Ind vs Pak: नरम पड़े वकार यूनिस! ‘हिंदुओं के बीच नमाज’ वाली टिप्पणी पर मांगी माफी, हर्षा भोगले ने यूं घेरा था

दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में हुए मैच के बाद पाक के सलामी बल्लेबाज रिजवान ने जीत के जश्न के दौरान ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया था। उन्होंने इस दौरान मैदान में खड़े होकर कुछ सेकेंड्स तक नमाज (सांकेतिक तौर पर) भी पढ़ी थी।

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यूएई के दुबई में 24 अक्टूबर को भारत को हराने के बाद मैदान में अल्लाह का शुक्रिया करते पाकिस्तानी खिलाड़ी मो.रिजवान। पारी खत्म करने के बाद बगल में उनके साथ कप्तान बाबर आजम। (फाइल फोटोः पीटीआई)

हिंदुओं के बीच नमाज से जुड़ी अपनी टिप्पणी को लेकर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वकार यूनिस नरम पड़े हैं। विवाद पनपने के बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है।

उन्होंने बुधवार (27 अक्टूबर, 2021) को टि्वटर पर कहा- इस गर्मागर्मी (विवाद) में मैंने कुछ ऐसा कह दिया जो कहना मेरा मकसद नहीं था। उससे कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। मैं इसके लिए क्षमा चाहता हूं। मेरा ऐसा करने का बिल्कुल भी इरादा नहीं था। यह एक वास्तविक गलती थी। खेल जाति, रंग या धर्म की परवाह किए बिना लोगों को एकजुट करता है।

दरअसल, भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई में हुए मैच के बाद पाक के सलामी बल्लेबाज रिजवान ने जीत के जश्न के दौरान ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया था। उन्होंने इस दौरान मैदान में खड़े होकर कुछ सेकेंड्स तक नमाज (सांकेतिक तौर पर) भी पढ़ी थी।

खेल के बाद पाकिस्तान के ‘एआरवाई’ चैनल पर एक स्पोर्ट्स डिबेट में इसी मुद्दे का जिक्र करते हुए वकार यूनिस ने कहा था, “सबसे अच्छी बात यह रही कि रिजवान ने मैदान में खड़े होकर नमाज भी पढ़ी…हिंदुओं के बीच में खड़े होकर, यह मेरे लिए बेहद खास था।” देखें, उन्होंने क्या कहा थाः

यूनिस के इस बयान से जुड़ा वीडियो न केवल पाकिस्तान बल्कि भारत के अलावा अन्य एशियाई देशों में भी खूब वायरल हुआ है। क्रिकेट फैंस ने उनकी टिप्पणी को लेकर नाखुशी जताई और कहा कि यह इसे खेल भावना नहीं कहा जा सकता है। भारत के क्रिकेट एनालिस्ट हर्षा भोगले ने भी उन्हें इस मसले पर कुछ सिलसिलेवार ट्वीट्स के जरिए घेरा था।

भोगले ने लिखा था, “वकार यूनुस के कद के व्यक्ति के लिए यह कहना कि “रिजवान को हिंदुओं के सामने नमाज अदा करते देखना उनके लिए बहुत खास था”, सबसे निराशाजनक चीजों में से एक है जो मैंने सुना है। हम में से बहुत से लोग इस तरह की चीजों को खेलने और खेल के बारे में बात करने की बहुत कोशिश करते हैं और यह सुनना भयानक है।”

अगले ट्वीट में वह बोले- मैं वास्तव में आशा करता हूं कि पाकिस्तान में बहुत सारे वास्तविक खेलप्रेमी इस टिप्पणी के खतरनाक पक्ष को देख सकेंगे और मेरी निराशा में शामिल होंगे। हम जैसे खेलप्रेमियों के लिए लोगों को यह बताना बहुत मुश्किल हो जाता है कि यह सिर्फ खेल है, सिर्फ एक क्रिकेट मैच है।

बकौल भोगले, “आप सोचते होंगे कि क्रिकेटर हमारे खेल के एंबैस्डर के तौर पर कुछ ज्यादा ही जिम्मेदार होंगे। मुझे यकीन है कि रास्ते में वकार की ओर से माफी मांग ली जाएगी। हमें क्रिकेट की दुनिया को जोड़ने की जरूरत है, धर्म से बांटने की नहीं।”

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