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Independence Day 2018: इतिहास में दर्ज हैं स्वतंत्रता संग्राम की ये बातें, कई कुर्बानियों के बाद मिली आजादी

Independence Day 2018: इस साल भारत में 72वां स्वंतत्रता दिवस मनाया जा रहा है। 15 अगस्त को देश की राजधानी में पूरे जुनून के साथ इस दिन को मनाया जाता है जहां दिल्ली के लाल किले पर भारत के प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं।

भारत के पहले स्वतंत्रता दिवस पर जवाहरलाल नेहरू और लेडी एडविना (तस्वीर एक्सप्रेस आर्काइव से)

Independence Day 2018: 15 अगस्त, 2018 (बुधवार) को भारत का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। इसी तारीख को साल 1947 में भारत को आजादी हासिल हुई थी। इस साल भारत में 72वां स्वंतत्रता दिवस मनाया जा रहा है। 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश साम्राज्य से देश की स्वतंत्रता को सम्मान देने के लिए पूरे भारत में राष्ट्रीय और राजपत्रित अवकाश के रूप में इस दिन को घोषित किया गया है। हर साल 15 अगस्त को भारत में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पर, सभी राष्ट्रीय, राज्य तथा स्थानीय सरकार के कार्यालय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, बाजार, दुकानें, व्यापार, संस्थान आदि बंद रहते है। हालाँकि, सार्वजनिक परिवहन बिल्कुल प्रभावित नहीं होता है। इसे बहुत उत्साह के साथ भारत की राजधानी दिल्ली में मनाया जाता है जबकि स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक समुदाय और समाज सहित दूसरे शिक्षण संस्थानों में भी मनाया जाता है।

भारत के स्वतंत्रता दिवस का इतिहास: 17वी शताब्दी में कुछ यूरोपियन व्यापारियों ने विशाल सैनिक शक्ति की वजह से भारत को गुलाम बनाया था, इस व्यापारी संगठन का नाम ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी था। 18वी शताब्दी में ही ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारत के लोगों एक जुट होने लगे और साल 1857 में पठान और सिपाहीयों का विद्रोह हुआ। 1857 की बगावत एक असरदार विद्रोह था जिसके बाद पूरे भारत से कई सारे नगरीय समाज उभरे और एक बड़ी स्वतंत्रता क्रांति की शुरुआत हुई।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1947 में ब्रिटिश सरकार आश्वस्त हो चुकी थी कि वो लंबे समय तक भारत जमे रहेंगे। लेकिन भारतीय स्वतंत्रता सेनानी लगातार ब्रिटिश सरकार से लड़ रहे थे। आखिर में अंग्रेजी हुकुमत को भारत से हटाने का फैसला लेना पड़ा। हालांकि भारत की आजादी (15 अगस्त 1947) के बाद हिन्दू-मुस्लिम दंगे हुए जिसने भारत और पाकिस्तान को अलग कर दिया। मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान के प्रथम गवर्नर जनरल बने और पंडित जवाहर लाल नेहरु आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री। दिल्ली, देश की राजधानी में एक आधिकारिक समारोह रखा गया जहाँ सभी बड़े नेता और स्वतंत्रता सेनानियों (अबुल कलाम आजद, बी.आर.अंबेडकर, मास्टर तारा सिंह, आदि) ने इसमें भाग लेकर आजादी का पर्व मनाया।

स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले की शाम को “राष्ट्र के नाम संबोधन” में हर साल भारत के राष्ट्रपति भाषण देते हैं। 15 अगस्त को देश की राजधानी में पूरे जुनून के साथ इस दिन को मनाया जाता है जहां दिल्ली के लाल किले पर भारत के प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं। ध्वजारोहण के बाद, राष्ट्रगान होता है, 21 तोपों की सलामी दी जाती है और तिरंगे के साथ इस महान पर्व को सम्मान दिया जाता है।

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