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NIT Srinagar छावनी में तब्‍दील, 1500 छात्रों की सुरक्षा के लिए 600 जवान तैनात

31 मार्च की रात भारत-वेस्ट इंडीज मैच में भारत की हार के बाद कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने एनआईटी श्रीनगर के सामने पटाखे फोड़े, जब‌कि इंस्टीट्यूट में मौजूद गैर-कश्मीरी छात्रों के हॉस्टल पर कश्मीरी छात्रों द्वारा जश्न मनाने के दौरान पत्थर फेंके गए थे।

Author श्रीनगर | Updated: April 8, 2016 10:45 AM
NIT srinagar, NIT srinagar protests, NIT protests, tricolour hoist in NIT srinagar, NIT clashes, Mehbooba Mufti, CRPF in NIT Srinagar, smriti irani, HRD ministry, jammu kashmir, kashmir police, anti national slogans, एनआईटी श्रीनगर, मानव संसाधन मंत्रालय, तिरंगा, कश्‍मीर, भारत विरोधी नारेएनआईटी श्रीनगर से जम्‍मू-कश्‍मीर की पुलिस को हटा दिया गया है। उस पर गैर कश्‍मीरी छात्रों के साथ मारपीट के आरोप हैं।

श्रीनगर एनआईटी में तनाव के बीच बड़ी संख्‍या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। कैंपस में पैरामिलिट्री की 5 कंपनियां मौजूद हैं, जिनमें कुल मिलाकर जवानों की संख्या 600 है। एनआईटी में करीब 1500 स्टूडेंट हैं, जिनके लिए इन जवानों को तैनात किया गया है। कैंपस में स्थानीय पुलिस मौजूद नहीं है, क्योंकि उन पर गैर कश्‍मीरी छात्रों के साथ भेदभाव करने का आरोप है। 31 मार्च की रात भारत-वेस्ट इंडीज मैच में भारत की हार के बाद कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने एनआईटी श्रीनगर के सामने पटाखे फोड़े, जब‌कि इंस्टीट्यूट में मौजूद गैर-कश्मीरी छात्रों के हॉस्टल पर कश्मीरी छात्रों द्वारा जश्न मनाने के दौरान पत्थर फेंके गए थे।

गैर कश्मीरी छात्रों ने इसका विरोध किया तो कुछ स्‍थानीय छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया था। इसके बाद कैंपस में पुल‌िस तैनात कर दी गई। मामला बढ़ता देख एनआईटी प्रशासन ने संस्थान को अगले आदेश तक बंद रखने का नोटिस जारी कर दिया था। साथ ही छात्रों से हॉस्टल खाली करने को कहा गया था। एनआईटी श्रीनगर में मंगलवार यान‌ि 5 अप्रैल को फिर जमकर बवाल हुआ। कुछ गैर कश्‍मीरी छात्र घटना से परेशान होकर राज्य से बाहर माइग्रेशन करवाना चाह रहे थे, ज‌िसके ल‌िए इन छात्रों ने संस्थान में एक शांत‌िपूर्ण जुलूस न‌िकाला था। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पुलिस की पिटाई से सौ से ज्यादा छात्र जख्मी हो गए थे। आरोप है कि पुलिस ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों को बाहर निकाला और बेरहमी से पीटा। इस दौरान एसपी स्तर के दो अधिकारी भी मौजूद थे। धरने पर बैठे छात्रों में अधिकतर तीसरे सेमेस्टर के छात्र हैं, जिनका यह भी कहना है कि उन्हें यहां अपना भविष्य असुरक्षित लग रहा है।

छात्रों ने सोशल मीडिया का सहारा लेकर गृहमंत्री, मानव संसाधन मंत्री और प्रधानमंत्री तक से मदद की गुहार लगाई, ज‌िसके बाद गृहमंत्री राजनाथ स‌िंह ने पूरे मामले में हस्तक्षेप क‌िया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की और ट्वीट कर छात्रों को सुरक्षा का भरोसा द‌िया।

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