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मई के शुरू से ही एलएसी पर बड़ी संख्या में सैनिक और युद्ध सामग्री जुटाने में लगा हुआ था चीन: भारत

चीन से जारी तनाव को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कड़ा तेवर अपनाते हुए कहा है कि हमारे हथियार अंडे देने के लिए नहीं हैं। चीन को उसी की भाषा में कड़ा जवाब देना होगा।

गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद से सीमा पर हालात काफी तनावपूर्ण हैं। (file)

चीनी राजदूत सुन वेइडोंग ने कहा है कि चीन और भारत मतभेदों को सुलझाने के इच्छुक हैं और ऐसा करने में सक्षम हैं। हमें उम्मीद है कि भारतीय और चीनी पक्ष सीमा स्थिति को और जटिल बनाने से बचेंगे और इसी अनुरूप काम करेंगे। आपसी सम्मान और समर्थन निश्चित रूप से दोनों देशों के दीर्घकालिक हित में है। आशंका और टकराव गलत रास्ता है और यह दोनों देशों के लोगों की आकांक्षाओं के विपरीत है।

चीनी राजदूत के मुताबिक, चीन, सीमा पर शांति और स्थिरता को बनाए रखने और संबंधों के सतत विकास के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। मौजूदा स्थिति का समुचित समाधान करने के लिये हम भारतीय पक्ष के साथ कार्य करने को तैयार हैं। यह पूछे जाने पर कि चीन और भारत के बीच मौजूदा सीमा विवाद का समाधान कैसे हो सकता है, चीनी राजदूत ने कहा- ‘इसका दायित्व चीन पर नहीं है।’

इससे पहले, पूर्वी लद्दाख में गतिरोध पर गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर कभी भी यथास्थिति बदलने का प्रयास नहीं किया। मौजूदा स्थिति बने रहने से आगे और माहौल खराब होगा। गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों पक्षों ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की। चीन वहां मई की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रहा था, ऐसे में भारत को जवाब में तैनाती करनी ही पड़ी। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी पक्ष का व्यवहार मौजूदा समझौतों के प्रति उसके पूर्ण असम्मान को दर्शाता है।

वहीं, LAC पर दोनों देश में 22 जून को हुई बातचीत के दौरान चीन की ओर से यह आश्वासन दिया गया था कि वह कुछ इलाकों से अपने फौजियों को हटा लेगा। समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस संदर्भ में कुछ PLA (चीनी सेना) की टुकड़ियां और वाहन गलवान इलाके में पीछे हट गए हैं। इसी बीच, BJP चीफ जेपी नड्डा ने चीन के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा है। गुरुवार को उन्होंने कहा है- मैं हैरान हूं कि Rajiv Gandhi Foundation को People’s Republic of China और Chinese Embassy से साल 2005-06 में तीन सौ हजार अमेरिकी डॉलर मिले थे। ये कांग्रेस और चीन के बीच का गुप्त संबंध है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्य प्रदेश जन संवाद रैली के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं।

Live Blog

Highlights

    06:39 (IST)26 Jun 2020
    भारत को चीन से खतरे के मद्देनजर अपने सैनिकों की तैनाती की समीक्षा कर रहा है अमेरिका: पोम्पिओ

    अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने गुरुवार को कहा कि भारत, मलेशिया, इंडोनेशिया, और फिलीपीन जैसे एशियाई देशों को चीन से बढ़ते खतरे के मद्देनजर अमेरिका दुनिया भर में अपने सैनिकों की तैनाती की समीक्षा कर उन्हें इस तरह से तैनात कर रहा है कि वे जरुरत पड़ने पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (चीन की सेना) का मुकाबला कर सकें। पोम्पिओ ने जर्मन मार्शल फंड के वर्चुअल ब्रसेल्स फोरम 2020 में एक सवाल के जवाब में यह कहा। पोम्पिओ ने कहा, ‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि हमारी तैनाती ऐसी हो कि पीएलए का मुकाबला किया जा सके। हमें लगता है कि यह हमारे समय की यह चुनौती है और हम सुनिश्चित करेंगे कि हमारे पास उससे निपटने के लिए सभी संसाधन उचित जगह पर उपलब्ध हों।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर सैनिकों की तैनाती की समीक्षा की जा रही है और इसी योजना के तहत अमेरिका, जर्मनी में अपने सैनिकों की संख्या करीब 52 हजार से घटा कर 25 हजार कर रहा है।

    05:16 (IST)26 Jun 2020
    एलएसी पर मई से ही जंगी जमावड़ा कर रहा चीन : विदेश मंत्रालय

    विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत-चीन की सेना के बीच जारी तनाव और गलवान घाटी की हिंसक झड़प के लिए चीन की हरकतें जिम्मेदार हैं। चीन मई के शुरू से ही वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में सैनिक और युद्ध सामग्री जुटा रहा है एवं चीनी सैन्य बलों का आचरण पारस्परिक सहमति वाले नियमों के प्रति पूर्ण अनादर का रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुए घटनाक्रमों का क्रमिक ब्योरा दिया और 15 जून को गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मई के शुरू में चीनी पक्ष ने गलवान घाटी क्षेत्र में भारत की सामान्य, पारंपरिक गश्त को बाधित करने वाली कार्रवाई की और मई के मध्य में इसने पश्चिमी सेक्टर के अन्य क्षेत्रों में यथास्थिति को बदलने की कोशिश की।

