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अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने पांच युवकों की रिहाई पर सेना और मोदी सरकार को कहा शुक्रिया

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि चीन के भड़काऊ रवैये की वजह से एलएसी पर तनाव बढ़ा है।

Chinese Troopsचीन ने पांच युवकों को अरुणाचल प्रदेश स्थित एलएसी से अगवा कर लिया था। (फोटो- PRO डिफेंस, तेजपुर)

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने चीन से पांच युवाओं की सुरक्षित रिहाई के लिए सेना और केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा किया है । उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह जानकर खुशी हुई कि चीनी सेना ने अरूणाचल के हमारे पांच युवकों को भारतीय सेना के हवाले कर दिया है। मैं उनकी सुरक्षित रिहाई के लिए (केंद्र) सरकार और भारतीय सेना का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।’’ यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब पूर्वी लद्दाख में काफी समय से भारत और चीन के बीच गतिरोध चल रहा है।

जिले के नाचो इलाके के ग्रामीण युवक दो सितंबर को जंगल में शिकार करने गए थे। उन्हें सेरा-7 से चीनी सैनिक कथित तौर पर ले गए। सेरा-7 सेना का गश्ती क्षेत्र है जो नाचो के उत्तर में 12 किमी की दूरी पर स्थित है। ये युवक भारतीय सेना के लिए माल ढुलाई का काम करते थे। उनके परिजनों ने लापता होने के बारे में सोशल मीडिया पर आवाज उठायी थी।

बता दें कि भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर पिछले चार महीनों से तनाव जारी है। हालांकि, इस बीच चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अरुणाचल प्रदेश स्थित एलएसी से अगवा किए गए भारतीय युवकों को लौटा दिया है। इससे कुछ देर पहले ही चीनी मीडिया ने भारत के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाते हुए अगवा भारतीयों को जासूस करार दे दिया था। ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू शिजिन ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश से जो पांच अरुणाचल प्रदेश के युवक कथित तौर पर अगवा किए गए थे, वे असल में भारत के जासूस थे, जो खुद शिकारी के वेष में घूम रहे थे। वे एलएसी पार कर चीन के तिब्बत स्थित शनान प्रीफेक्चर के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहे थे। उन्हें चीनी सेना ने पकड़ लिया और अब चेतावनी देने के बाद उन्हें जल्द ही छोड़ दिया जाएगा।

 

Live Blog

Highlights

    06:20 (IST)13 Sep 2020
    अमेरिका पिछले साल अक्टूबर में लागू कदमों को वापस ले: चीन

    चीन के प्रवक्ता ने कहा कि उनके देश '' दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में सामान्य आदान-प्रदान और सहयोग का समर्थन किया है।'' अगर अमेरिका पिछले साल अक्टूबर में लागू कदमों को वापस ले ले तो वह अपने यहां राजनयिकों पर प्रतिबंध हटा सकता है।

    05:57 (IST)13 Sep 2020
    चीन ने अमेरिका से गलती मानने को कहा

    चीन ने कहा, ''एक बार फिर हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह अपनी गलतियों को सुधारें और चीन के दूतावास और उसके कर्मियों पर लगे अनुचित प्रतिबंध हटाएं और चीन भी अमेरिका के कदमों पर परस्पर कदम उठाएगा। हालांकि अभी नए प्रतिबंधों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिका के राजनयिकों पर पहले से ही चीन के किसी भी हिस्से में जाने और कॉलेज परिसरों तक पहुंच के लिए प्रतिबंध है।

    05:32 (IST)13 Sep 2020
    चीन ने अमेरिका के राजनयिकों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की

    चीन और हांगकांग में काम कर रहे अमेरिका के राजनयिकों की गतिवधियों पर चीन ने नए प्रतिबंधों की घोषणा की है और इसे पिछले साल अमेरिका में चीन के राजनयिकों पर लगे इसी तरह के प्रतिबंध की प्रतिक्रिया के रूप में उचित कदम करार दिया है।

    04:27 (IST)13 Sep 2020
    विपक्षी सदस्यों ने भारत-चीन तनाव पर चर्चा के लिए संसद में नोटिस दिया : सूत्र

