Income Tax Return File, Filing Last Date 2017 Today at www.incometaxindiaefiling.gov.in: Know Everything How to file ITR and Last date to filing Income Tax Return - Jansatta
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इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख हुई 5 अगस्त, नहीं भरा तो क्‍या हो सकता है, जान‍िए यहां

Income Tax Return Last Date 2017: आप अगर आखिरी तारीख के बाद रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको कुछ फायदे नहीं मिलेंगे।

इसे फाइल करने के लिए फॉर्म में ‘रिटर्न फाइल अंडर सेक्शन 139(4)’ सिलेक्ट करना होगा।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 5 अगस्त कर दी गई है। वित्त मंत्रालय ने इनकम टैक्स फाइल करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाने से पहले इनकार कर दिया था लेकिन सोमवार को अपना फैसला बदलते हुए तारीख आगे बढ़ा दी है। इनकम टैक्स विभाग का टैक्स फाइल करने का सिस्टम शनिवार से ठीक काम नहीं कर रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि अगर आज इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया तो क्या होगा। क्या इसके बाद आईटीआर फाइल की जा सकती है? तो इसका जवाब है, हां। 2016-17 की आईटीआर को 31 मार्च 2018 तक फाइल किया जा सकता है। इसे बिलेटिड रिटर्न कहते हैं। हालांकि आप अगर आखिरी तारीख के बाद रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको कुछ फायदे आपको नहीं मिलेंगे।

बिलेटिड रिटर्न फाइल करने का तरीका भी वही होता है जो आखिरी तरीख से पहले फाइल करने का तरीका है। इसे फाइल करने के लिए फॉर्म में ‘रिटर्न फाइल अंडर सेक्शन 139(4)’ सिलेक्ट करना होगा।

इसके अलावा याद रखें कि अगर आप वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए बिलेटिड रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, तो आपको केवल इस वित्त वर्ष के लिए लागू आईटीआर को भरने की आवश्यकता है, न कि किसी भी पिछले या बाद के वित्तीय वर्ष के लिए।

अब सवाल आता है कि क्या इसके लिए कोई जुर्माना देना होगा? तो इसका जवाब है नहीं, देरी से आईटीआर फाइल करने पर जुर्माना वित्त वर्ष 2017-18 से लागू होगा। सरकार ने फरवरी में पेश किए आम बजट में किसी शख्स द्वारा अपना रिटर्न देरी से दाखिल करने पर ज्यादा से ज्यादा 10,000 रुपये का जुर्माना रखा है। यह नियम 1 अप्रैल 2018 से लागू होगा। यह वित्त वर्ष 2016-17 की इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने पर लागू नहीं होता है।

आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद, जरूरत पड़ने पर इस रिटर्न को आयकर विभाग द्वारा संसोधित किया जाता है। हालांकि प्रोसेसिंग के बाद अगर पता चलता है कि किसी ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं दी गई है, या फिर वापसी की कैलकुलेशन में कोई गड़बड़ी हुई है तो रिटर्न को संशोधित किया जा सकता है। आयकर विभाग में संशोधित रिटर्न फाइल करने का भी विकल्प होता है।

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