    04:04 (IST)26 Jun 2020
    गलवान घाटी से एक किमी पीछे हटा चीन

    चीन ने गलवान घाटी में झड़प वाली जगह से अपने कुछ सैनिक और वाहन अग्रिम मोर्चों से पीछे हटा लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कोर कमांडर स्तर की 22 जून को हुई वार्ता में बनी सहमति के आधार पर चीनी सैनिकों ने पीछे हटना शुरू किया है। चीन की सेना ने अपने जवानों और वाहनों को गलवान घाटी में 15 जून की हिंसक झड़प वाली जगह से एक किलोमीटर पीछे हटाया है। गलवान घाटी के पास चीन के सैनिकों की संख्या में कमी की जानकारी भारतीय सेना के पूर्वी लद्दाख में तैनात कमांडरों ने रक्षा मंत्रालय को भेजी है। गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद यह पहली बार है, जब चीन की सेना पीछे हटी है। भारत और चीन की सेना के कोर कमांडर (लेफ्टिनेंट जनरल) स्तर की वार्ता के बाद गलवान घाटी के पास चीनी सेना और वाहनों की कमी देखने को मिली है। तनाव कम करने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की वार्ता के पहले दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर और राजनयिक स्तर पर कई दौर की वार्ता हुई थी। बुधवार को विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर की वार्ता हुई। इसके बाद गलवान में तनाव में कमी देखी जा रही है।

    02:38 (IST)26 Jun 2020
    गलवान में सहकर्मियों को बचाने की कोशिश में महाराष्ट्र के जवान की मौत

    भारतीय सेना के एक जवान की गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर एक नदी में गिरे अपने सह कर्मियों को बचाने की कोशिश के दौरान मौत हो गई। गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने बृहस्पतिवार को बताया कि जवान सचिन मोरे महाराष्ट्र के नासिक जिले में मालेगांव के रहने वाले थे। पाटिल ने बताया कि मोरे भारत-चीन सीमा पर तैनात थे। एक नदी में गिरे अपने दो सह-कर्मियों को बचाने की कोशिश के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में अधिक विवरण का इंतजार किया जा रहा है। पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी।

    01:10 (IST)26 Jun 2020
    संबंधों के सतत विकास के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयारः चीनी राजदूत

    विदेश मंत्रालय ने कहा, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी पक्ष का व्यवहार मौजूदा समझौतों के प्रति उसके पूर्ण असम्मान को दर्शाता है। वहीं चीनी राजदूत ने कहा, चीन, सीमा पर शांति और स्थिरता को बनाए रखने और संबंधों के सतत विकास के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

    23:25 (IST)25 Jun 2020
    चीन ने घुसपैठ की कोशिश की, हमने जवाब दिया: गडकरी

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसका ‘‘जवाब’’ दिया। वह नागपुर से वीडियो लिंक के जरिए पश्चिमी महाराष्ट्र से ताल्लुक रखने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं की डिजिटल रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लद्दाख की गलवान घाटी में गतिरोध का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमारी सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं। चीन ने एक तरह से हमारी सीमा पर घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन हमने इसका जवाब दिया।’’ गडकरी ने कहा, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी के समय से ही भारत सरकार ने हमेशा पड़ोसी देशों से सौहार्दपूर्ण संबंध रखने की कोशिश की है।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा किभारत विस्तारवादी नहीं है।

    21:59 (IST)25 Jun 2020
    कांग्रेस ने चीन के साथ गतिरोध पर चर्चा के लिए संसद के डिजिटल सत्र बुलाने की मांग की

    कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन के साथ सीमा पर गतिरोध समेत देश के सामने खड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सरकार को संसद का डिजिटल सत्र बुलाना चाहिए। पार्टी प्रवक्त पवन खेड़ा ने कहा कि 1962 के युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पर चर्चा के लिए संसद सत्र बुलाने की मांग की थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस मांग को स्वीकार किया था। उन्होने संवाददाताओं से कहा, ‘‘महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का सत्र बुलाया जाना चाहिए। संसदीय समितियों की बैठक भी नहीं हो रही है, जहां महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है।’’

    21:41 (IST)25 Jun 2020
    बाढ़ से होने वाला नुकसान कम करने के लिए समन्वय कर रहे हैं भारत व नेपाल : विदेश मंत्रालय

    विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और नेपाल इस मानसून में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समन्वय कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी उन खबरों के बीच आयी है कि नेपाल बिहार से लगी सीमा पर बाढ़ की रोकथाम से जुड़े कामों में बाधा डाल रहा है। बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि राज्य में भारत-नेपाल सीमा पर तटबंधों की मरम्मत का कार्य प्रभावित हुआ है क्योंकि पड़ोसी देश द्वारा लगाए गए अवरोधकों से कर्मियों को उस पार जाने में दिक्कत हो रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता में इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर कहा कि बाढ़ आदि के संबंध में भारत और नेपाल के बीच पहले से ही एक द्विपक्षीय तंत्र मौजूद है।

    21:18 (IST)25 Jun 2020
    ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’ पर भाजपा का आरोप चीन के मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास: कांग्रेस

    कांग्रेस ने ‘राजीव गांधी फाउंडेशन’ को चीन से पैसे मिलने के भाजपा के आरोप पर पलटवार करते हुए बृहस्पतिवार को दावा किया कि यह लद्दाख में चीन के कब्जे के मामले से ध्यान भटकाने का प्रयास है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह आरोप भी लगाया कि चीन को जवाब देने के बजाय सरकार विपक्ष पर हमला करने में व्यस्त है। उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘ जब चीन दुस्साहस कर भारत की सीमा पर कब्जा कर रहा है, ऐसे में सरकार आंखें मूंदे केवल और केवल विपक्ष पर हमले में व्यस्त है।’’ कांग्रेस ने कहा कि सत्तापक्ष को 1962, 1967, 2005-06, 2013 में जीने के बजाय देश की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘चीनी हमले का जवाब देने के बजाय हमारी सेना के मनोबल को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और हर मामले को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।’’