    विपक्षी दलों के कई सदस्यों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) पर भारत-चीन के बीच चल रहे गतिरोध पर संसद में चर्चा कराने के लिए लिए नोटिस दिया है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विपक्षी नेताओं द्वारा संसद के दोनों सदनों के पटल पर सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाए जाने की उम्मीद है।

    02:46 (IST)13 Sep 2020
    चीन ने कहा-भारत अपनी सेना वापस बुलाए

    भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में हुई बैठक के बाद चीन ने कहा है कि भारतीय सेना को एलएसी से वापस बुलाया जाना चाहिए। बताया गया है कि दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के तीन घंटे बाद ही चीनी दूतावास ने ईमेल कर कहा था कि भारत को एलएसी पार कर आए सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया था कि चीन आगे वार्ता को बढ़ावा देने का इच्छुक है।

    21:12 (IST)12 Sep 2020
    चीन से विवाद के बीच वायु सेना ने उत्तराखंड में गतिविधियों के लिए सीएम से मांगी जमीन

    वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच मध्य वायु(सेना) कमान प्रमुख, एयर मार्शल राजेश कुमार ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में वायुसेना को अपनी गतिवधियों में मदद करने वाली सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिये रावत से जमीन देने का अनुरोध किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मध्य वायु(सेना) कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (एओसी-इन-सी) ने शुक्रवार को रावत से अपनी मुलाकात के दौरान राज्य के पर्वतीय इलाकों में वायु रक्षा रेडार और लड़ाकू विमानों के उतरने के लिये जमीन की उपलब्धता पर भी चर्चा की। इस क्षेत्र के सामरिक महत्व को देखते हुए यह पहल की गई है। उत्तराखंड की सीमा चीन और नेपाल से लगती है। एयर मार्शल कुमार ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में वायु रक्षा रेडार और ‘एडवांस लैंडिंग ग्राउंड’ जैसी सुविधाएं स्थापित करने से वायुसेना को काफी मदद मिलेगी क्योंकि ये देश के उत्तरपूर्व में हैं।

    15:38 (IST)12 Sep 2020
    विदेश मंत्री जयशंकर बोले- जब तक चीन पीछे नहीं हटेगा, हम कोई कदम नहीं उठाएंगे

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच हुई मुलाकात के बाद एलएसी पर दोनों देशों में तनाव घटने की उम्मीद जताई जा रही है। चीन ने मीटिंग के ठीक बाद भारत से अपनी सेना को पीछे करने के लिए कहा भी। हालांकि, जयशंकर ने साफ कर दिया कि जब तक चीन सेनाओं को पीछे नहीं हटाता, तब तक हम कोई कदम नहीं उठाएंगे। बता दें कि भारत पहले भी जून में चीन की बात मानकर गलवान घाटी जैसी घटना देख चुका है।

    15:24 (IST)12 Sep 2020
    शरद पवार ने कहा- केंद्र से मांगेंगे लद्दाख के हालात पर प्रेजेंटेशन

    रक्षा मामलों की संसदीय समिति की मीटिंग में शुक्रवार को राहुल के अलावा राकांपा नेता शरद पवार भी शामिल हुए थे, जिन्होंने हाल ही में कहा है कि वे एलएसी पर जारी भारत-चीन के तनाव पर केंद्र सरकार से प्रेजेंटेशन देने की मांग करेंगे, ताकि लद्दाख की स्थिति का सही अंदाजा लगाया जा सके।

    14:52 (IST)12 Sep 2020
    चीन की वायरोलॉजिस्ट का दावा- वुहान की लैबन में बना कोरोनावायरस

    चीन की ही एक मशहूर वायरॉलजिस्ट ने कहा है कि कोरोनावायरस चीन की लैब में ही बना है। उन्होंने इसके सबूत पेश कर यह भी साबित करने की बात कही है कि वायरस इंसानों का बनाया था। हॉन्गकॉन्ग स्कूल चीन की वायरॉलजिस्ट डॉ. ली-मेंग यान ने दावा किया है कि बीजिंग को कोरोना के बारे में तब ही पता चल गया था महामारी फैलना शुरू नहीं हुई थी। मेंग यान चीन में अपनी जान पर खतरा महसूस करने लगी थीं, इसीलिए वह अमेरिका चली गईं और अब किसी खुफिया जगह पर रह रही हैं। डॉ ली मेंग यान का कहना है कि चीन सरकार ने उनसे जुड़ी सभी जानकारियों को अपने सरकारी डेटाबेस से हटा दिया है।

