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एनडीटीवी मालिक प्रणय व राधिका रॉय को SEBI के बाद इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल का भी झटका: महंगा पड़ा 35 करोड़ का घाटा दिखाना

7 महीने में ही 3500% बढ़ा दिए थे शेयर के दाम। आरोप है कि इन दोनों ने 2009-10 और 2010-11 के असेसमेंट ईयर में 117 करोड़ रुपए की आय छुपाई।

एनडीटीवी के मालिक प्रणय रॉय। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस

एनडीटीवी के प्रमोटर प्रणय रॉय और राधिका रॉय को हफ्ते भर के अंदर दूसरा बड़ा झटका लगा है। इनकम टैक्स अपील ट्रिब्यूनल ने सिक्योरिटी मार्केट में कुछ लेनदेन के संबंध में कर चोरी के मुद्दे पर उनके खिलाफ आयकर विभाग के पुराने फैसले को बरकरार रखा है। ट्रिब्यूनल के ज्यूडिशियल मेंबर बीना ए पिल्लई और अकाउंटेंट मेंबर प्रशांत महर्षि की बेंच ने ये फैसला सुनाया है। आरोप है कि इन दोनों ने 2009-10 और 2010-11 के असेसमेंट ईयर में 117 करोड़ रुपए की आय छुपाई।

आरोप के मुताबिक राधिका रॉय ने 31 जुलाई 2010 को फाइल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न में कुल 90,80,683 रुपये की इनकम दिखाई थी। बाद में 16 मार्च 2011 के रिटर्न रिवाइज किया गया और उसमें करीब 35 करोड़ रुपये के कैपिटल लॉस की बात कही गई जो पुराने रिटर्न में छुपाई गई थी। इस रिवाइज्ड रिटर्न के बाद इनकम टैक्स के अफसरों के कान खड़े हो गए थे और उनके केस को स्क्रूटनी में डाल दिया।

बाद में स्क्रूटनी के दौरान पता चला कि 2009 में एनडीटीवी के शेयर्स 140 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से बिक रहे थे लेकिन राधिका रॉय ने 57 लाख 81 हजार 841 शेयर मात्र 4 रुपए प्रति शेयर की दर से 3 अगस्त 2009 को दूसरी कंपनी RRPR होल्डिंग्स को बेची। बाद में उन्हीं शेयर को सात महीने बाद 140 रूपये की दर से 9 मार्च 2010 को बेचा गया। यानी 3500 फीसदी ज्यादा कीमत पर। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस सौदे पर सवाल खड़े किए थे। बता दें कि जिस RRPR होल्डिंग्स कंपनी को ये शेयर बेचे गए थे उसकी आधी हिस्सेदारी रॉय दम्पत्ति के पास ही थी। विभाग ने पाया कि इससे हुई कैपिटल गेन को छुपाया गया है। इसके अलावा इस ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं चुकाया गया।

इनकम टैक्स के असेसमेंट अफसर ने जांच में पाया कि आयकर दाता ने कर चोरी के इरादे से ट्रांजैक्शन की हेराफेरी की है। इसके बाद आयकर अधिकारी ने कैपिटल गेन पर टैक्स और जुर्माना लगा दिया जिसे रॉय दम्पत्ति ने इनकम टैक्स कमिश्नर के पास चुनौती दी। इनकम टैक्स कमिशनर ने एक केस में रॉय दम्पत्ति को राहत दी जबकि दूसरे में असेसमेंट अफसर के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद रॉय दम्पत्ति और असेसमेंट अफसर दोनों अपील ट्रिब्यूनल पहुंच गए।

बता दें कि एक हफ्ते पहले ही SEBI (सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने एनडीटीवी लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रणय रॉय और राधिका रॉय समेत तीन प्रमोटरों पर पूंजी बाजार में कारोबार करने पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया था। इनके अलावा RRPR होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी शामिल है। सेबी ने कहा है कि प्रणय और राधिका दो साल तक कंपनी के निदेशक मंडल या शीर्ष प्रबंधन में भी कोई भूमिका नहीं निभा सकेंगे। इनके अलावा किसी अन्य कंपनी में भी एक साल तक निदेशक मंडल में शामिल नहीं हो सकेंगे।

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