    21:12 (IST)25 Jun 2020
    मई के शुरू से एलएसी पर बड़ी संख्या में सैनिक और युद्ध सामग्री जुटा रहा है चीन : भारत

    भारत ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के लिए बीजिंग को जिम्मेदार ठहराते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि चीन मई के शुरू से ही वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी संख्या में सैनिक और युद्ध सामग्री जुटा रहा है तथा चीनी बलों का आचरण पारस्परिक सहमति वाले नियमों के प्रति पूर्ण अनादर का रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में पूर्वी लद्दाख क्षेत्र वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास हुए घटनाक्रमों का क्रमिक ब्योरा दिया और 15 जून को गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया।

    20:52 (IST)25 Jun 2020
    चीनी सामान का बहिष्कार शायद भारतीय उद्योगों के लिहाज से अधिक व्यवहारिक नहीं: फियो

    भारतीय निर्यातकों के महासंघ फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (फियो) का कहना है कि चीनी उत्पादों का बहिष्कार संभवतया उतना कारगर नहीं है। वजह घरेलू उद्योगों का पड़ोसी मुल्क से आने वाले सामान पर निर्भर होना है। निर्यातकों के संगठन फियो के अध्यक्ष एस. के. सर्राफ ने कहा कि चीनी सामान पर प्रतिबंध लगाने या उन्हें सीमित करने में भारत को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाददाताओं से कहा कि यह व्यवहारिक नहीं है क्योंकि हम बहुत ज्यादा चीनी उत्पादों पर निर्भर करते हैं।

    20:39 (IST)25 Jun 2020
    मतभेदों को सुलझाने में दोनों देश सक्षम व इच्छुक : चीनी राजदूत

    पूर्वी लद्दाख में तनाव के चरम पर पहुंचने के बाद मेल-मिलाप का लहजा अपनाते हुए चीन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह सीमा गतिरोध से निपटने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। इसके साथ ही उसने कहा कि ‘संदेह और संघर्ष’ गलत रास्ता है तथा यह दोनों देशों के लोगों की मौलिक आकांक्षाओं के विपरीत है। भारत में चीनी राजदूत सुन वेइदोन ने पीटीआई-भाषा के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि चीन और भारत मतभेदों को सुलझाने में सक्षम हैं। उन्होंने भारत से ऐसी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया जिससे पूर्वी लद्दाख में स्थिति ‘जटिल’ हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में चीन-भारत सीमा पर समग्र स्थिति "स्थिर और नियंत्रण योग्य है।" उन्होंने कहा, "हम आशा करते हैं कि भारतीय पक्ष चीनी पक्ष के साथ कुछ बिंदुओं पर सहमति जताएगा, ऐसी कार्रवाई करने से बचेगा जो सीमा की स्थिति को जटिल बना सकता है और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कार्रवाई करेगा।’’

    19:19 (IST)25 Jun 2020
    US नेता ने भी चीन पर साधा निशाना, कही ये बात

    अमेरिका की डेमोक्रेट पार्टी के सदस्य ब्रैड शेरमैन ने गलवान घाटी में हुई झड़प को लेकर चीन पर निशाना साधते हुए कहा है कि उसने यह जानबूझकर किया है और सोची-समझी रणनीति के तहत किया है। भारत और चीन के बीच जारी तनाव को लेकर अमेरिका की ओर से आया यह अब तक का सबसे कड़ा बयान है। इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भारतीय सैनिकों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की थी। कैलिफॉर्निया की सैन फर्नांडो वैली का प्रतिनिधित्व करने वाले शेरमैन ने बुधवार को ट्वीट किया، 'अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू से अच्छे माहौल में बातचीत हुई। पिछले सप्ताह लद्दाख में चीनी सेना के अतिक्रमण के चलते हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की।'

    19:19 (IST)25 Jun 2020
    भारत ने भी सीमा पर अपने जवानों की संख्या में इजाफा करा

    भारत ने भी सीमा पर अपने जवानों की संख्या में इजाफा कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 'चीन ने एलएसी पर अपने जवानों की संख्या को बढ़ाकर 10,000 कर दिया है। कई लोकेशंस पर चीनी सेना की बड़ी तैनाती हुई है। यही नहीं कई स्थानों पर चीन के सैनिक तोपों और आर्टिलरी गन्स के साथ तैनात हैं। इसके अलावा बैकअप में भी बड़ी संख्या में सैनिक रखे गए हैं।' फिलहाल भारत और चीन की सेनाएं गलवान घाटी, पैंगोंग लेक, डेपसांग और गोगरा पोस्ट पर बड़ी संख्या में तैनात हैं।

    19:13 (IST)25 Jun 2020
    गलवान में सहकर्मियों को बचाने की कोशिश में महाराष्ट्र के जवान की मौत

    भारतीय सेना के एक जवान की गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर एक नदी में गिरे अपने सह कर्मियों को बचाने की कोशिश के दौरान मौत हो गई। गृह राज्य मंत्री सतेज पाटिल ने बृहस्पतिवार को बताया कि जवान सचिन मोरे महाराष्ट्र के नासिक जिले में मालेगांव के रहने वाले थे। पाटिल ने बताया कि मोरे भारत-चीन सीमा पर तैनात थे। एक नदी में गिरे अपने दो सह-कर्मियों को बचाने की कोशिश के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में अधिक विवरण का इंतजार किया जा रहा है। पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इस बीच उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत राकांपा नेताओं ने मोरे को श्रद्धांजलि दी।