    14:22 (IST)12 Sep 2020
    चीन बलपूर्वक हमसे जमीन छीनने की कोशिश करेगा, यशवंत सिन्हा ने चेताया

    भारत के पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा नेता रह चुके यशवंत सिन्हा ने सीमा विवाद को लेकर चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चीन एक दुष्ट और धोखेबाज देश है। वह सिर्फ एक साम्राज्यवादी देश है, जो दूसरे देशों की जमीन हड़पने में आगे है। सिन्हा ने कहा कि चीन बल प्रयोग कर के हमारी जमीन लेने की कोशिश करेगा। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। पढ़ें पूरी खबर...

    13:52 (IST)12 Sep 2020
    चीन ने अरुणाचल से अगवा नागरिक भारत को सौंपे, क्वारैंटाइन में भेजे गए

    चीन ने अरुणाचल प्रदेश से अगवा किए गए पांचों युवकों को आखिरकार भारत को सौंप दिया है। तेजपुर के पीआरओ डिफेंस ने बताया कि पांचों को किबितु में हैंडओवर किया गया। सभी को 14 दिन के लिए क्वारैंटाइन किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें घर लौटाया जाएगा। बता दें कि चीन ने पांचों को 4 सितंबर को किडनैप कर लिया था।

    13:23 (IST)12 Sep 2020
    विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद चीन ने कहा- भारत एलएसी से अपनी सेना वापस बुलाए

    भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में हुई बैठक के बाद चीन ने कहा है कि भारतीय सेना को एलएसी से वापस बुलाया जाना चाहिए। बताया गया है कि दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के तीन घंटे बाद ही चीनी दूतावास ने ईमेल कर कहा था कि भारत को एलएसी पार कर आए सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया था कि चीन आगे वार्ता को बढ़ावा देने का इच्छुक है।

    12:53 (IST)12 Sep 2020
    चीन पर रणनीति तैयार करने के लिए एनएसए अजीत डोभाल कर सकते हैं बैठक

    भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीन से सीमा विवाद सुलझाने के लिए विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किए गए अजीत डोभाल चीन की हर एक गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। बताया गया है कि डोभाल आज चाइना स्टडी ग्रुप (सीएसजी) की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। इस बैठक में भारत-चीन के बीच कमांडर स्तर की बातचीत के लिए भारत का एजेंडा तय किया जाएगा। कोर कमांडर स्तर की यह बैठक अगले हफ्ते हो सकती है। बता दें कि विदेश मंत्री जयशंकर की मॉस्को में अपने समकक्ष वांग यी से मुलाकात के बाद यह वार्ता तय हुई है।

    12:24 (IST)12 Sep 2020
    चीन ने अमेरिकी राजनयिकों पर लगाए प्रतिबंध

    चीन और हांगकांग में काम कर रहे अमेरिका के राजनयिकों की गतिवधियों पर चीन ने नए प्रतिबंधों की घोषणा की है और इसे पिछले साल अमेरिका में चीन के राजनयिकों पर लगे इसी तरह के प्रतिबंध की प्रतिक्रिया के रूप में उचित कदम करार दिया है। शुक्रवार देर रात जारी ऑनलाइन बयान में विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह नियम बीजिंग में अमेरिकी दूतावास और पूरे चीन में स्थित वाणिज्य दूतावासों के वरिष्ठ राजनयिकों एवं अन्य कर्मियों पर लागू होगा। हालांकि प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने 'दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में सामान्य आदान-प्रदान और सहयोग का समर्थन किया है।' अगर अमेरिका पिछले साल अक्टूबर में लागू कदमों को वापस ले ले तो यह प्रतिबंध हटाया जा सकता है। 

