायर किया आरोप पत्र
यह पढ़ा क्या?
X