    19:06 (IST)25 Jun 2020
    गणेश की मूर्तियों का चीन से आयात समझ से परे: सीतारमण

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये आयात करने में कुछ भी गलत नहीं है पर गणेश की मूर्तियों का चीन से आयात किया जाना समझ से परे है। उन्होंने भाजपा की तमिलनाडु इकाई के कार्यकर्ताओं को वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये संबोधित करते हुए कहा कि जो कच्चा माल देश में उपलब्ध नहीं है और उद्योग को उसकी जरूरत है, उसके आयात में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत अभियान पहल के बारे में कहा, ‘‘जो आयात उत्पादन को गति दे और रोजगार के अवसर बढ़ाये, उसमें कोई दिक्कत नहीं है। इस प्रकार का आयात किया जा सकता है।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि हालांकि, अगर आयात रोजगार अवसर को नहीं बढ़ाता है और आर्थिक वृद्धि की मदद नहीं करता है, उससे आत्म निर्भर होने और भारतीय अर्थव्यवस्था को कोई लाभ नहीं होगा।

    18:01 (IST)25 Jun 2020
    कांग्रेस ने चीन के साथ गतिरोध पर चर्चा के लिए संसद के डिजिटल सत्र बुलाने की मांग की

    कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि चीन के साथ सीमा पर गतिरोध समेत देश के सामने खड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सरकार को संसद का डिजिटल सत्र बुलाना चाहिए। पार्टी प्रवक्त पवन खेड़ा ने कहा कि 1962 के युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी ने इस पर चर्चा के लिए संसद सत्र बुलाने की मांग की थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस मांग को स्वीकार किया था। उन्होने संवाददाताओं से कहा, ‘‘महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का सत्र बुलाया जाना चाहिए। संसदीय समितियों की बैठक भी नहीं हो रही है, जहां महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है।’’ कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बुधवार को सरकार पर आरोप लगाया था कि वह नियमों का हवाला देकर संसदीय निगरानी से बचने की कोशिश कर रही है।

    16:50 (IST)25 Jun 2020
    चीन, राजीव के बहाने बीजेपी का कांग्रेस पर निशाना
    16:18 (IST)25 Jun 2020
    क्या मोदी सरकार लद्दाख में पूर्व की यथास्थिति की बहाली पर जोर देगी: चिदंबरम

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने गलवान घाटी पर चीन के दावे की पृष्ठभूमि में बृहस्पतिवार को सवाल किया कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार लद्दाख में अप्रैल, 2020 की यथास्थिति की बहाली पर जोर देगी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री ने जो कहा उसके विपरीत, यह स्पष्ट है कि चीनी सैनिकों द्वारा अप्रैल-जून 2020 में यथास्थिति बदल दी गई। लोग देख रहे हैं कि क्या मोदी सरकार यथास्थिति बहाल करने में सफल होगी।’’ पूर्व गृह मंत्री ने सवाल किया, ‘‘क्या भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार एक बार फिर से भारत के दावे को दृढ़ता पूर्वक सामने रखेगी और मांग करेगी कि “यथास्थिति” बहाल होनी चाहिए?’’

    15:21 (IST)25 Jun 2020
    चीन से इंपोर्ट रोकने पर एक्पोर्ट्स को बदले की कार्रवाई की आशंका, हो सकता है नुकसान

    चीन से तनाव के बीच भले ही सरकार इंपोर्ट में कमी लगाने की कोशिशें कर रही है, लेकिन ड्रैगन को सामान एक्सपोर्ट करने वाले कारोबारी इससे चिंतित हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन ने गुरुवार को कहा कि वह चीन के आयात पर रोक लगाने के पूरी तरह से खिलाफ है क्योंकि इससे भारत से निर्यात होने वाले सामान पर संकट हो जाएगा। फेडरेशन की चिंता है कि भारत के इस तरह के ऐक्शन के जवाब में चीन भी कारोबारी मोर्चे पर बदले की कार्रवाई कर सकता है।

    14:45 (IST)25 Jun 2020
    कांग्रेस नेता अधीर रंजन बोले, हथियार अंडे देने के लिए नहीं, चीन को देना होगा जवाब

    चीन से जारी तनाव को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी कड़ा तेवर अपनाते हुए कहा है कि हमारे हथियार अंडे देने के लिए नहीं हैं। चीन को उसी की भाषा में कड़ा जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार मसले को कूटनीतिक ढंग से हल करना चाहती है, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में हमें चीन से उसी भाषा में बात करना चाहिए, जिसे वह समझता है।

    12:59 (IST)25 Jun 2020
    बीजेपी के राम माधव बोले, हमारा दावा सिर्फ LAC तक ही नहीं, अक्साई चिन पर हमारा दावा

    चीन के साथ जारी तनाव के बीच सत्ताधारी दल बीजेपी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा है कि हमारा दावा सिर्फ LAC तक ही नहीं है। चीन के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के बावजूद हम अक्साई चिन पर अपना दावा जताते रहेंगे। इसके अलावा राम माधव ने कहा कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने सत्ता में रहते हुए चीन से जुड़े मसलों पर कोई निर्णायक फैसला नहीं लिया।

    12:53 (IST)25 Jun 2020
    लद्दाख के 83 वर्षीय पूर्व सैनिक ने कहा, सेना बुलाएगी तो चौथी जंग को तैयार

