टीएमसी में जारी उठापटक के बीच बाबुल सुप्रियो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए स्पष्ट किया है कि वो ममता बनर्जी के साथ ही रहेंगे। वहीं दूसरी तरफ टीएमसी के सीनियर नेता सौगत रॉय ने दावा किया कि बीजेपी ने उनसे संपर्क किया।

बाबुल सुप्रियो ने कहा, “…मैं यह साफ करना चाहता हूं कि मैं न तो किसी गुट में शामिल हो रहा हूं और न ही किसी दूसरी पार्टी में। मुझे लगता है कि जब जहाज मुश्किल हालात में हो, तो उसे छोड़ देना ठीक नहीं है।”

क्या सौगत रॉय छोड़ेंगे टीएमसी?

टीएमसी में चल रही ‘बगावत की लहर’ के बीच पार्टी के सीनियर नेता सौगत रॉय ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि ममता बनर्जी को उन लोगों की शिकायतें सुननी चाहिए, जो अभी भी उनके साथ हैं। सौगत रॉय ने यह भी दावा किया कि बीजेपी ने उनसे संपर्क करने की भी कोशिश की लेकिन अभी के लिए इस पर फोकस नहीं है।

चुनाव परिणाम के बाद टीएमसी में जारी उठापटक के दो कारण बताते हुए सौगत राय ने कहा कि पार्टी एंटी-इनकंबेंसी की वजह से चुनाव हारी।

उन्होंने कहा कि इस समय टीएमसी के ज्यादातर विधायक और सांसद नए हैं। उनका कोई सियासी बैकग्राउंड नहीं है और न ही उन्होंने संघर्ष किया है। इसलिए वे मुश्किल हालात में लड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। सौगत राय ने कहा कि इन लोगों में लड़ने की हिम्मत नहीं है, इसलिए वो बचने का रास्ता देख रहे हैं।

सौगत रॉय ने कहा कि बीजेपी ने पहले पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन लोटस शुरू किया और फिर दिल्ली में सांसदों के बीच। उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास बहुत सारे संसाधन और फंड हैं और वे लोगों को CBI और ED से डरा भी सकते हैं।

इसके अलावा सौगत रॉय माना कि कुछ लोगों की निजी शिकायतें भी हो सकती हैं, जैसे काकोली घोष दस्तीदार। उन्होंने बताया कि काकोली इस बात से नाराज थीं कि उनके बेटे को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया गया।

‘अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायतें भी सुनें ममता बनर्जी’

जब उनसे सवाल किया गया कि टीएमसी स्थिति से कैसे निपट सकती है तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ममता बनर्जी को उन लोगों की शिकायतें सुननी चाहिए जो अभी भी पार्टी के साथ हैं। अगर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ शिकायतें हैं तो उन्हें उनसे भी निपटना चाहिए। उन्हें आगे बढ़ने की योजना भी बनानी होगी। वह अपने जोशीले अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं, इसलिए उन्हें इसका डटकर सामना करना चाहिए।”

क्या अभी भी ममता बनर्जी के साथ हैं सौगत रॉय?

इस सवाल के जवाब में टीएमसी के सीनियर नेता ने कहा, “अभी तक।”

सौगत रॉय ने बताया कि उन्होंने टीएमसी के कुछ नेताओं से पाला बदलने से पहले बात की थी। उनकी काकोली घोष दस्तीदार से बात नहीं हुई लेकिन बीजेपी के बड़े नेताओं ने उनसे बात की है। उन्होंने दावा कि बीजेपी नेताओं द्वारा उनसे संपर्क करना ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा था। बीजेपी नेताओं ने उन्हें आमंत्रित किया, जिस पर वो फिलहाल विचार नहीं कर रहे हैं।

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टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “कांग्रेस के साथ काम करना जरूरी है। अब वो विलय करना होगा या गठबंधन, ये बाद की बात है। बीजेपी के लोग बंगाल में टीएमसी के लोगों पर हमला कर रहे हैं और पार्टी ऑफिस को तोड़ रही है, ये सबके खिलाफ सबको इकठ्ठा होना चाहिए, इसलिए कांग्रेस का साथ जरूरी है।” पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें