सोमवार को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई जिसमें 25 पार्टियों ने भाग लिया। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि एसआईआर, वोट लूट और चुनाव में चोरी के मुद्दे पर जल्द ही सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात करने वाले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग पर सर्वसम्मति से सहमति बनी।
बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने कहा कि नेताओं ने केंद्र सरकार से देश की नाजुक मौजूदा आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों और समाज के दबे-कुचले वर्गों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने हर दो महीने में बैठक करने का भी फैसला किया है और अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी। उन्होंने कहा कि तारीख बाद में तय की जाएगी।
खड़गे ने कहा, “INDIA ब्लॉक के नेताओं ने मानसून सत्र के दौरान सुचारू समन्वय के लिए बैठकें जारी रखने का निर्णय लिया और हमेशा की तरह वे विपक्ष के नेता के कक्ष में मिलेंगे। सभी नेताओं ने खुलकर अपने विचार रखे। बैठक में दिए शुरुआती संबोधन में खड़गे ने ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों से कहा कि वे मोदी सरकार द्वारा खड़ी की गई चुनौतियों से निपटने के लिए उस एकजुटता की भावना को और मजबूत करें, जो इस साल 17 अप्रैल को महिला आरक्षण एवं परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ दिखी थी।
पांच मुद्दों पर सहमति बनी- तेजस्वी यादव
इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “पांच मुद्दों पर सहमति बनी है और हम सभी उन्हें उठाने के लिए एकजुट हैं। अगर चुनाव मतपत्रों के माध्यम से होते हैं, तो भाजपा के पास कोई मौका नहीं होगा।” खड़गे ने बताया कि शिवसेना-यूबीटी के उद्धव ठाकरे, जेएमएम के हेमंत सोरेन विपक्ष की बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।
उद्धव ठाकरे बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग से जुड़े
दिल्ली के ‘कॉन्स्टीट्यूशन क्लब’ में हुई इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले समेत 23 दलों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। शिवसेना (UBT) के उद्धव ठाकरे इस बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सभी सरफराज अहमद, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जॉन ब्रिटास, भाकपा महासचिव डी. राजा, भाकपा (माले) लिबरेशन के दीपांकर भट्टाचार्य और कई अन्य दलों के नेताओं ने भाग लिया। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) और आम आदमी पार्टी (आप) बैठक में शामिल नहीं हुईं। ‘आप’ पहले ही सार्वजनिक रूप से इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है जबकि द्रमुक ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा उससे संबंध तोड़कर टीवीके-नीत सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला करने की घोषणा की थी।
टीवीके इस बैठक में शामिल नहीं हुई
बैठक में तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के शामिल नहीं होने से जुड़े सवाल पर कांग्रेस सूत्रों ने कहा, “टीवीके इस बैठक में शामिल नहीं हुई क्योंकि केवल उन पार्टियों को आमंत्रित किया गया था, जिनके संसद में सदस्य हैं।” सूत्रों ने कहा, “2024 से पहले इंडिया गठबंधन में शामिल होने वाली कुछ पार्टियां आज की बैठक में शामिल रहीं, भले ही उनके पास वर्तमान में सांसद नहीं हैं। इंडिया गठबंधन विस्तार की राह पर है, जल्द ही और पार्टियां इसमें शामिल होंगी।”
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने भी विपक्षी गठबंधन को देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने को मजबूर किया। इससे पहले, इंडिया गठबंधन की आधिकारिक बैठक जून, 2024 में हुई थी।
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(इनपुट- पीटीआई)