    भारत के लिए 1962, 1965 और 1971 की जंग में हिस्सा ले चुके 83 वर्षीय पूर्व सैनिक सेतन दोरजे ने चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर कहा है कि वह चौथी जंग में भी मोर्चा संभालने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि सेना मुझे बुलाती है तो मैं दुश्मन का सामना करूंगा और तय करूंगा की उसकी हार हो। उन्होंने चीन को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वह भारत में घुसता है तो उसे करारा जवाब मिलेगा और बड़ी शक्ति होने का उसका अहंकार खत्म हो जाएगा।

    12:41 (IST)25 Jun 2020
    चिदंबरम बोले, लद्दाख में चीन ने किया अतिक्रमण, पीएम मोदी का दावा गलत

    पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चीन के विदेश मंत्रालय और सेना ने मांग की है कि भारत पूरी गलवान घाटी को खाली करे। चीन ने यह अप्रत्याशित मांग की है। इससे पता चलता है कि पीएम नरेंद्र मोदी का बयान जमीनी हालात से कितना उलट है। पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक के दौरान कहा था कि चीन ने भारत की जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया है।

    12:36 (IST)25 Jun 2020
    चीन को सीमा पर अतिक्रमण करने की आदत, देना होगा हरसंभव जवाब

    कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि चीन को सीमा पर अतिक्रमण करने की आदत पड़ गई है। उन्होंने कहा कि चीन लगातार हमारी धरती पर अतिक्रमण कर रहा है, लेकिन इस हालात में हम रेड आर्मी के मुकाबले पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने कहा कि भारत को हर संभव प्रयास करते हुए चीन के अतिक्रमण को रोकना चाहिए।

    12:32 (IST)25 Jun 2020
    चीन पर नहीं किया जा सकता भरोसा: सोनम वांगचुक

    चीनी सामान के बहिष्कार करने वाले सोनम वांगचुक ने कहा है कि चीनियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। हम यह नहीं जानते हैं कि चीनी किस हद तक जा सकते हैं।

    11:08 (IST)25 Jun 2020
    ब्रिटिश पीएम बोले, लद्दाख में चिंताजनक हैं हालात, हमारी पैनी नजर

    भारत और चीन में सीमा पर जारी तनाव को लेकर ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि लद्दाख में दोनों देशों के बीच स्थिति गंभीर और चिंताजनक है। बुधवार को हाउस ऑफ कॉमंस में एक सवाल के जवाब में बोरिस ने यह बात कही। जॉनसन ने कहा कि हमारी मामले पर नजर है और हम दोनों देशों से बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की अपील कर रहे हैं।

    10:55 (IST)25 Jun 2020
    चीन के साथ बातचीत में सावधानी बरत रही सरकार, इरादों पर है संदेह

    चीन के साथ भले ही सरकार गलवान घाटी में तनाव से निपटने के लिए कूटनीतिक चैनल से बातचीत कर रही है, लेकिन उसे ड्रैगन की नीयत पर संदेह है। सूत्रों के मुताबिक सरकार के रणनीतिकार मौजूदा संकट को डोकलाम से भी बड़ी समस्या मान रहे हैं। सरकार का मानना है कि चीन जबरन मौजूदा स्थिति को बदलना चाहते हैं।

    09:34 (IST)25 Jun 2020
    तोपों और आर्टिलरी गन्स के साथ तैनात हैं चीन के सैनिक

    कई लोकेशंस पर चीनी सेना की बड़ी तैनाती हुई है। यही नहीं कई स्थानों पर चीन के सैनिक तोपों और आर्टिलरी गन्स के साथ तैनात हैं। इसके अलावा बैकअप में भी बड़ी संख्या में सैनिक रखे गए हैं।' फिलहाल भारत और चीन की सेनाएं गलवान घाटी, पैंगोंग लेक, डेपसांग और गोगरा पोस्ट पर बड़ी संख्या में तैनात हैं।

    09:33 (IST)25 Jun 2020
    LAC पर चीन ने सैनिकों की संख्या बढ़ाकर 10,000 की

    पैंगोंग लेक से लेकर दौलत बेग ओल्डी सेक्टर के बीच 15 जगहों पर चीनी सैनिकों का बड़ी संख्या में जमावड़ा देखा जा रहा है। गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों से झड़प के बाद चीन ने लद्दाख सीमा पर तैनाती बढ़ा दी है। इसके साथ ही भारत ने भी सीमा पर अपने जवानों की संख्या में इजाफा कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 'चीन ने एलएसी पर अपने जवानों की संख्या को बढ़ाकर 10,000 कर दिया है।

    09:32 (IST)25 Jun 2020
    विवादित क्षेत्र में स्थायी ठिकाना बनाने की तैयारी में चीन

    गलवान घाटी में आने वाले समय में फिर से स्थिति गरमा सकती है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि सैटलाइट इमेज में यह स्पष्ट है कि चीन ने पेट्रोलिंग पॉइंट 14 में कंस्ट्रक्शन ऐक्टिविटी बढ़ा दी है। चीन ने अपने सैनिकों के रहने के लिए एक तरह से स्थायी ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है।

    09:31 (IST)25 Jun 2020
    चीनी सैनिकों ने जहां से टेंट हटाया था, फिर वहीं आ डटे

    चीनी सैनिकों ने लंबी वार्ता के बाद गलवान घाटी में जहां से अपना टेंट हटाया था, एक बार फिर से वहीं आ डटे हैं। सोमवार को कमांडर लेवल की बातचीत के बाद तनाव कम करने पर सहमति बनी थी, लेकिन एक बार फिर से चीनी सैनिक पेट्रोलिंग पॉइंट 14 पर आ डटे हैं। सैटलाइट इमेज में यह बात सामने आई है। सैनिकों ने भी चीनी सेना के दोबारा डट जाने की पुष्टि की है।

