नई दिल्ली में बुधवार को हुई INDIA गठबंधन के दलों की बैठक में विपक्षी एकता को लेकर अहम चर्चा हुई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सहयोगी दलों से एक-दूसरे पर भरोसा करने और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर काम करने की अपील की। राहुल ने कहा कि विपक्ष के सामने अब बीजेपी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्षी एकजुटता का दायरा बढ़ाने और INDIA गठबंधन में उन गैर-एनडीए दलों को भी साथ लाने की बात कही, जो अभी इस गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।

राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में कहा कि अब समय आ गया है कि सभी लोकतांत्रिक ताकतें बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ एक साथ आएं।

सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि सत्तारूढ़ बीजेपी ने जो व्यवस्था खड़ी की है, वह अब कमजोर पड़ रही है और विपक्ष के लिए यह आर-पार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में इंडिया गठबंधन के दलों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन मतभेदों का असर राष्ट्रीय स्तर पर एकता और मिलकर काम करने पर नहीं पड़ना चाहिए।

राहुल ने यह भी कहा कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच आपसी सहमति होनी चाहिए और किसी भी दल को दूसरे सहयोगी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से नहीं बोलना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, राहुल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘‘मनोवैज्ञानिक रूप से टूट चुके हैं’’ और विपक्ष ‘‘मनोवैज्ञानिक लड़ाई पहले ही जीत चुका है।’’

बैठक में मार्च निकालने के सुझाव पर भी चर्चा

बैठक के दौरान कई अहम मुद्दों पर नेताओं के बीच बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, फॉरवर्ड ब्लॉक के नेता जी. देवराजन ने सुझाव दिया कि बैठक खत्म होते ही सभी नेता चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालें।

TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने इस सुझाव का समर्थन किया और राहुल गांधी से कहा कि यह अच्छा सुझाव है। राहुल भी इसके लिए तैयार बताए गए, लेकिन दूसरे नेताओं का कहना था कि विरोध मार्च जल्दबाजी में नहीं, बल्कि व्यवस्थित और सुनियोजित तरीके से आयोजित किया जाना चाहिए।

ममता ने विपक्ष को और बड़ा करने की बात कही

CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने बैठक में कहा कि बीजेपी का विरोध करने वाले सभी राजनीतिक दलों, नागरिक समाज के संगठनों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाने की कोशिश की जानी चाहिए। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को बीजू जनता दल (बीजेडी) प्रमुख नवीन पटनायक से बात की है।

ममता ने बताया कि वह उन गैर-एनडीए दलों से भी संपर्क करने की योजना बना रही हैं, जो अभी इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी को एक साथ लाया जाए।

सूत्रों के अनुसार, ममता ने यह भी कहा कि अब उनके अंदर कोई अहंकार नहीं है, क्योंकि वह ‘‘सबसे बड़ी पीड़ित’’ रही हैं। इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि सभी राजनीतिक दल नुकसान झेल रहे हैं, लेकिन अंत में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को होता है।

ममता ने PM पद को लेकर कांग्रेस के सामने रखी बात

विपक्षी दलों को एकजुट करने की जरूरत पर जोर देते हुए ममता बनर्जी ने बैठक में एक समय कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री का पद ले सकती है, लेकिन इसके लिए उसे सभी दलों को साथ लाना होगा।

इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने हस्तक्षेप किया। सूत्रों के मुताबिक, खड़गे ने कहा कि कांग्रेस सत्ता या प्रधानमंत्री पद के पीछे नहीं है। उसका उद्देश्य देश और लोकतंत्र को बचाना है। उन्होंने कहा कि इस समय सत्ता या प्रधानमंत्री पद की चर्चा प्रासंगिक नहीं है।

राहुल बोले- इतिहास इस बैठक को याद रखेगा

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं से कहा कि इतिहास उन नेताओं को याद रखेगा जो ‘‘देश और लोकतंत्र को बचाने’’ के लिए एक साथ खड़े हुए हैं।

राहुल ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग, केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के कुछ अधिकारी कथित अनियमितताओं को लेकर उनसे संपर्क करने लगे हैं।

चुनाव में कथित गड़बड़ियों और संस्थाओं पर भी उठे सवाल

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल चुनाव में कथित अनियमितताओं समेत कई मुद्दे उठाए। उन्होंने सरकार द्वारा संस्थाओं पर कथित कब्जे का मुद्दा भी सामने रखा।

निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और कार्यकाल से जुड़े 2023 के कानून के तहत सुरक्षा प्राप्त है।

सिब्बल ने प्रस्ताव दिया कि विपक्षी दलों को मिलकर इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान राजनीतिक और कानूनी, दोनों स्तरों पर चलाया जाना चाहिए।

सीपीआई (एमएल) के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने नए मतदाताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में चुनाव आयोग द्वारा किए गए कथित बदलावों को लेकर सवाल उठाए और कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।

उद्धव ठाकरे बोले- ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर जमीन पर उतरना होगा

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सिर्फ ‘‘वोट चोरी’’ में शामिल नहीं है, बल्कि ‘‘बीजेपी को विपक्षी दलों को तोड़ने में मदद’’ भी कर रहा है। उद्धव ने कहा कि विपक्ष को ‘‘वोट चोरी’’ के मुद्दे पर जमीन पर उतरकर अभियान चलाने की जरूरत है।

बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में दोबारा महाभियोग प्रस्ताव लाने के विपक्ष के प्रस्ताव पर औपचारिक रूप से चर्चा नहीं हुई। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक कुछ नेताओं ने बैठक से अलग अनौपचारिक बातचीत में इस मुद्दे पर चर्चा की।

इस पूरी बैठक में एक तरफ राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के दलों से राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर BJP के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करने की अपील की, वहीं ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता का दायरा मौजूदा गठबंधन से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। यानी बैठक में विपक्ष की रणनीति के दो अहम पहलू सामने आए – मौजूदा INDIA गठबंधन को एकजुट रखना और उसके दायरे में नए गैर-NDA दलों को शामिल करने की कोशिश करना।

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