    11:50 (IST)12 Sep 2020
    आज ही भारत लौटाए जाएंगे अरुणाचल से अगवा 5 युवक

    चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि सैनिकों और उपकरणों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से हटा लिया जाना चाहिए। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच अगले हफ्ते की शुरुआत में कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता का एक नया दौर आयोजित करने की उम्मीद है, दोनों देशों के बीच पांच-बिंदु समझौते के कुछ प्रावधानों को लागू करने पर ध्यान देने के साथ पूर्वी लद्दाख में स्थिति को सामान्य करने के लिए है। चीनी सेना ने भारतीय सेना को अरुणाचल प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना को सौंपने की पुष्टि की है। यह हैंडओवर का काम कल किसी भी समय किया जा सकता है। इसकी लोकेशन तय कर ली गई है।

    11:20 (IST)12 Sep 2020
    लद्दाख में तनाव कम करने के लिए बातचीत पर रूस ने की भारत-चीन की तारीफ

    रूस ने पूर्वी लद्दाख में तनाव को कम करने के लिए हुई बातचीत पर भारत और चीन का स्वागत किया, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि वह "बहुत खुश हैं" कि वह अपने भारतीय और चीनी समकक्षों को एक "बहुत अच्छी तरह से" समय के लिए एक मंच प्रदान कर सके। जयशंकर और वांग के बीच द्विपक्षीय बैठक में उन्होंने कहा, "यह एक बहुत ही उत्पादक और बहुत अच्छी तरह से समय पर बैठक थी और मैं बहुत खुश हूं कि यह हुआ।"

    10:49 (IST)12 Sep 2020
    SAARC मंत्रीपरिषद की बैठक में शामिल होगा भारत

    भारत इस साल सितंबर के अंत में होने वाली सार्क मंत्रिपरिषद की बैठक में शामिल होगा। इसमें पाकिस्तान सहित अन्य सदस्य देश भी हिस्सा लेंगे। इस बार नेपाल समित की अध्यक्षता करेगा। बता दें कि सार्क की पूर्ण बैठक का आयोजन 2016 से नहीं हुआ है। भारत लगातार पाकिस्तान के आतंक फैलाने की वजह से सार्क की बैठकों में व्यवधान आया है। हालांकि, चीन से विवाद के बीच भारत पड़ोसी देशों को स्थितियों से अवगत कराने के साथ उन्हें साथ में लेना चाहेगा। 

    10:15 (IST)12 Sep 2020
    रक्षा मामलों की संसदीय समिति में राहुल गांधी का CDS से हुआ सामना

    भारत और चीन के बीच लद्दाख स्थित एलएसी पर जारी तनाव के बीच रक्षा मामलों की संसदीय समिति ने शुक्रवार को भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत को पेश होने के लिए बुलाया गया। बताया गया है कि इसमें उनसे लद्दाख की स्थितियों पर सवाल पूछे गए। संसदीय समिति की बैठक में पहली बार पहुंचे राहुल गांधी ने भी सीडीएस से सैनिकों के खाने की गुणवत्ता और सर्दी के इंतजामों पर सवाल पूछे। पढ़ें पूरी खबर...

    09:42 (IST)12 Sep 2020
    विदेश मंत्रियों के बीच सेना हटाने पर सहमति के बावजूद लद्दाख में जमे हैं सैन्यबल

    लद्दाख स्थित एलएसी पर भारत और चीन के सैनिक अब भी आमने-सामने हैं। दोनों ही तरफ से अब तक पीछे हटने के कदम नहीं उठाए गए हैं। यह हालात तब हैं, जब दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने तनाव कम करने के लिए सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति जताई। हालांकि, इस बीच बताया गया है कि दोनों तरफ से फाइटर जेट्स की उड़ानों में कमी आई है। बताया गया है कि जमीन पर हालात बदलने के लिए 17 सितंबर को सैन्य स्तर पर बातचीत होगी।

    09:14 (IST)12 Sep 2020
    सेना प्रमुख ने राजनाथ सिंह को दी एलएसी में सेना की स्थिति की जानकारी