    07:54 (IST)25 Jun 2020
    चीन ने गलवान घाटी में जानबूझकर किया अतिक्रमण: अमेरिकी सांसद

    अमेरिका की डेमोक्रेट पार्टी के सदस्य ब्रैड शेरमैन ने गलवान घाटी में हुई झड़प को लेकर चीन पर निशाना साधते हुए कहा है कि उसने यह जानबूझकर किया है और सोची-समझी रणनीति के तहत किया है। भारत और चीन के बीच जारी तनाव को लेकर अमेरिका की ओर से आया यह अब तक का सबसे कड़ा बयान है। इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भारतीय सैनिकों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की थी। कैलिफॉर्निया की सैन फर्नांडो वैली का प्रतिनिधित्व करने वाले शेरमैन ने बुधवार को ट्वीट किया، 'अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू से अच्छे माहौल में बातचीत हुई। पिछले सप्ताह लद्दाख में चीनी सेना के अतिक्रमण के चलते हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत पर संवेदना व्यक्त की।'

    06:27 (IST)25 Jun 2020
    भारत में युद्धोन्माद नहीं, आत्म सम्मान के साथ शांति चाहते हैं: राम माधव

    भाजपा महासचिव राम माधव ने बुधवार को कहा कि चीन के साथ सीमा पर चल रहा गतिरोध इसलिए है क्योंकि भारत अपनी सीमाओं के ‘‘स्वामित्व’’ को लेकर अडिग है।भारत-चीन सीमा विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य की ओर से आयोजित एक डिजिटल संवाद कार्यक्रम में राम माधव ने कहा कि भारत में युद्धोन्माद नहीं है लेकिन शांति बनाए रखने के लिए वह आत्म सम्मान से कोई समझौता नही करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम शांति चाहते हैं लेकिन हमें कब्रिस्तान वाली शांति नही चाहिए। हम आत्म सम्मान के साथ शांति चाहते हैं।’’ भाजपा महासचिव ने कहा कि भारतीय सीमाओं में गतिविधियों को अंजाम देकर धीरे-धीरे उस पर अपना प्रभुत्व जमाना चीन की लंबे समय से रणनीति रही है लेकिन पूर्व की सरकारें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के अपने क्षेत्र पर भारत के दावे को लेकर मुखरता से आगे नहीं बढ़ी।

    06:05 (IST)25 Jun 2020
    भारतीय पक्षों के साथ भागीदारी जारी रखने को लेकर हमारा नजिरया सकारात्मक: हुआवेई

    चीन की दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी हुआवेई टेक्नोलॉजीज ने बुधवार को कहा कि वह भारत में पिछले 20 साल से काम कर रही है तथा इस भागीदारी को आगे और भी मजबूत बनाने को लेकर उसका नजिरया पूरी तरह सकारात्मक है। बोस्टन कंसंल्टिंग ग्रुप की एक सूची में दुनिया की छठी सर्वाधिक नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी कंपनी हुआवेई ने यह भी कहा कि वह देश में नवप्रवर्तन के लिये भारतीय इकाइयों के साथ गठजोड़ करती रही है।

    05:20 (IST)25 Jun 2020
    चीन ने लद्दाख और एलएसी के पास अन्य क्षेत्रों में संघर्ष बिन्दुओं पर सैन्य उपस्थिति बढ़ाई

    चीन क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए भारत के साथ सैन्य और कूटनीतिक वार्ता करने के साथ-साथ पूर्वी लद्दाख में पेंगोंग सो, गलवान घाटी और अन्य संघर्ष बिन्दुओं पर अपनी सैन्य उपस्थिति भी बढ़ा रहा है। इन घटनाक्रमों की जानकारी रखने वाले लोगों ने यह सूचना दी। उन्होंने बताया कि चीन ने गलवान घाटी में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती की है। गौरतलब है कि 15 जून को घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में चीन द्वारा निगरानी चौकी का निर्माण किए जाने के कारण यह संघर्ष हुआ था। लेकिन, भारत के कड़े रूख के बावजूद चीन की सेना ने फिर से 14वें गश्त बिन्दू के पास-पास कुछ ढांचा खड़ा किया है।

    22:08 (IST)24 Jun 2020
    दोनों पक्षों ने तनाव को खत्म करने और स्थिति नियंत्रण में लाने पर सहमति जताई

    चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि इस मीटिंग में दोनों पक्षों ने तनाव को खत्म करने और स्थिति नियंत्रण में लाने पर सहमति जताई है। हालांकि चीन का यह रवैया दिखावटी ही लग रहा है क्योंकि बीते 15 जून से अब तक उसने सीमा पर अपने सैनिकों की तैनाती में 30 पर्सेंट का इजाफा कर दिया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के रणनीतिकारों का कहना है कि चीन ने लद्दाख के मोर्चे पर अपनी सेना की तैनाती को 30 पर्सेंट तक बढ़ा दिया है।

    20:32 (IST)24 Jun 2020
    सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने लद्दाख का दौरा कर पांच सैनिकों को दिए प्रशस्ति पत्र

    सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख में विभिन्न अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और हाल ही में चीनी सेना के साथ उत्पन्न गतिरोध की स्थिति में साहस और असाधारण धैर्य का परिचय देने के लिए कई सैनिकों को ‘प्रशस्ति पत्र’ प्रदान किए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। अपने लद्दाख दौरे के दूसरे दिन जनरल नरवणे ने चार अग्रिम क्षेत्रों में सैन्य तैयारियों का जायजा लिया और वहां तैनात सैनिकों से बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने वहां मौजूद सैन्य कमांडरों के साथ विस्तार से चर्चा की। गलवान घाटी में 15 जून को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे और लगभग 76 अन्य घायल हो गए थे। इस झड़प में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के कितने सैनिक हताहत हुए, इसके बारे में चीन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई।

    20:29 (IST)24 Jun 2020
    PLA ने जवानों की तैनाती में बड़ा इजाफा कर दिया!

