ताज़ा खबर
 

मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया- यह है नरेंद्र मोदी सरकार का राष्ट्रधर्म

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों समेत गरीब व कमजोर वर्गों के सामाजिक आर्थिक व शैक्षणिक सशक्तीकरण और रोजगार केंद्रित कौशल विकास की दिशा में कार्य कर रही है।

Author मंबई | November 5, 2017 9:37 PM
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (PTI File Photo)

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि समावेशी विकास नरेंद्र मोदी सरकार का राष्ट्र धर्म है और गरीबों व कमजोर वर्गो का सम्मान के साथ विकास राष्ट्रनीति है। मुंबई में अल्पसंख्यकों के कौशल विकास पर आयोजित एक संगोष्ठी में नकवी ने कहा कि धर्म, जाति और पंथ से ऊपर उठकर मोदी सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं में गरीबों और कमजोर वर्गो को केंद्र बिंदु के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों समेत गरीब व कमजोर वर्गों के सामाजिक आर्थिक व शैक्षणिक सशक्तीकरण और रोजगार केंद्रित कौशल विकास की दिशा में कार्य कर रही है।

नकवी ने बताया कि उनके ही मंत्रालय की ओर से संचालित सीखो और कमाओ, नई मंजिल गरीब नवाज कौशल विकास परियोजना और नई रोशनी आदि विविध परियोजनाएं अल्पसंख्यकों के कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए पिछले तीन साल में 50 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार व रोजगार के अवसर मिले हैं। नकवी ने बताया कि देशभर में 100 गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र खोले गए हैं, जहां अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं के लिए विभिन्न रोजगार आधारित पाठ्यक्रम करवाए जा रहे हैं।

HOT DEALS
  • Apple iPhone SE 32 GB Gold
    ₹ 25000 MRP ₹ 26000 -4%
    ₹0 Cashback
  • Sony Xperia L2 32 GB (Gold)
    ₹ 14845 MRP ₹ 20990 -29%
    ₹1485 Cashback

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिरण के लिए बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम यानी एमएसडीपी के तहत बुनियादी ढांचा तैयार किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़े वर्ग के अल्पसंख्यक आबादी बहुल इलाकों में गुरुकुल की तरह 39 आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। साथ ही, सद्भाव मंडप बनवाए गए हैं, जिसके तहत 809 विद्यालय भवन, 10 डिग्री कॉलेज, 371 छात्रावास, 1392 शौचालयों व पेयजल सुविधाओं के अलावा 53 आईटीआई और बहुउद्देशीय समुदाय केंद्रों का निर्माण करवाया गया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App