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि बैठक में पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर इस सप्ताह के शुरू में दोनों पक्षों के बीच हुए ताजा टकराव के मद्देनजर सुरक्षा परिदृश्य की समग्र समीक्षा भी की गई। इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, ‘बैठक में दोनों देशों के बीच हुए समझौते पर भी चर्चा हुई।’ बैठक में जनरल नरवणे ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सेना की युद्धक तैयारी के बारे में जानकारी दी और भीषण सर्दी के महीनों में बलों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रखने संबंधी योजनाओं की भी जानकारी दी।

    08:40 (IST)12 Sep 2020
    शरद पवार बोले- भारत-चीन एलएसी पर हालात जानने के लिए केंद्र से प्रेजेंटेशन देने को कहेंगे

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि वे सरकार को भारत-चीन एलएसी के मुद्दे पर एक प्रेजेंटेशन पेश करने के लिए कहेंगे। ताकि सभी को लद्दाख की स्थिति का अंदाजा लग सके। दरअसल पवार इस वक्त दिल्ली में रक्षा मामलों से जुड़ी संसदीय कमेटी की मीटिंग में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हम एलएसी पर जारी गतिविधियों को लेकर परेशान हैं। इसलिए केंद्र से इस पर जवाब मांगा जाएगा।

    08:12 (IST)12 Sep 2020
    अरुणाचल से लापता हुए पांच युवकों को भारत को सौंपेगी चीनी सेना

    लद्दाख स्थित एलएसी पर पर जारी तनाव के बीच बीते दिनों अरुणाचल प्रदेश से गायब हुए पांच युवकों को आज चीनी सेना भारत को सौंप सकती है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश से लापता हुए पांच युवकों को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) शनिवार को भारतीय अधिकारियों को सौंप सकती है। बता दें कि चीनी सेना पीएलए ने मंगलवार को कहा था कि चार सितंबर को अपर सुबनसिरी जिले में भारत-चीन सीमा से लापता हुए पांच युवक उन्हें सीमापार मिले थे। 

    07:31 (IST)12 Sep 2020
    चीन-पाक की दोहरी चुनौती के लिए वायुसेना को 45 स्क्वाड्रन की जरूरत

    भारतीय वायुसेना के पास अभी 33 फाइटर स्कवॉड्रन हैं। सरकार ने वायुसेना को 42 स्कावॉड्रन की मंजूरी दी है लेकिन यदि चीन और पाकिस्तान के दोहरे मोर्चे पर भारत को एक साथ लड़ना पड़ा तो उस स्थिति में 45 स्कवॉड्रन की जरूरत पड़ेगी। गौरतलब है कि वायुसेना के आधे विमान अगले एक दशक में सेवा में नहीं रहेंगे।

    06:23 (IST)12 Sep 2020
    भारतीय सेना ने पैंगोंग झील क्षेत्र में कई रणनीतिक चोटियों पर दबदबा मजबूत किया

    भारतीय सेना ने पिछले कुछ दिनों में पैंगोंग झील क्षेत्र में कई रणनीतिक चोटियों पर अपना दबदबा मजबूत किया है जहां से चीन के ठिकानों पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि फिंगर 4 इलाके में मौजूद चीनी सैनिकों पर लगातार नजर रखने के लिए पर्वत चोटियों और सामरिक ठिकानों पर भारतीय सेना ने अतिरिक्त कुमुक भेजी है। पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर 4 से फिंगर 8 तक के इलाकों में चीनी सैनिक मौजूद हैं, लेकिन कई ऊंची चोटियों पर भारतीय सेना ने नियंत्रण कर लिया है।

    06:06 (IST)12 Sep 2020
    भारत ने एलएसी पर चीनी सैन्य बलों के जुटने पर जताई चिंता

    विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच मास्को में गुरुवार रात हुई बातचीत में भारत ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीन द्वारा बड़ी संख्या में बलों और सैन्य उपकरणों की तैनाती पर चिंता जताई। वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत व चीन ने सहमति जताई कि दोनों पक्षों को मतभेदों को विवादों में न बदला जाए।

    04:48 (IST)12 Sep 2020
    समझौते की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समीक्षा की

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के बीच हुए पांच सूत्री समझौते पर शुक्रवार को चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, वायुसेना प्रमुख एअर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल कर्मबीर सिंह व अन्य अधिकारी शामिल थे।

