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अब इनकम टैक्स शुरू करेगा “ऑपरेशन क्लीन मनी” का दूसरा चरण, कालाधन सामने लाने के लिए 60 हजार कंपनियों-व्यक्तियों को भेजा जाएगा नोटिस

इनकम टैक्स विभाग के अनुसार नोटबंदी की घोषणा के बाद 28 फरवरी 2017 तक 9334 करोड़ रुपये के कालेधन का पता चल चुका है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की थी।

भारतीय आयकर विभाग कालेधन के खिलाफ जारी मुहिम “ऑपरेशन क्लीन मनी” का दूसरा चरण शुरू करते हुए देश के 60 हजार कंपनियों और व्यक्तियों को नोटिस भेजने की तैयारी कर चुका है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इनकम टैक्स ने ये फैसला विभिन्न छापामारियों में बड़े पैमाने पर अघोषित आय सामने आने के बाद लिया है। इनकम टैक्स विभाग के अनुसार नोटबंदी की घोषणा के बाद 28 फरवरी 2017 तक 9334 करोड़ रुपये के कालेधन का पता चल चुका है।

सीबीडीटी के अनुसार 60 हजार से ज्यादा लोगों की पहचान नोटबंदी के दौरान आय से अधिक नकदी जमा करने वालों के रूप में की गयी है। इनमें से 1300 लोगों “अति-संवेदनशील” लोगों के रूप में चिह्नित किया गया। भारी कीमत वाली संपत्तियों की खरीद से जुड़े छह हजार लेन-देन और 6600 मामले बड़ी राशि जमा किए जाने के हैं जिनकी जांच की जा रही है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सीबीडीटी ने कहा है कि जो लोग आयकर नोटिस का जवाब नहीं देंगे उनके खिलाफ विस्तृत जांच की जाएगी।

31 दिसंबर को नोटबंदी के बाद बंद किए गए नोटों को जमा करने या बदलने की मियाद खत्म होने के बाद 31 जनवरी को इनकम टैक्स ने “ऑपरेशन क्लीन मनी” शुरू किया था। इसके तहत विभाग ने 17 लाख लगों को आयकर नोटिस भेजी थी जिनमें से नौ लाख लोगों ने विभाग को अपना जवाब भेज दिया है।

आठ नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट उसी रात 12 बजे से बंद करने की घोषणा की थी। घोषणा के अनुसार 31 दिसंबर 2016 तक पुराने नोट बैंकों और डाकघरों में बदले या जमा कराए जा सकते थे। नोटबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर पुराने नोट पकड़े गए। विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों को कालाधन सफेद करके उसके बदले नए नोट देने के आरोप में पकड़ा गया। यहां तक कि भारतीय रिजर्व बैंक के कुछ अधिकारी भी बंद किए गए नोटों के बदले नए नोट देने के मामले में पकड़े गए।

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