इंडिया गठबंधन की हाल ही में बैठक हुई लेकिन सबकुछ ठीक नहीं है। कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के बीच दरार की खबरें हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बैठक में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और CPM के सबसे बड़े नेताओं में से एक पिनराई विजयन को गले लगाने से मना कर दिया था। इसके बाद से वह लेफ्ट पार्टियों के निशाने पर है। राहुल गांधी ने कहा था कि वह विजयन को गले नहीं लगाएंगे क्योंकि उनकी उनके साथ राजनीतिक लड़ाई चल रही है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ सीपीएम नेता बृंदा करात ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया।
बृंदा करात ने कहा, “लेफ्ट के नेता गले लगना नहीं चाहते। हम अच्छी राजनीति चाहते हैं। अपने गले मिलने के शौक को अपने तक ही सीमित रखें। हम भाजपा द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ रहे हैं। लेकिन विपक्ष के नेता के तौर पर कृपया पिनाराई विजयन जैसे विपक्षी नेताओं का सम्मान करें।”
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
राहुल गांधी ने कहा था, “हमारी अपनी लड़ाइयां हैं, लेकिन अगर आप मुझसे केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाने के लिए कह रहे हैं, तो मैं नहीं कर सकता और न ही करूंगा क्योंकि मेरी उनके साथ राजनीतिक लड़ाई चल रही है।”
इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सवाल
केरल में CPM और कांग्रेस एक-दूसरे की कट्टर विरोधी हैं। कांग्रेस ने हाल के विधानसभा चुनाव में लेफ्ट को हराया था, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर दोनों सहयोगी हैं। लेफ्ट और कांग्रेस के बीच विवाद से इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
पूरे मामले पर विजयन ने कहा था कि उनके बीच गले मिलने का कोई रिवाज नहीं है और उनकी बातचीत आमतौर पर औपचारिक अभिवादन या हाथ मिलाने तक ही सीमित रहती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने की तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हुई थीं। विजयन ने पत्रकारों से कहा, “मुझे गले लगाने की क्रिया से कोई आपत्ति नहीं है। मुझे चिंता इस बात की है कि इन टिप्पणियों के पीछे क्या राजनीतिक संदेश है। इससे राहुल गांधी के नज़रिए और INDIA गठबंधन के प्रति उनकी सोच का पता चलता है।”
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विजयन ने कहा कि राहुल गांधी का राजनीतिक रवैया INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन को मजबूत नहीं करता और इससे अक्सर बीजेपी को ही फायदा होता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