    03:31 (IST)12 Sep 2020
    दोनों देश तनाव बढ़ने से रोकने पर सहमत

    दोनों मंत्री इस बात पर सहमत हुए कि दोनों पक्ष चीन-भारत सीमा मामले संबंधी सभी मौजूदा समझौतों और नियमों का पालन करेंगे, शांति बनाए रखेंगे तथा किसी भी ऐसी कार्रवाई से बचेंगे, जो तनाव बढ़ा सकती है।

    02:32 (IST)12 Sep 2020
    अगले सप्ताह होगी कोर कमांडर स्तर की वार्ता

    पूर्वी लद्दाख में तनाव कम करने के लिए भारत और चीन की सेनाओं के बीच अगले सप्ताह की शुरुआत में कोर कमांडर स्तर की बातचीत होने की संभावना है। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच पांच सूत्री समझौते के कुछ प्रावधानों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को इस बारे में बताया ।

    23:14 (IST)11 Sep 2020
    भारत ने चीन से कहा

    भारत ने चीन से कहा, "भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए" तत्काल कार्य, "सभी टकराव के क्षेत्रों में सैनिकों को हटाने को सुनिश्चित करने के लिए" है।

    22:41 (IST)11 Sep 2020
    चीफ ऑफ स्टाफ डिफेंस ने बताया

    भारत की सशस्त्र सेना किसी भी स्थिति के लिए तैयार है, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने आज संसद की स्थायी समिति को बताया, यहां तक ​​कि भारत और चीन के बीच तनाव LAC के साथ "चीनी सीमावर्ती सैनिकों के भड़काऊ व्यवहार" के बाद भी है - लाइन ऑफ एक्चुअल नियंत्रण, जो दोनों देशों के बीच डी फैक्टर बॉर्डर के रूप में कार्य करता है।

    22:04 (IST)11 Sep 2020
    6-8 स्कवॉड्रन जल्द ही बढ़ानी होंगी

    भारत को अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए कम से कम 6-8 स्कवॉड्रन जल्द ही बढ़ानी होंगी। वहीं चीन की बात करें तो चीन के पास 62-65 लड़ाकू विमानों की स्कवॉड्रन हैं। साथ ही हेलीकॉप्टर, टोही और मालवाहक विमान समेत करीब 3000 विमान भी हैं। चीन के पास जे-20 जैसा उन्नत लड़ाकू विमान भी है।

    21:37 (IST)11 Sep 2020
    पूरी स्थिति पर किया गया है विचार विमर्श

    यह पता चला है कि सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवाना ने लद्दाख में पूरी स्थिति पर और साथ ही सेना मुख्यालय में शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ समझौते के प्रावधानों पर विचार-विमर्श किया।

    21:09 (IST)11 Sep 2020
    सीमा विवाद हल करने की कोशिश

    भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच शंघाई सहयोग के अवसर पर पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को हल करने के लिए पांच-सूत्री सहमति पर पहुंच गए।

    20:23 (IST)11 Sep 2020
    NSA कर रहे पीएम के साथ मीटिंग

    चीन के साथ महीनों से चले आ रहे गतिरोध और पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की स्थिति पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक कर रहे हैं।

    19:35 (IST)11 Sep 2020
    भारत ने हासिल किया कई देशों का समर्थन

    भारत ने कूटनीतिक स्तर पर प्रयास किए और अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के साथ ही फ्रांस समेत दुनिया के कई अहम देशों का समर्थन हासिल कर लिया। वैश्विक स्तर पर भारत को मिले समर्थन से चीन पर दबाव बढ़ा और उसी का नतीजा था कि एससीओ मीटिंग में चीन ने रक्षा मंत्री स्तर की बातचीत की और अब विदेश मंत्री स्तर की बातचीत में तनाव को कम करने की दिशा में बात हुई। हालांकि सीमा पर स्थिति अभी भी चिंताजनक और तनावपूर्ण है लेकिन बातचीत की उम्मीद जगी है।

