ताज़ा खबर
 

इनकम टैक्स विभाग को मिला टारगेट- मार्च तक लाइए दो लाख करोड़, पोस्टिंग का भी आधार बनेगी वसूली

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस अधिकारियों की भविष्य में होने वाली पोस्टिंग के दौरान उनकी टैक्स वसूलने की काबलियत का भी ध्यान रखेगा।

Author Edited By नितिन गौतम नई दिल्ली | Updated: February 15, 2020 1:21 PM
आयकर विभाग को मिला मार्च तक 2 लाख करोड़ रुपए टैक्स जमा कराने का निर्देश।

हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काफी कम भारतीय नागरिकों द्वारा टैक्स दिए जाने का मुद्दा उठाया था। अब इसके दो दिन बाद ही सरकार ने आयकर विभाग को मार्च तक 2 लाख करोड़ रुपए के टैक्स कलेक्शन का टारगेट दिया है। यह टारगेट एमनेस्टी स्कीम ‘विवाद से विश्वास’ के तहत दिया गया है, जिसकी समयसीमा जून 2020 रखी गई है। सूत्रों के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस को यह जानकारी मिली है।

यह बिल अभी पास होना बाकी है और मार्च के पहले हफ्ते में इस पर संसद में चर्चा हो सकती है। खबर के अनुसार, टैक्स अधिकारियों को छापेमारी के लिए कहा गया है। जिससे टैक्स देने वाले लोगों का उत्पीड़न होने की आशंका जाहिर की जा रही है। गौरतलब बात ये है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) अधिकारियों की भविष्य में होने वाली पोस्टिंग के दौरान उनकी टैक्स वसूलने की काबलियत का भी ध्यान रखेगा।

बता दें कि विवाद से विश्वास योजना की ऑनरशिप पीएमओ के पास है और सरकार ने इसके लिए एक स्पेशल सेल का गठन किया है। सूत्रों के अनुसार, इस सेल में राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे और सीबीडीटी के चेयरमैन पीसी मोदी शामिल हैं। सेल की हफ्ते में एक दिन बैठक होगी, जिसमें योजना के तहत हुए टैक्स कलेक्शन की निगरानी की जाएगी।

विवाद से विश्वास योजना की शुरूआत डायरेक्ट टैक्स के अधूरे पड़े करीब 4,83,000 मामलों को सेटल करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। ये मामले कमिश्नर, ITAT, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के सामने पेंडिंग पड़े हैं।

सूत्रों के अनुसार, टैक्स विभाग के राजस्व में 1.25 लाख करोड़ रुपए की कमी आयी है। राजस्व में इस कमी के चलते केन्द्रीय बजट 2020 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों को रिवाइज किया गया था। पहले यह आंकड़ा 13.35 लाख करोड़ रुपए था, जिसे बाद में घटाकर 11.80 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया। माना जा रहा है कि सरकार विवाद से विश्वास योजना के तहत राजस्व कलेक्शन में आयी इस कमी को पूरा करना चाहती है।

सीबीडीटी के चेयरमैन पीसी मोदी ने बीते हफ्ते बताया था कि अभी तक 7.40 लाख करोड़ रुपए के डायरेक्ट टैक्स का कलेक्शन हुआ है। नए बिल के तहत टैक्स पेयर्स को विवादित टैक्स का 100 प्रतिशत जमा करना होगा, लेकिन यदि वह 31मार्च 2020 तक भुगतान करते हैं तो उनका ब्याज और जुर्माना राशि माफ कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि जिन विवादित मामलों में आयकर विभाग ने निचली फोरम में केस जीता है और मूल्यांकनकर्ता ने अपील की हुई है, उस स्थिति में आयकर दाता को विवादित टैक्स का 100 प्रतिशत देना होगा।

सीबीडीटी चाहता है कि टैक्स विभाग विवादित टैक्स के पूरे डाटा और विभिन्न लीगल फोरम के साथ तैयार रहे, ताकि जैसे ही डायरेक्ट टैक्स का विवाद से विश्वास बिल 2020 संसद में पास होता है, वैसे ही इस योजना का लाभ उठाने वाले लोग अप्लाई करना शुरू कर सकें। आयकर विभाग ने मुख्य चीफ कमिश्नर को इस प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 रैली में लोगों को लाए, पर वोट देने से मना कर दिया- बीजेपी नेताओं की दगाबाजी पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मांगी रिपोर्ट
2 माहवारी के वक़्त अलग रखते थे, इस बार 66 लड़कियों के कपड़े उतरवाए, माफीनामा भी लिखवाया- प्रिंसिपल पर केस
3 रतन टाटा को महिला ने कहा छोटू, ट्रोल होने लगी तो टाटा ने ही बचाया
ये पढ़ा क्या?
X