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पूर्वी लद्दाख गतिरोध पर भारत, चीन की सेनाएं विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सहमत

मंत्रालय ने कहा है कि सीमा पर शांति के लिए दोनों देश सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखेंगे। दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के तहत मामले को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने पर सहमत हुए हैं।

india china tensionभारत और चीन के बीच बैठक हुई। (फाइल फोटो)

भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध विवाद अब खत्म होने के आसार हैं। विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि भारत और चीन द्विपक्षीय समझौतों तथा दोनों देशों के नेताओं द्वारा दिये जाने वाले दिशानिर्देशों के अनुरूप सीमा मसले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सैन्य तथा राजनयिक वार्ता जारी रखने पर सहमत हो गए हैं। विदेश मंत्रालय ने पूर्वी लद्दाख गतिरोध पर दोनों देशों की उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता के परिणामों की जानकारी साझा करते हुए यह बात कही। दोनों देशों की सेनाओं के सैन्य कमांडरों ने शनिवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र में महीने भर से चले आ रहे गतिरोध को सुलझाने के प्रयास में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के चीन के भूभाग की तरफ माल्डो में विस्तृत वार्ता की।

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विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘बैठक सौहार्दपूर्ण तथा सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई और दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि उक्त मुद्दे के जल्द समाधान से दोनों देशों के बीच संबंधों का और अधिक विकास होगा।’’ मंत्रालय के बयान में कहा गया, ‘‘दोनों पक्ष विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और नेताओं के बीच बनी सहमति को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर राजी हो गए। नेताओं के बीच सहमति बनी थी कि भारत-चीन सीमा क्षेत्र में अमन-चैन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण विकास के लिए आवश्यक है।’’ चीन के शहर वुहान में 2018 में ऐतिहासिक अनौपचारिक शिखर-वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने द्विपक्षीय संबंधों के विकास के हित में भारत-चीन सीमा के सभी क्षेत्रों में अमन-चैन बनाये रखने के महत्व पर जोर दिया था।

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Highlights

    19:07 (IST)07 Jun 2020
    सैन्य अड्डों पर तोप, युद्धक सामान पहुंचा रहा चीन

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों  के हवाले से खबर दी है कि चीनी सेना एलएसी के निकट अपने पीछे के सैन्य अड्डों पर रणनीतिक रूप से जरूरी चीजों का धीरे-धीरे भंडारण कर रही है, जिनमें तोप, युद्धक वाहनों और भारी सैन्य उपकरणों आदि को वहां पहुंचाना शामिल है। उन्होंने कहा कि चीन ने उत्तरी सिक्किम और उत्तराखंड में वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे कुछ क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ायी है, जिसके बाद भारत भी अतिरिक्त सैनिकों को भेजकर अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है।

    18:22 (IST)07 Jun 2020
    उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता से एक दिन पहले हुई राजनयिक स्तर पर बाचतीत

    उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता से एक दिन पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत हुई और इस दौरान दोनों पक्षों में अपने “मतभेदों” का हल शांतिपूर्ण बातचीत के जरिये एक-दूसरे की संवेदनाओं और चिंताओं का ध्यान रखते हुए निकालने पर सहमति बनी थी।

    17:48 (IST)07 Jun 2020
    भारत ने अतिरिक्त चीनी सैनिकों की वापसी की मांग की

    जानकारी के अनुसार भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एलएसी पर सभी संवेदनशील क्षेत्रों में यथा स्थिति की पुन:बहाली के लिये दबाव बनाया और क्षेत्र से अतिरिक्त चीनी सैनिकों की वापसी की भी मांग की। सूत्रों ने कहा था कि भारत बैठक से किसी ठोस परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहा, लेकिन इसे महत्वपूर्ण मानता है क्योंकि उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता से तनावपूर्ण गतिरोध का बातचीत से समाधान का रास्ता निकल सकता है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया, जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिले के कमांडर मेजर जनरल लिऊ लिन ने किया।

    17:21 (IST)07 Jun 2020
    पाक ने सीपीईसी के तहत 7.2 अरब डॉलर की रेल लाइन उन्नयन परियोजना को मंजूरी दी

    पाकिस्तान ने सीपीईसी के तहत पेशावर और कराची के बीच 7.2 अरब डॉलर की रेल लाइन उन्नयन परियोजना को मंजूरी दी है। इस कदम से वित्त की उपलब्धता के लिये चीन से अंतिम वार्ता का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) असीम सलीम बाजवा ने कहा कि पेशावर से कराची के लिये 1,872 किमी लंबी रेल लाइन उन्नयन परियोजना की मंजूरी सीपीईसी के दूसरे चरण के लिये एक बड़ी उपलब्धि है।

    16:53 (IST)07 Jun 2020
    73 दिन चला था डोकलाम में भारत-चीन के बीच गतिरोध

    डोकलाम में भारत और चीन की सेनाओं के बीच 73 दिन तक गतिरोध बना रहा था। इसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी। इस गतिरोध ने दोनों एशियाई महाशक्तियों के बीच युद्ध की आशंकाओं को पैदा कर दिया था। विदेश मंत्रालय ने शनिवार की सैन्य वार्ता के संदर्भ में कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि इस साल दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है और वे इस पर राजी हुए कि इस मसले के जल्द समाधान से संबंधों का और विकास होगा।’’