    19:03 (IST)11 Sep 2020
    भारती चीन सीमा पर तनाव कम होने की आस जगी

    भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच मॉस्को में हुई बातचीत के बाद से सीमा पर तनाव कम होने की आस जगी है। दोनों नेताओं के बीच तनाव को कम करने के लिए बातचीत के लिए पांच पॉइंट पर सहमति बनी है। सीमा विवाद को लेकर बीते चार माह से आक्रामक रुख अपनाए चीन को बातचीत की मेज पर फिर से लाने में भारत की कूटनीति का बहुत बड़ा हाथ रहा। दरअसल सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत के बाद भी चीन आक्रामक रुख अपनाए हुए था और अपने सैनिकों को पीछे हटाने के लिए तैयार नहीं था।

    18:26 (IST)11 Sep 2020
    क्यों राफेल को पसंद करते हैं सबसे ज्यादा

    तकनीकी पहलुओं की बात करें तो रफ़ाल परमाणु मिसाइल डिलीवर करने में सक्षम है. ये दुनिया के सबसे शानदार और बेहतरीन हथियारों को इस्तेमाल करने की क्षमता रखता है। रफ़ाल एक ऐसा लड़ाकू विमान है जो अपनी खूबियों से ज़्यादा अपने बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से दुनिया भर में पसंद किया जाता है।

    17:40 (IST)11 Sep 2020
    चीनी मीडिया का दावा- भारत और चीन के लॉजिस्टिक सपोर्ट की कोई तुलना नहीं

    ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक जहां विवाद चल रहा है, वो एक पहाड़ी इलाका है और दोनों ही पक्षों के लिए वहां बड़ी संख्या में सेना की तैनाती करना काफी मुश्किल होगा। इसलिए यहां ताकत और इच्छाशक्ति की परीक्षा होगी। भारतीय सेना की लॉजिस्टिक सपोर्ट का पीएलए से कोई मुकाबला ही नहीं है, इसलिए कई भारतीय सैनिक ठंड और मुश्किल मौसम के चलते परेशान होंगे।

    17:11 (IST)11 Sep 2020
    'भारत 7 नवंबर 1959 की एलएसी को नहीं मानता है, चीन को जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए'

    चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीन को कूटनीतिक स्तर पर भारत की बात सुननी ही नहीं चाहिए बल्कि उसकी कार्रवाई पर भी नजर रखनी चाहिए। भारत 7 नवंबर 1959 की एलएसी को नहीं मानता है और अभी भी 1962 की हार का बोझ उठाए हुए है। चीन को युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए और जैसे ही राजनयिक स्तर की बातचीत असफल होती है तो हमारी सेना को जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

    16:56 (IST)11 Sep 2020
    ग्लोबल टाइम्स के संपादक बोले- युद्ध हुआ तो बहुत जल्द हार जाएगी भारतीय सेना

    ग्लोबल टाइम्स के संपादक हू जिजिन ने एक ट्वीट कर लिखा है कि 'यदि भारतीय सैनिक पैंगोंग झील के दक्षिणी तट से पीछे नहीं हटते हैं तो पीएलए पूरी सर्दियों तक वहीं जमी रहेगी। भारत की लॉजिस्टिक सपोर्ट कमजोर है। कई भारतीय सैनिक ठंड के कारण या फिर कोरोना के कारण मर जाएंगे। यदि युद्ध हुआ तो भारतीय सेना की जल्द ही हार हो जाएगी।'

    16:29 (IST)11 Sep 2020
    भारत ने फिंगर 4 की चोटी पर डटे चीनी सैनिकों की घेराबंदी की

    भारतीय सेना ने पैंगोंग झील इलाके में फिंगर 4 की चोटी पर डटे चीनी सैनिकों की घेराबंदी कर ली है। इससे भारतीय सेना चीनी सैनिकों की हर गतिविधि पर नजर रखने में सक्षम हो गई है। भारतीय सेना ने फिंगर 4 के सामने की चोटियों पर अपने सैनिकों की तैनाती कर दी है। साथ ही भारतीय सैनिक ऊंची चोटियों से पैंगोंग त्सो झील इलाके में भी निगरानी कर रहे हैं। हाल ही में भारत ने अपनी रणनीतिक पोजिशन बेहतर की है, जिससे लद्दाख के इस पहाड़ी इलाके में भारतीय सेना बेहतर स्थिति में है।

    15:19 (IST)11 Sep 2020
    चीनी मीडिया ने फिर दिखाई गीदड़भभकी, कहा- सर्दियों में चलेगा पता, कौन किसे मात देगा!

