INDIA Alliance Meeting: दिल्ली में बुधवार को विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की अहम बैठक हुई थी, जिसमें केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की आक्रामक रणनीति पर मंथन हुआ था। इस बैठक में वैसे तो सबकुछ व्यवस्थित था लेकिन कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की एंट्री ने सभी को चौंका दिया।

विपक्षी दलों की इस बैठक के अंदर सब कुछ सुव्यवस्थित था; एक बड़े आयताकार ढांचे के चारों ओर बैठने की व्यवस्था पहले से ही की गई थी और कार्यवाही सुचारू रूप से चली। प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने पर सभी के लिए नामपट्टियाँ भी लगी हुई थीं लेकिन सोनिया गांधी भी आखिरी वक्त में वहां पहुंच गई थीं।

सोनिया गांधी का आना अप्रत्याशित

NDTV के सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का आगमन अप्रत्याशित था और किसी ने भी उनकी उपस्थिति की उम्मीद नहीं की थी। उनके आने से थोड़ी अफरा-तफरी मच गई। ऐसे ज्यादा नेताओं वाली बैठक में नेताओं के बैठने की व्यवस्था इस तरह की जाती है कि कुछ नेता आगे की पंक्ति में और कुछ पीछे बैठें, ताकि आपसी सम्मान सुनिश्चित हो सके।

जानकारी के मुताबिक, जिन पार्टियों के सांसदों की संख्या कम है, उनके प्रतिनिधि पीछे की पंक्ति में बैठते हैं, जबकि वर्तमान या पूर्व मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आगे की पंक्ति में बैठते हैं।

खड़गे के बगल में राहुल-तेजस्वी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कुर्सी सेंटर में थी। उनके एक तरफ नेता विपक्ष राहुल गांधी तो दूसरी ओर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बैठे थे। दोनों के अगल बग तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और सीपीएम महासचिव एमए बेबी बैठे थे।

कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कई कांग्रेस नेताओं और तृणमूल नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने बैठने की व्यवस्था का जायजा ले लिया था लेकिन सोनिया गांधी सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले पहुंचीं, जिससे सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।

सोनिया गांधी के नाम की नहीं थी कोई जगह

सूत्रों के अनुसार, कहीं भी उनके नाम की पट्टी नहीं थीं। ममता बनर्जी और एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले अपनी निर्धारित सीट ढूंढने लगीं। सभी ने उन्हें राहुल गांधी की सीट पर बैठने का इशारा किया; लेकिन उन्होंने तेजस्वी यादव की कुर्सी पर ही बैठना पसंद किया।

तभी मल्लिकार्जुन खड़गे ने हॉल में प्रवेश किया और अपने बगल में बैठने के लिए जगह मांगी। ममता बनर्जी सोनिया गांधी के बगल में बैठीं, उनके बाद सुप्रिया सुले बैठीं और समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक उनके बगल में बैठे।

खड़गे के बगल में राहुल-तेजस्वी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कुर्सी सेंटर में थी। उनके एक तरफ नेता विपक्ष राहुल गांधी तो दूसरी ओर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बैठे थे। दोनों के अगल बग तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और सीपीएम महासचिव एमए बेबी बैठे थे।

कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कई कांग्रेस नेताओं और तृणमूल नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने बैठने की व्यवस्था का जायजा ले लिया था लेकिन सोनिया गांधी सम्मेलन शुरू होने से ठीक पहले पहुंचीं, जिससे सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।

सोनिया गांधी के नाम की नहीं थी कोई जगह

सूत्रों के अनुसार, कहीं भी उनके नाम की पट्टी नहीं थीं। ममता बनर्जी और एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले अपनी निर्धारित सीट ढूंढने लगीं। सभी ने उन्हें राहुल गांधी की सीट पर बैठने का इशारा किया; लेकिन उन्होंने तेजस्वी यादव की कुर्सी पर ही बैठना पसंद किया।

तभी मल्लिकार्जुन खड़गे ने हॉल में प्रवेश किया और अपने बगल में बैठने के लिए जगह मांगी। ममता बनर्जी सोनिया गांधी के बगल में बैठीं, उनके बाद सुप्रिया सुले बैठीं और समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक उनके बगल में बैठे।

दिलचस्प रहा सीटिंग अरेंजमेंट

वहीं जब राहुल गांधी पहुंचे, तो उन्होंने खड़गे के दूसरी तरफ वाली सीट ले ली। उनके बगल में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला बैठे, उसके बाद एमए बेबी, सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और अंत में तेजस्वी यादव और कपिल सिबल बैठे।

पी चिदंबरम के नाम की एक नेमप्लेट भी पहली पंक्ति में लगाई गई थी, लेकिन उनके उपस्थित न होने के कारण वह स्थान खाली हो गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ममता बनर्जी की बोलने की बारी आई, तो उन्होंने बेहद आलोचनात्मक स्वर में मीडिया को संबोधित किया, जबकि सोनिया गांधी ने उनकी पीठ थपथपाई।

ज्ञानेश कुमार का मांगा इस्तीफा

इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद, विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराया, जबकि भाजपा ने गठबंधन को राजनीतिक अवसरवादिता करार दिया।

हालांकि एक अहम बिंदु यह भी है कि इस विपक्षी दलों की बैठक में आम आदमी पार्टी, डीएमके, टीवी के के नेता नहीं पहुंचे थे। इतना ही नहीं, विपक्षी कुनबे में सबसे ज्यादा सांसद वाली दूसरी पार्टी यानी सपा के नेता अखिलेश यादव भी नहीं पहुंचे थे। हालांकि, यह भी कहा गया कि अखिलेश केवल राज्यसभा चुनाव के लिए सपा प्रत्याशियों के नामांकन में शामिल होने गए हैं, और इसके चलते ही वे इस बैठक में शामिल नहीं हुए।

यह भी पढ़ें: ‘BJP के कई विधायक संपर्क में हैं’, अखिलेश यादव ने बताया- क्यों नहीं कर सकते समाजवादी पार्टी में शामिल

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को दावा किया कि BJP के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए इन नेताओं को अपने साथ शामिल करना मुश्किल है क्योंकि वह ऐसे वादे नहीं करना चाहती जिन्हें बाद में पूरा न कर सके। पढ़िए पूरी खबर…