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सरकारी दफ्तरों में घूसखोरी के मामलों में नंबर-1 बना भारत, Transparency International के सर्वे में लोगों ने पुलिस, सांसद को भी बताया भ्रष्ट

भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायतों पर अंकुश लगाना कठिन है, लेकिन भारत में अधिकतर नागरिक (63 फीसदी) मानते हैं कि अगर वे भ्रष्टाचार की रिपोर्ट करते हैं तो उन्हें परेशान किया जाएगा या उनसे बदला लिया जाएगा।

भारत में भ्रष्टाचार को लेकर ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में देश को नंबर-1 बताया गया है।

सार्वजनिक सेवाओं में अपना काम निकालने के लिए रिश्वत देने के दर और व्यक्तिगत संबंधों के उपयोग के मामले में भारत एशिया में पहले स्थान पर है। भ्रष्टाचार निगरानी संस्था ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल  (Transparency International) की नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर (GCB) एशिया ने पाया कि रिश्वत देने वाले करीब 50 फीसदी और व्यक्तिगत संबंध का उपयोग करने वाले 32 फीसदी लोगों ने बताया कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें सेवाएं नहीं मिल सकती हैं।

इस वर्ष 17 जून से 17 जुलाई के बीच भारत में 2000 लोगों पर हुए सर्वे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। सार्वजनिक सेवाओं में रिश्वत भारत को दीमक की तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि धीमी और जटिल नौकरशाही प्रक्रिया, अनावश्यक लालफीताशाही और अस्पष्ट नियामक ढांचे नागरिकों को जान-पहचान और गलत तरीके के नेटवर्क के माध्यम से बुनियादी सेवाओं तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक समाधान निकालने को विवश करते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, “राष्ट्रीय और राज्य सरकारों को सार्वजनिक सेवाओं के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, रिश्वतखोरी और भाई-भतीजावाद से निपटने के लिए निवारक उपायों को लागू करने और आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं को जल्दी और प्रभावी ढंग से वितरित करने के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल ऑनलाइन प्लेटफार्मों में निवेश करने की आवश्यकता है।”

हालांकि भ्रष्टाचार के मामलों की शिकायतों पर अंकुश लगाना कठिन है, लेकिन भारत में अधिकतर नागरिक (63 फीसदी) मानते हैं कि अगर वे पुलिस के पास भ्रष्टाचार की रिपोर्ट करते हैं तो उन्हें परेशान किया जाएगा या उनसे बदला लिया जाएगा।

इसी तरह भारत में 89 फीसदी लोगों को लगता है कि सरकारी भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है। 18 प्रतिशत लोगों ने बताया कि उनसे जनप्रतिनिधियों ने वोट के बदले रिश्वत की पेशकश की और 11 प्रतिशत ने यौन संबंध रखने या ऐसा करने वाले किसी व्यक्ति को जानते हैं।

सर्वेक्षण के मुताबिक लगभग 63 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार से निपटने में सरकार अच्छा काम कर रही है, जबकि 73 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनकी भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

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