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लद्दाख में फिर तनातनी, पैंगोंग झील के पास चीनी सैनिकों के जमावड़े के बाद सेना ने LAC के करीब फिर तैनात किए जवान

चीन ने हाल ही में दावा किया था कि एलएसी पर तनाव कम करने के लिए उसने ज्यादातर इलाकों से सेना पीछे बुला ली है, हालांकि भारत ने चीन के इस दावे को झूठा बताया।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: August 1, 2020 10:02 AM
India, China, Intelligence agenciesभारतीय खुफिया एजेंसियों के पास अप्रैल मध्य में पहली बार एलएसी पर चीनी सेना के जुटने के इनपुट्स आ गए थे।

भारत और चीन के बीच पिछले करीब तीन महीनों से लद्दाख स्थित एलएसी पर तनाव चरम पर है। इस बीच खबर है कि भारतीय सेना कुछ अहम इलाकों से चीन के पीछे न हटने के कारण अब एलएसी पर टुकड़ियां जुटा रही है। दरअसल, भारत और चीन के बीच अब तक चार बार सैन्य स्तर की वार्ता हो चुकी है। इसके बाद चीन ने एलएसी पर चार जगहों से सेना को कुछ पीछे किया। पर पैंगोंग सो और डेपसांग प्लेन्स के इलाकों में अभी भी उसकी घुसपैठ जारी है। ऐसे में भारतीय सेना एलएसी पर अब लंबे समय के लिए चीनी सेना का आमना-सामना करने के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही भारत में चीन के राजदूत सन वीदोंग ने एलएसी के पैंगोंग सो पर होने का दावा किया था। इस पर सेना के एक वरिष्ठ अफसर ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “एलएसी पर हमारी तैयारी और ऐक्शन दुश्मन की गतिविधियों पर आधारित होंगे। जब तक उन्होंने यहां क्षमता जुटा रखी है, तब तक हमें भी तैयार रहना होगा क्योंकि उनके इरादे कभी भी बदल सकते हैं। हम स्थिति के विश्लेषण के हिसाब से ही एलएसी पर टुकड़ियों को बनाए रखेंगे।”

सैन्य अधिकारी के इस बयान से साफ है कि भारतीय सेना लद्दाख स्थित विवादित सीमा पर क्षमता तब तक बढ़ाती रहेगी, जब तक टकराव वाले क्षेत्रों से सैनिकों को दूर नहीं कर लिया जाता। चीन की तरफ से पहले ही कहा जा चुका है कि ज्यादातर लोकेशन पर सेनाएं तनाव कम करने के लिए एक-दूसरे से कुछ दूर हुई हैं। हालांकि, भारत का कहना है कि पैंगोंग सो और पैट्रोलिंग पॉइंट 17ए में अभी टुकड़ियां पीछे नहीं हटी हैं।

अफसर ने आगे कहा कि लद्दाख में अतिरिक्त टुकड़ियों का जुटाव (जिनमें करीब 35 हजार सैनिक हैं) एलएसी पर अप्रैल जैसी स्थिति वापस लौटाने के लिए किया गया है। सेना का अभी भी यही लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हम अभी किसी भी तरह के आकस्मिक खर्च के लिए तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी तो सर्दियों में सैनिकों की तैनाती के लिए भी रसद और जरूरत के सामानों के इंतजाम किए जा रहे हैं। एक अन्य अफसर ने कहा कि लद्दाख में कम से कम एक अतिरिक्त डिवीजन को हर तरह की परिस्थिति के लिए रखा ही जाएगा। उन्होंने चीनी गतिविधियों के हिसाब से अतिरिक्त टुकड़ियों की तैनाती की बात से भी इनका नहीं किया।

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