अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा है कि सिंधु जल संधि सद्भावना और दोस्ती की भावना से की गई थी लेकिन पाकिस्तान ने अपने बर्ताव से इसे बर्बाद कर दिया। विनय मोहन क्वात्रा ने इस संबंध में ‘न्यूजवीक’ पत्रिका में एक लेख लिखा है।
भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा 26 लोगों की हत्या के एक दिन बाद- 23 अप्रैल, 2025 को इस संधि को स्थगित कर दिया था।
क्वात्रा ने लिखा, ”यह याद रखना चाहिए कि संधि की प्रस्तावना में कहा गया है कि इसे सद्भावना और मित्रता की भावना से किया गया था। पाकिस्तान ने आधी सदी तक इसी सद्भावना और मित्रता को बर्बाद करने का काम किया।”
1960 में सिंधु जल संधि पर हुए थे हस्ताक्षर
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों में से तीन नदियों का नियंत्रण भारत को मिला जिनमें कुल पानी का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा बहता है। वहीं, पाकिस्तान को उन नदियों का नियंत्रण मिला जिनमें लगभग 80% पानी बहता है।
क्वात्रा ने कहा, ”इस असमान व्यवस्था ने भारत के उन इलाकों के विकास को दशकों तक रोके रखा जिन्हें बेहतर जल अधिकार मिलने से फायदा हो सकता था। इसके बावजूद भारत ने संधि का पूरी ईमानदारी से पालन किया।” उन्होंने कहा कि इसके जवाब में पाकिस्तान ने 1965, 1971 और 1999 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया।
सीमा पार आतंकवाद जारी रखने का आरोप
क्वात्रा ने कहा कि पाकिस्तान ने दुश्मनी का रवैया अपनाया और सीमा पार आतंकवाद जारी रखा, जिसमें 2001 में भारतीय संसद पर हमला, 2008 का मुंबई आतंकवादी हमला, 2016 का उरी और पठानकोट हमला, 2019 का पुलवामा हमला और 2025 का पहलगाम हमला शामिल है। क्वात्रा ने कहा कि यदि पाकिस्तान वास्तव में द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का सहयोग चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा।
क्वात्रा ने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का स्पष्ट रुख व्यक्त किया है- आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते…आतंक और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते… पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।”’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिस जल संकट का सामना कर रहा है, वह इस्लामाबाद की सरकार के कुप्रबंधन का नतीजा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा और सिंधु जल संधि को लेकर किया गया समझौता भारत को मंजूर नहीं है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