    15:36 (IST)07 Jun 2020
    चीन रूस के संबंधों में आयी मजबूती

    इस समय दुनिया में राजनैतिक समीकरण बदल रहे हैं। कुछ साल पहले जहां रुस और चीन के बीच तनातनी का माहौल था, वहीं अब दोनों देश तेजी से एक दूसरे के करीब आ रहे हैं। दोनों कम्यूनिस्ट देशों की निकटता से अमेरिका की चिंता बढ़ रही है। वहीं दोनों देशों के संबंधों में आ रही प्रगाढ़ता का असर साउथ एशिया में पड़ रहा है। चीन के साथ नजदीकी के चलते पाकिस्तान भी रुस के करीब जा रहा है। वहीं लंबे समय से नजदीक रहे रूस और भारत के संबंधों में अब शिथिलता आ रही है और भारत अमेरिका के ज्यादा करीब जा रहा है। 

    14:12 (IST)07 Jun 2020
    चीन को सता रहा CPEC का डर

    चीन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले पीओके में अपनी महत्वकांक्षी योजना CPEC की चिंता सता रही है। दरअसल भारत द्वारा बीते साल जम्मू कश्मीर के स्पेशल स्टेटस को खत्म कर दिया गया है और साथ ही भारत सरकार ने पीओके पर भी अपना दावा मजबूत किया है। यही वजह है कि चीन को भारत के आक्रामक रुख की वजह से सीपेक के भविष्य की चिंता सता रही है। 

    12:37 (IST)07 Jun 2020
    नेपाल को भी उकसा रहा चीन

    नेपाल की मौजूदा केपी ओली सरकार चीन के ज्यादा करीबी है। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया था कि बीते दिनों केपी ओली की सरकार गिरने की नौबत आ गई थी। जिसके बाद नेपाल में मौजूद चीन की राजदूत ने सरकार और नेपाल के कई बड़े नेताओं से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि केपी ओली की सरकार को गिरने से बचाने में चीन ने अहम भूमिका निभायी थी। इसके कुछ दिन बाद ही नेपाल सरकार की तरफ से कोरोना को लेकर भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की गई थी। 

    12:34 (IST)07 Jun 2020
    मई महीने में सीमा पर तीन बार हुई भारत-चीन सैनिकों की झड़प

    मई माह में भारत और चीन के सैनिकों के बीच तीन बार सीमा पर झड़पें हुई। पहली बार 5-6 मई को लद्दाख के फिंगर5 इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई। इसके बाद 9 मई को दो जगह एक उत्तरी सिक्किम सीमा पर और दूसरी लद्दाख में एलएसी पर सैनिक आमने सामने आ गए थे।

    11:06 (IST)07 Jun 2020
    भारत के पड़ोसी देशों में निवेश बढ़ा रहा चीन

    चीन भारत को घेरने के लिए इसके पड़ोसी देशों में अपना निवेश बढ़ा रहा है, ताकि वहां अपना प्रभाव जमा सके। इस कड़ी में चीन ने पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल में अरबों डॉलर का निवेश किया है। इसका असर दक्षिण एशिया की राजनीति पर पड़ रहा है और इन देशों में चीन का दखल लगातार बढ़ रहा है। इससे भारत की चिंता बढ़ना स्वभाविक है। 

    10:12 (IST)07 Jun 2020
    भारत और चीन के बीच विवाद के निपटारे के लिए मिलिट्री और डिप्लोमैटिक बातचीत जारी रहेगीः विदेश मंत्रालय

    भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की बातचीत के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 'दोनों देश विवाद के समाधान के लिए मिलिट्री और डिप्लोमैटिक स्तर पर बातचीत करते रहेंगे ताकि सीमा पर शांति कायम की जा सके।'

    10:07 (IST)07 Jun 2020
    भारत-चीन शांतिपूर्वक सीमा समाधान के लिए सहमतः भारतीय विदेश मंत्रालय

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारत-चीन सीमा विवाद पर दिए अपने एक बयान में कहा है कि दोनों देश सीमा पर द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्वक समाधान के लिए सहमत हैं। यह द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए भी जरूरी है। दोनों देश इस साल अपने कूटनीतिक संबंधों की 70वीं सालगिरह मना रहे हैं। दोनों देशों का मानना है कि शुरुआती प्रस्ताव दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने में सहयोग देगा।

    09:59 (IST)07 Jun 2020
    चाइनीज मीडिया बोला- पड़ोसियों के साथ शांति चाहता है चीन

    चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक संपादकीय में लिखा है कि भारत को अमेरिका के झांसे में नहीं आना चाहिए। अमेरिका भारत-चीन युद्ध से फायदा लेना चाहता है। चीन भारत के साथ युद्ध नहीं चाहता है। चीन की नेशनल पॉलिसी पड़ोसियों के साथ शांति कायम रखने की रही है।

    09:00 (IST)07 Jun 2020
    नेपाल ने भी भेजा बातचीत का प्रस्ताव

    भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद के दौरान नेपाल ने भी भारत के पास बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। नेपाल ने एक डिप्लोमैटिक नोट के जरिए कालापानी, लिपुलेख इलाकों को लेकर दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद पर विदेश सचिव स्तर की बातचीत का प्रस्ताव दिया है। यह बैठक वर्चुअल हो सकती है। 

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