भारत सरकार ने चीनी के निर्यात पर बड़ा फैसला लेते हुए तत्काल प्रभाव से इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने अधिसूचना जारी कर निर्यात नीति में बदलाव करते हुए चीनी के निर्यात दर्जे को ‘Restricted’ (प्रतिबंधित) से बदलकर ‘Prohibited’ (पूर्ण प्रतिबंधित) कर दिया है।
13 मई 2026 को जारी इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि विदेशी व्यापार नीति 2023 के तहत चीनी की निर्यात नीति को ‘Restricted’ से बदलकर “Prohibited” कर दिया गया है। यह आदेश कच्ची चीनी, सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी – तीनों श्रेणियों पर लागू होगा।
किसे मिली छूट
हालांकि सरकार ने कुछ मामलों में छूट भी दी है। यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका को CXL और TRQ कोटा के तहत होने वाला निर्यात जारी रहेगा। इसके अलावा एडवांस ऑथराइज़ेशन स्कीम (AAS) के तहत होने वाले निर्यात और दूसरे देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरतों के लिए सरकार-से-सरकार (G2G) आधार पर भेजी जाने वाली खेपों को भी छूट दी गई है।
नोटिफिकेशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो चीनी की खेपें पहले से निर्यात प्रक्रिया में हैं, उन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
सरकार के इस फैसले को घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
किस खेप को मिलेगी निर्यात की अनुमति
चीनी निर्यात पर रोक से जुड़ी DGFT की अधिसूचना के दूसरे पन्ने में सरकार ने साफ किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में चीनी के निर्यात की अनुमति दी जाएगी। नोटिफिकेशन के अनुसार, अगर अधिसूचना प्रकाशित होने से पहले जहाज पर चीनी की लोडिंग शुरू हो चुकी है या शिपिंग बिल दाखिल हो चुका है और जहाज भारतीय बंदरगाह पर पहुंच चुका है तो ऐसे निर्यात पर रोक लागू नहीं होगी।
इसके अलावा, अगर चीनी की खेप अधिसूचना जारी होने से पहले कस्टम विभाग या कस्टोडियन को सौंप दी गई थी और उसका रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दर्ज है तो उस खेप को भी निर्यात की अनुमति मिलेगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि दूसरे देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए उनकी सरकारों के अनुरोध पर भारत सरकार की अनुमति से चीनी का निर्यात किया जा सकेगा।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि 30 सितंबर 2026 के बाद इस प्रतिबंध को आगे नहीं बढ़ाया गया तो चीनी की निर्यात नीति फिर से ‘Restricted’ श्रेणी में लौट आएगी। यह आदेश DGFT के महानिदेशक लव अग्रवाल की मंजूरी से जारी किया गया है।
भारत दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश
आपको बता दें कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है। विश्व में ब्राजील सबसे ज्यादा चीनी आयात करता है। भारत ने घरेलू मांग से ज्यादा उत्पादन की उम्मीद की थी और मिलों को 15 लाख टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि गन्ना उत्पादन करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में पैदावार कमजोर होने के चलते उत्पादन लगातार दूसरे साल खपत से कम रहेगा।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले से दुनियाभर में चीनी की कीमतों में उछाल आ सकता है।
