कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान कई अहमद समझौते हुए हैं। दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल कॉर्पोरेशन, रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और कल्चरल सहयोग पर सहमति बनी है।
पीएम मोदी और पीएम कार्नी की मौजूदगी में कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद और भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने इन तीनों समझौतों से जुड़े MoUs का आदान-प्रदान किया।
इसके अलावा दोनों नेताओं की मौजूदगी के बीच कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग पर भारत, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन के लिए दस्तावेजों का भी आदान-प्रदान किया।
इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार को साल 2030 तक ट्रेड में $50 बिलियन तक पहुंचना है। इकोनॉमिक कोऑपरेशन की पूरी क्षमता को अनलॉक करना हमारी प्रायोरिटी है। इसलिए, हमने जल्द ही कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट को फाइनल करने का फैसला किया है। इससे दोनों देशों में नए इन्वेस्टमेंट और रोज़गार के मौके बनेंगे।
प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी ने आगे कहा कि कैनेडियन पेंशन फंड्स ने भारत में $100 बिलियन का इन्वेस्टमेंट किया है। यह भारत की ग्रोथ स्टोरी में उनके गहरे विश्वास का प्रतीक है।
इंटरनेशनल सोलर अलायंस का हिस्सा बनेगा कनाडा
पीएम नरेंद्र मोदी ने यह भी घोषणा की कि कनाडा ने तय किया है कि वो इंटरनेशनल सोलर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस में शामिल होगा। पीएम ने कहा कि हम इस साल इंडिया-कनाडा रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज समिट करेंगे। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में, हम लंबे समय तक यूरेनियम सप्लाई के लिए एक अहम डील पर पहुंचे हैं। हम छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और एडवांस्ड रिएक्टर पर भी मिलकर काम करेंगे।
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2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 7.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। भारत ने लगभग 4.5 अरब डॉलर के उत्पाद (दवाइयां, रत्न-आभूषण, वस्त्र, मशीनरी) एक्सपोर्ट किए जबकि कनाडा से करीब 3.3 अरब डॉलर का आयात हुआ। इस इंपोर्ट में दालें, लकड़ी, पल्प-पेपर और खनन उत्पाद प्रमुख रहे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
