दो न्यूज पोर्ट्ल्स पर IT का “सर्वे”: बोले कांग्रेस के दिग्विजय- यह मोदी सरकार का मुक्त प्रेस पर जानबूझकर हमला है

अधिकारियों ने कहा कि कुछ दस्तावेज प्राप्त किये गये हैं और उनका अध्ययन किया जा रहा है।

news laundry, news click, inc
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और दिल्ली में समाचार पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री का दफ्तर। (फाइल फोटो)

आयकर विभाग ने शुक्रवार (10 सितंबर, 2021) को ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ और ‘न्यूजलॉन्ड्री’ के परिसरों में अलग-अलग खातों का अवलोकन किया। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि कर भुगतान संबंधी कुछ विवरण और समाचार संस्थानों द्वारा लेन-देन की रकम के सत्यापन के लिए यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने कहा कि कुछ दस्तावेज प्राप्त किये गये हैं और उनका अध्ययन किया जा रहा है।

वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा- टैक्स अधिकारियों ने न्यूज़ क्लिक और न्यूज़लॉन्ड्री पर छापा/सर्वेक्षण किया। यह कई घंटों तक चलता रहा। वे विज्ञापन नहीं ले रहे हैं और बहुत अच्छा समाचार पोर्टल चला रहे हैं। क्या यह आईटी का निर्दोष कार्य है? निश्चित रूप से नहीं। यह मोदी सरकार द्वारा फ्री प्रेस पर जानबूझकर किया गया हमला है। हम पुरजोर विरोध करते हैं।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 133ए के प्रावधानों के तहत चलाये जाने वाले ‘सर्वे (खातों के अवलोकन के) अभियान’ में आयकर अधिकारी केवल व्यावसायिक परिसरों और उससे जुड़े परिसरों में अवलोकन करते हैं और आवासीय परिसरों में नहीं जाते। हालांकि, अधिकारी दस्तावेज जब्त कर सकते हैं। इस बारे में दोनों पोर्टलों या उनके प्रवर्तकों की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन उनके सोशल मीडिया हैंडल पर लगातार खबरें और लेख अपडेट होते रहे।

धन शोधन रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत फरवरी में ‘न्यूजक्लिक’ और इसके संस्थापकों के परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी। यह जांच न्यूज पोर्टल चलाने वाली कंपनी द्वारा कथित रूप से संदिग्ध विदेशी धन प्राप्त करने से जुड़ी है। धन शोधन का मामला दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी से सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स एलएलसी, अमेरिका से 9.59 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यूजक्लिक के प्रधान संपादक और संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी के सिलसिले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया है। यह प्राथमिकी कंपनी को मिले विदेशी अनुदान के खिलाफ जांच से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने पुरकायस्थ को प्रवर्तन निदेशालय के मामले में दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण प्रदान किया था।

न्यूजक्लिक ने अदालत में उसके बचाव में दलील दी है कि धन के गबन का सवाल ही नहीं है, जैसा कि जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया है। उसने कहा कि इस धन का इस्तेमाल कर्मचारियों को वेतन देने के लिए किया गया है और इस प्रक्रिया में सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं हुआ है। ईडी ने दावा किया था कि वह न्यूजक्लिक और उसके प्रवर्तकों से महाराष्ट्र के एल्गार परिषद मामले में आरोपी कार्यकर्ता गौतम नवलखा को धन के कथित हस्तांतरण के मामले में पूछताछ कर रही है। उसने इस मामले के सिलसिले में महाराष्ट्र की एक जेल में बंद नवलखा से भी पूछताछ की।

पुरकायस्थ ने पहले एक बयान में कहा था कि पोर्टल के खिलाफ अभियान चलाया गया है और ईडी से ‘चुनिंदा तरीके से चीजें लीक’ होना दर्शाता है कि जांच में ‘अंतर्निहित कमजोरियां’ हैं और उसकी जांच को पहले ही अदालत में चुनौती दी गयी है।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।