Chinese Infiltration Fake Reports: सोमवार को कई मीडिया रिपोर्ट्स में अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी संगठन के आरोपों के हवाले से यह दावा किया गया था कि चीनी सेना पीएलए ने अरुणाचल के कुछ हिस्सों पर कब्जा करके अपने ठिकाना बना लिया है। इस मामले में अब भारतीय सेना की तरफ से स्पष्टीकरण आया है और सेना ने चीनी घुसपैठ की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।

दरअसल न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय सेना ने कहा, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्टें देखी हैं जिनमें आरोप लगाया गया है कि चीनी पीएलए ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण किया है और शिविर स्थापित किए हैं। ये रिपोर्टें गलत और निराधार हैं।”

सेना को क्यों देना पड़ा स्पष्टीकरण?

बता दें कि भारतीय सेना ने यह स्पष्टीकरण अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के तकसिंग में स्थित नाह वेलफेयर सोसाइटी (एनडब्ल्यूएस) द्वारा उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपने के बाद आया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि चीनी पीएलए ने सीमावर्ती क्षेत्रों में धीरे-धीरे अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है।

नाह वेलफेयर सोसाइटी ने चिंताएं जताईं

आदिवासी संगठन ने दावा किया था कि पीएलए ने पिछले छह वर्षों में नाह आदिवासी समुदाय द्वारा उपयोग की जाने वाली पारंपरिक चराई, शिकार और कृषि भूमि के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। सौंपे गए ज्ञापन में संगठन के अध्यक्ष केरू चादेर ने आरोप लगाया कि पैतृक भूमि का उपयोग कभी शिकार, वन उत्पाद एकत्र करने और मवेशी चराने के लिए किया जाता था, अब चीनी पीएलए के कब्जे में है।

चीनी घुसपैठ के ज्ञापन और दावों के बीच नाचो के विधायक नकाप नालो ने कहा कि आरोपों के लिए आधिकारिक सत्यापन की आवश्यकता है क्योंकि ये मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं। विधायक ने कहा कि आरोपों की आधिकारिक तौर पर प्रशासन द्वारा पुष्टि की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर ये घटनाएं सच साबित होती हैं तो ये चिंता का विषय हैं।

भारतीय सेना पर भरोसा लेकिन…

वहीं संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पीएलए ने भारतीय क्षेत्र के अंदर सड़कें और सैन्य शिविर बनाए हैं। वहीं भारतीय सेना पर भरोसा जताते हुए केरू चादेर ने कहा कि समुदाय सेना के प्रयासों की सराहना करता है लेकिन तकसिंग सेक्टर में चीनी गतिविधियों की बढ़ती रफ्तार को लेकर चिंतित है।

हालांकि, अब चीनी घुसपैठ की सारे दावों और रिपोर्ट्स को भारतीय सेना ने खारिज कर दिया है और उन्हें पूरी तरह से फर्जी और निराधार बताया है।

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