    भारत के साथ सीमा पर जारी विवाद के बीच चीनी मीडिया ने फिर से गीदड़भभकी दिखाई है। अपने ताजा लेख में चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत की लॉजिस्टिक सपोर्ट कमजोर है और सर्दियों में पता चल जाएगा कि कौन किसे मात देगा?

    14:44 (IST)11 Sep 2020
    क्वाड के चलते हिंद महासागर में भारत का बढ़ा दबदबा

    भारत चार देशों के मजबूत फोरम क्वाड का भी हिस्सा है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग बहुपक्षीय मंचों पर जुड़ना चीन के खिलाफ मोर्चेबंदी नहीं है लेकिन यह गठजोड़ भारत के प्रति प्रभावी देशों के भरोसे को जरूर दिखाता है।

    14:43 (IST)11 Sep 2020
    भारत को मिला ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस का समर्थन

    चीन के साथ जारी सीमा विवाद में भारत को ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस का सामरिक, रणनीतिक मुद्दों पर मजबूत समर्थन मिला है। तीनों देशों के प्रतिनिधियों की वर्चुअल मीटिंग हुई, जिसमें भारत की तरफ से विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला शामिल हुए। हिंद महासागर में भारत, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस की साझेदारी से चीन की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। तीनों देशों में हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई।

    13:36 (IST)11 Sep 2020
    भारतीय विदेश मंत्री की रूस के साथ बैठक रही सकारात्मक

    मॉस्को में भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच हुई बैठक आपसी संबंधों के मजबूत बनाने के लिहाज से काफी सकारात्मक रही। दोनों नेताओं के बीच परमाणु, अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग, सामरिक व रणनीतिक मुद्दों पर भी अच्छी बातचीत हुई। 

    13:03 (IST)11 Sep 2020
    जापान के रास्ते हिंद महासागर में चीन को घेरेगा भारत

    भारत ने जापान के साथ सैन्य बलों को लॉजिस्टिक सपोर्ट (आपूर्ति एवं सेवाओं के आदान प्रदान) को लेकर समझौता किया है। इस समझौते से हिंद महासागर में अब भारत के दबदबे में इजाफा होगा। साथ ही इस समझौते को हिंद महासागर में चीन की घेराबंदी के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    11:48 (IST)11 Sep 2020
    ऊंची पहाड़ियों से चीनी सेना की घेराबंदी तेज

    भारत की तरफ से चीन के साथ जारी सीमा विवाद को बातचीत के लिए सुलझाने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं लेकिन यदि चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो तनाव बढ़ने की स्थिति के लिए भी भारत की तरफ से तैयारी पुख्ता है। बता दें कि भारतीय सेना ने लद्दाख में ऊंची पहाड़ियों से चीनी सेना की घेराबंदी तेज कर दी है। चीन की सेना की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। 

    11:13 (IST)11 Sep 2020
    एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने उठाए सवाल

    एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भारत चीन के संयुक्त बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्यों भारत की तरफ से सीमा पर यथास्थिति बहाल करने की बात को साझा बयान का हिस्सा नहीं बनाया गया है? ओवैसी ने इसे लेकर पीएमओ पर निशाना साधा है।

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    11:10 (IST)11 Sep 2020
    संयुक्त बयान का पांचवा और आखिरी पॉइंट

    दोनों देश सीमा पर हालात सामान्य होते ही दोनों देशों के रिश्तों में नए विश्वास की बहाली और सीमावर्ती इलाकों में शांति कायम करने पर सहमत हुए हैं।

    11:09 (IST)11 Sep 2020
    चौथा पॉइंट- स्पेशल मैकेनिज्म बनेगा सीमा विवाद के निपटारे के लिए

    दोनों देश भारत चीन सीमा विवाद के निपटारे के लिए स्पेशल रिप्रजेंटेटिव मैकेनिज्म के जरिए बातचीत करने पर सहमत हुए हैं और इस मैकेनिज्म की बैठकें जारी रहेंगी।

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