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भारत-पाक ने एक-दूसरे पर बोला जवाबी हमला

विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में एक सभा में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की।

Author September 26, 2016 6:22 AM
विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के पहले शरणार्थी एवं प्रवासी शिखर सम्मेलन में कल यहां अपने संबोधन में कहा, ‘‘इस बात पर बल देना महत्वपूर्ण है कि शरणार्थी संकट का अहम कारण आतकंवाद है।

उड़ी में हुए आतंकी हमले को कश्मीर में हालात पर लोगों की प्रतिक्रिया का नतीजा बताने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर भारत ने जवाबी हमला बोला है। विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने कहा, ‘ये कुतर्क जानबूझ कर किए गए हैं और ये सरासर गलत हैं। ये न्यूयॉर्क और लंदन में काम नहीं आने वाले। साथ ही, ये इस्लामाबाद में भी काम नहीं आने वाले।’

अकबर, लंदन में शरीफ की उन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि उड़ी हमला कश्मीर घाटी में तनावपूर्ण हालात पर लोगों की प्रतिक्रिया का परिणाम हो सकता है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में शामिल होने के बाद लौटने के दौरान श्ुाक्रवार को लंदन में रुके शरीफ ने संवाददाताओं से कहा था, ‘उड़ी हमला कश्मीर में अत्याचारों का परिणाम हो सकता है। बीते दो महीनों में मारे गए लोगों के करीबी और संबंधी दुखी हैं और गुस्से में हैं।’

यहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के 71वें सत्र से इतर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग ले रहे अकबर ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण और शक्तिशाली देशों ने भारत के तर्कों और उचित रूख को समस्याओं से एकजुट होकर निबटने के हमारे प्रयासों को, गरीबी को दूर करने और विकास पर ध्यान देने को लक्ष्य बनाने की हमारी मांग और प्रयासों को अच्छे से स्वीकार किया है।’ विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने कहा कि भारत का प्रमुख लक्ष्य है कि तरक्की का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है और इस लक्ष्य को अन्य देशों की ओर से मजबूत समर्थन मिला है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मानवाधिकार का सबसे बड़ा दुश्मन आतंकवाद है। कश्मीर के उड़ी में रविवार सुबह उच्च सुरक्षा वाले सैन्य शिविर पर हुए आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे।

इस बीच, अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों को सीधा संवाद में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है। अमेरिका ने ये बातें दोनों पड़ोसियों के बीच कश्मीर मुद्दे पर वाक्युद्ध तेज होने के बीच कही। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के बीच सभी कोशिशों का जोरदार तरीके से समर्थन करता है, जो अधिक स्थिर, लोकतांत्रिक और खुशहाल क्षेत्र बनाने में योगदान दे सकता है।

नवाज के बयान पर बरसे अकबर कहा, ये कुतर्क काम नहीं आएंगे
पाकिस्तान ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भड़काऊ बयान देकर गैरजिम्मेदाराना बर्ताव करने का आरोप लगाया और कहा कि उनका यह बयान कश्मीर से ध्यान हटाने के लिए सुविचारित निंदा अभियान का हिस्सा है कि पाकिस्तान आतंकवाद का निर्यात कर रहा है। विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में एक सभा में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की।

विदेश कार्यालय ने कहा, ‘दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय नेतृत्व भड़काऊ बयान देकर और बेबुनियाद आरोप लगा कर पाकिस्तान के खिलाफ सोचा-समझा निंदा अभियान चला रहा है। सर्वोच्च राजनीतिक स्तर पर इस तरह से बर्ताव का गैरजिम्मेदाराना प्रदर्शन खेदजनक है।’ बयान में आरोप लगाया गया, ‘यह जाहिर है कि भारत हताशा में दुनिया का ध्यान कश्मीर में बेगुनाह और असहाय बच्चों, महिलाओं समेत कश्मीरियों के खिलाफ अपने बलों के अत्याचारों से हटाने की कोशिश कर रहा है।’कश्मीर में मारे गए हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के संदर्भ में विदेश कार्यालय ने कहा कि ‘बुरहान वानी की इस साल जुलाई में हत्या के बाद से कश्मीर में अत्याचार बढ़े हैं।’

मोदी ने भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के अधिवेशन से इतर कोझिकोड में आयोजित सभा में कहा, ‘आतंकवादियों को साफ-साफ सुन लेना चाहिए कि भारत उड़ी हमले को कभी नहीं भूलेगा। मैं पाकिस्तान के हुक्मरान को बता देना चाहता हूं कि हमारे 18 जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा।’ उन्होंने कहा कि एशिया के देश जहां 21वीं सदी को इस महाद्वीप की बनाने के लिए काम कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान आतंकवाद फैला कर और बेगुनाहों को मार कर एशिया में खूनखराबे की साजिश में लगा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के बयान में आरोप लगाया गया, ‘पिछले 75 दिन में भारत के नियंत्रण वाले बलों ने सौ से अधिक कश्मीरियों को जघन्य तरीके से मार दिया, सैकड़ों लोगों को दृष्टिहीन कर दिया और हजारों लोगों को घायल कर दिया।’

विदेश कार्यालय ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन कथित ‘मानवाधिकार उल्लंघनों’ का संज्ञान लिया है और संयुुक्त राष्ट्र तथा इस्लामी सहयोग संगठन के साथ ही कई देशों ने इस पर चिंता जताई है। उसने भारत पर सरकारी तंत्र के माध्यम से पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करते रहने का आरोप भी मढ़ दिया। बयान में कहा गया, ‘भारतीय नौसेना के अधिकारी और खुफिया अफसर कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी और उनके इकबालिया बयानों से यह बात संदेह से परे जाहिर हो गई है कि भारत बलूचिस्तान समेत पाकिस्तान के कई हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को हवा देता है।’

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