    एक सरकारी सूत्र ने बताया कि 15 जून को हुई झड़प के बाद से चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने अपने जवानों की तैनाती में बड़ा इजाफा कर दिया है। इसके अलावा युद्धक हथियारों को भी बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। चीन ने उत्तरी लद्दाख में देपसांग से गलवान तक और सेंट्रल लद्दाख में पैंगोंग झील, चुशुल और दक्षिणी मोर्चे पर डेमचोक से लेकर चुमार तक में अपनी सेना की तैनाती में अचानक बड़ा इजाफा कर दिया है।

    19:33 (IST)24 Jun 2020
    2013 में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं

    पूर्वी लद्दाख के बाद अब चीनी सेना देपसांग एरिया में ऐक्टिविटी बढ़ा रही है, जहां 2013 में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। भारत यह पेट्रोलिंग पॉइंट्स 10, 11, 12 और 13 में गश्त लगाती रही है, लेकिन अब चीनी सेना इसमें अड़ंगा लगा रही है। यही नहीं चीन ने इन पेट्रोलिंग पॉइंट्स को बाईपास करते हुए ट्रैक बना लिया है और भारत के इलाके में 15 से 17 किलोमीटर तक घुसपैठ कर ली है। यही नहीं चीनी सेना भारत के इलाके में पड़ने वाले जीवन नल्लाह यानी पेट्रोलिंग पॉइंट 13 तक आ गई है और पेट्रोलिंग पॉइंट 12 में भी दखल देना चाहती है। गलवान घाटी की ही बात करें तो यहां चीन ने भारतीय सीमा में एक किलोमीटर अंदर आकर कैंप बना लिया था, जबकि भारत की यहां कोई चौकी नहीं है। इस इलाके में घुसपैठ के चलते ही भारत और चीन की सीमा के बीच झड़प हुई थी।

    19:33 (IST)24 Jun 2020
    2013 में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं

    पूर्वी लद्दाख के बाद अब चीनी सेना देपसांग एरिया में ऐक्टिविटी बढ़ा रही है, जहां 2013 में दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। भारत यह पेट्रोलिंग पॉइंट्स 10, 11, 12 और 13 में गश्त लगाती रही है, लेकिन अब चीनी सेना इसमें अड़ंगा लगा रही है। यही नहीं चीन ने इन पेट्रोलिंग पॉइंट्स को बाईपास करते हुए ट्रैक बना लिया है और भारत के इलाके में 15 से 17 किलोमीटर तक घुसपैठ कर ली है। यही नहीं चीनी सेना भारत के इलाके में पड़ने वाले जीवन नल्लाह यानी पेट्रोलिंग पॉइंट 13 तक आ गई है और पेट्रोलिंग पॉइंट 12 में भी दखल देना चाहती है। गलवान घाटी की ही बात करें तो यहां चीन ने भारतीय सीमा में एक किलोमीटर अंदर आकर कैंप बना लिया था, जबकि भारत की यहां कोई चौकी नहीं है। इस इलाके में घुसपैठ के चलते ही भारत और चीन की सीमा के बीच झड़प हुई थी।

    19:06 (IST)24 Jun 2020
    चीन ने संक्रमण के नए मामलों पर पाया काबू, अन्य देशों में बढ़े मामले

    बीजिंग में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों पर चीन काबू पाता नजर आ रहा है और एक बार फिर उसने बड़े पैमाने पर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की अपनी क्षमता दिखाते हुए 11 दिन में करीब 25 लाख लोगों की जांच की है। दुनिया के अन्य देशों में हालांकि बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई। भारत में संक्रमण के करीब 16 हजार नए मामले दर्ज किये गए। मैक्सिको जहां जांच की दर कम है वहां भी रिकॉर्ड 6200 नए मामले सामने आए। अमेरिका में बीते कुछ दिनों में मामले अप्रैल के उस स्तर के करीब पहुंचते नजर आ रहे हैं जब अप्रैल में बीमारी तेजी से फैल रही थी। एरिजोना, कैलिफोर्निया, मिसिसिपी, नेवाडा और टेक्सास समेत कई राज्यों में एक दिन में सर्वाधिक मामले दर्ज किये गए।

    17:34 (IST)24 Jun 2020
    रूस की विजय दिवस परेड में शामिल हो रहे हैं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि यहां 75वीं विजय दिवस परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की टुकड़ी का भाग लेना उनके लिए गर्व की बात है। सिंह 75वीं विजय दिवस परेड में शामिल होने के लिए रूस के रक्षा मंत्री के निमंत्रण पर तीन दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को यहां पहुंचे थे। सिंह ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘1941-1945 के युद्ध में सोवियत संघ के लोगों की विजय की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए मैं आज मास्को स्थित रेड स्क्वैयर में विजय दिवस परेड में शामिल हो रहा हूं।’’ उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मुझे गर्व है कि भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों की एक टुकड़ी भी इस परेड में शामिल हो रही है।’’ तस्वीरों में दिख रहा है कि रेड स्क्वैयर में सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया जा रहा है।

    16:49 (IST)24 Jun 2020
    50 शीर्ष उद्योगपतियों से बायकॉट चाइना कैंपेन से जुड़ने की मांग की

    कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भारत के 50 शीर्ष उद्योगपतियों से बायकॉट चाइना कैंपेन से जुड़ने की मांग की है। कारोबारी संगठन ने मुकेश अंबानी, रतन टाटा, आदी गोदरेज, अजीम प्रेमजी, कुमार मंगलम बिड़ला और आनंद महिंद्रा से बहिष्कार चीन अभियान का समर्थन करने और अपने व्यवसायों में चीनी इंपोर्टेड प्रोडक्ट का उपयोग न करने की अपील की है।

    16:44 (IST)24 Jun 2020
    चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए कैट ने अंबानी, टाटा, अन्य उद्योगपतियों से सहयोग मांगा

    व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने चीन के सामान के बहिष्कार के लिए मुकेश अंबानी और 50 अन्य उद्योगपतियों से सहयोग मांगा है। इन उद्योगपतियों में रतन टाटा, अजीम प्रेमजी, गौतम अडाणी, अजय पीरामल, आनंद महिंद्रा और सुनील मित्तल शामिल हैं। कैट ने इन उद्योगपतियों से अपील की है कि वे अपने कारोबार में चीनी सामान का इस्तेमाल बंद करें और चीन के सामान के बहिष्कार अभियान में शामिल हों। कैट ने ‘भारतीय सामान - हमारा अभिमान’ के नाम से चीनी सामानों का बहिष्कार का अभियान 10 जून, 2020 को शुरू किया है। कैट ने एन आर नारायणमूर्ति, आदि गोदरेज, नुस्ली वाडिया, विक्रम किर्लोस्कर, कुमार मंगलम बिड़ला, शिव नडार, राहुल बजाज, ज्योत्स्ना सूरी, उदय कोटक, पल्लोनजी मिस्त्री, शशि रुइया, मधुकर पारेख, सतीश रेड्डी, पंकज पटेल, नीलेश गुप्ता और हर्ष मरीवाला से भी इस अभियान में सहयोग देने को कहा है।

    16:01 (IST)24 Jun 2020
    चीन ने सिक्किम से लगी सीमा पर 2017 की तरह हरकत शुरू कर दी है

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने भूटान और भारत के सिक्किम से लगी सीमा पर 2017 की तरह हरकत शुरू कर दी है। सरकारी रणनीतिकारों के मुताबिक पूर्वी लद्दाख में तीन जगहों पर पीछे हटने की सहमति के बावजूद चीन भारत का सिरदर्द कम नहीं होने देना चाहता। ऐसे में सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर दोकलम की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

    15:43 (IST)24 Jun 2020
    मई में चीनी सैनिकों ने फिंगर 4 वाली जगह पर कब्जा नहीं किया था

    मई के शुरुआत में, जब चीनी सैनिकों ने फिंगर 4 वाली जगह पर कब्जा नहीं किया था, तब भारतीय सैनिक फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक पेट्रोलिंग करते थे। सरकार भी इस पूरे इलाके को भारतीय सीमा के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र मानती आई है। अब वहां पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी की वजह से भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग पर असर पड़ सकता है। फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 के बीच में आठ किलोमीटर की दूरी है। कई सैटेलाइट तस्वीरों से साफ होता है कि 5-6 मई के बाद उत्पन्न हुए तनाव के बीच यह मौजूदा स्थितियां सामने आई हैं।

    15:43 (IST)24 Jun 2020
    मई में चीनी सैनिकों ने फिंगर 4 वाली जगह पर कब्जा नहीं किया था

    मई के शुरुआत में, जब चीनी सैनिकों ने फिंगर 4 वाली जगह पर कब्जा नहीं किया था, तब भारतीय सैनिक फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक पेट्रोलिंग करते थे। सरकार भी इस पूरे इलाके को भारतीय सीमा के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र मानती आई है। अब वहां पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी की वजह से भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग पर असर पड़ सकता है। फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 के बीच में आठ किलोमीटर की दूरी है। कई सैटेलाइट तस्वीरों से साफ होता है कि 5-6 मई के बाद उत्पन्न हुए तनाव के बीच यह मौजूदा स्थितियां सामने आई हैं।

    14:50 (IST)24 Jun 2020
    नरवणे ने पूर्वी लद्दाख में आगे के क्षेत्रों का दौरा किया और ऑपरेशनल स्थिति की समीक्षा की

    सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने पूर्वी लद्दाख में आगे के क्षेत्रों का दौरा किया और ऑपरेशनल स्थिति की समीक्षा की। सेना प्रमुख ने उच्च मनोबल के लिए सैनिकों की सराहना की और उन्हें उत्साह के साथ काम जारी रखने के लिए प्रेरित किया। 

    13:58 (IST)24 Jun 2020
    2014 में वार्ता के बाद पीछे लौट गई थी चीन सेना

    चुमार सेक्टर में उभरे तनाव को दूर करने के लिए फैसला लिया गया था कि विवादित इलाकों में दोनों देशों की सेनाएं पेट्रोलिंग को स्थगित करेंगी। इसके बाद चीन की सेना भारतीय सीमा से 5 किलोमीटर पीछे हटते हुए चेप्जी पहुंच गई थी।

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