भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण ने सोमवार को सरकार से आग्रह किया कि वह तेलंगाना की 27 जातियों और आंध्र प्रदेश की पांच जातियों को सेंट्रल ओबीसी लिस्ट में शामिल करे, ताकि वे केंद्र सरकार के अधीन सार्वजनिक नियुक्तियों, रोजगार और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का फायदा उठा सकें।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी सांसद लक्ष्मण ने कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कई ओबीसी समुदायों को सेंट्रल ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उन्होंने कहा कि नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेस (NCBC) ने पहले ही तेलंगाना की 27 जातियों और आंध्र प्रदेश की पांच जातियों को सेंट्रल लिस्ट में शामिल करने की सिफारिश कर दी है।

लक्ष्मण ने कहा, “इन समुदायों को, अपनी सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक पिछड़ेपन के बावजूद, केंद्र सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी नहीं माना जाता है, भले ही वे अपने-अपने राज्यों की ओबीसी लिस्ट में शामिल हों।” उन्होंने बताया कि जहां इन समुदायों को राज्य स्तर पर आरक्षण में उनका उचित हिस्सा मिलता है, वहीं वे शिक्षा के क्षेत्र में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए अपात्र बने हुए हैं, जिसे केंद्र ने हाल ही में पहली बार लागू किया है।

लंबित सिफारिशों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें- लक्ष्मण

लक्ष्मण ने सरकार से आग्रह किया कि वह एनसीबीसी की लंबे समय से लंबित सिफारिशों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करे और इन समुदायों को सार्वजनिक नियुक्तियों, रोजगार और केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ दें। उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि मोदी सरकार इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक और मानवीय आधार पर विचार करेगी और संविधान के जनादेश को पूरा करने और इन योग्य समुदायों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।”