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सांप्रदायिक हिंसा चर्चा पर मोदी से जवाब पर रास में अड़ा विपक्ष

राज्यसभा में विपक्ष द्वारा सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के जवाब के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में मौजूदगी की मांग पर लेकर आज लगातार तीसरे दिन हंगामा जारी रहा जिसके कारण तीन बार के स्थगन के बाद बैठक दोपहर बारह बजकर 37 मिनट पर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी […]

Author December 17, 2014 5:38 PM
मोदी ने सफाई अभियान में सौरव गांगुली, कपिल शर्मा समेत अन्य हस्तियों को किया नामांकित (फोटो: भाषा)

राज्यसभा में विपक्ष द्वारा सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के जवाब के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में मौजूदगी की मांग पर लेकर आज लगातार तीसरे दिन हंगामा जारी रहा जिसके कारण तीन बार के स्थगन के बाद बैठक दोपहर बारह बजकर 37 मिनट पर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

सदन की कार्यवाही आज सुबह शुरू होते ही विपक्ष के नेताओं ने देश में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं पर कार्यवाही में सूचीबद्ध अल्पकालिक चर्चा के जवाब में प्रधानमंत्री की मौजूदगी को लेकर मांग शुरू कर दी।

बहरहाल, सरकार की ओर से कहा गया कि वह चर्चा के लिए तैयार है तथा उसने विपक्ष पर सदन को बाधित करने का आरोप लगाया। सरकार की ओर से कहा गया कि यह मामला गृह मंत्रालय से जुड़ा है तथा गृह मंत्री राजनाथ सिंह इसका जवाब देंगे।

विपक्ष के अपनी मांग पर अड़े रहने के कारण सदन में हुए हंगामे के चलते शून्यकाल के दौरान कार्यवाही को एक बार जबकि प्रश्नकाल में दो बार स्थगित करने के बाद बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

हंगामे के बीच ही सभापति हामिद अंसारी ने कांगे्रस सदस्य हनुमंत राव का नियम 255 के तहत नाम लिया और उनसे सदन छोड़कर जाने के लिए कहा। राव आसन की चेतावनी के बावजूद आसन के समक्ष आकर अन्य विपक्षी सदस्यों के साथ नारेबाजी कर रहे थे।

इससे पहले आज सदन की बैठक शुरू होते ही सपा के नरेश अग्रवाल ने व्यवस्था के सवाल पर यह मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री से जवाब की मांग की। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने संसद का सत्र चालू होने के दौरान भाजपा संसदीय दल की बैठक में नीतिगत घोषणा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से जबरन धर्मान्तरण के मुद्दे पर जवाब देने को कहा।

इस पर सदन के नेता अरूण जेटली ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने पार्टी की बैठक में कोई नीतिगत निर्णय नहीं किया है। व्यवस्था के सवाल के नाम पर नरेश अग्रवाल हर दिन अव्यवस्था का सवाल उठाते हैं।’’

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि चूंकि विपक्ष के लिए ‘‘अराजकतावादी’’ शब्द का इस्तेमाल किया जा चुका है, वह यह ‘‘अव्यवस्था का सवाल’’ उठाना चाहते हैं कि क्या प्रधानमंत्री सांप्रदायिक हिंसा के विवादास्पद विषय पर चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में आयेंगे ताकि गतिरोध समाप्त हो सके।

येचुरी ने कहा, ‘‘क्या प्रधानमंत्री आकर हमारी चर्चा सुनेंगे और उसका जवाब देंगे। तब देश को पता चल पायेगा कि अराजकतावादी कौन है..हम या वे।’’
कांगे्रस के आनंद शर्मा ने कहा, ‘‘यदि प्रधानमंत्री नहीं आये तो सदन में कोई कामकाज नहीं होगा। यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि सदन नहीं चलने दिया जायेगा।’’

संसदीय कार्य राजयमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘‘सरकार चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष केवल अड़चन चाहता है।’’

कांगे्रस नेता ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि सदन में आराजकता सरकार के रवैये के कारण है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री चर्चा के जवाब के लिए सदन में मौजूद रहें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष को इस मुद्दे पर सुनना चाहिए एवं उनके सवालों के जवाब देने चाहिए क्योंकि लोकतंत्र में यह मांग जायजÞ है।

जदयू के शरद यादव ने कहा कि सदन में अशांति है क्योंकि देश के बाहर बेचैनी है।

इस पर नकवी ने कहा, ‘‘यह उनकी राजनीतिक हताशा है। देश ने उनको खारिज कर दिया है, इसी कारण विपक्ष में हताशा है।’’

विपक्ष की मांग पर उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि आसन सरकार को प्रधानमंत्री की मौजूदगी सुनिश्चित कराने के लिए निर्देश कैसे दे सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रधानमंत्री को तय करना है कि वह आते हैं या नहीं। मैं इस बारे में कैसे कह सकता हूं।’’

सदन में आज विपक्षी एवं सत्ता पक्ष के कई सदस्यों के बीच कई बार बार बहसा..बहसी देखी गयी।

इससे पूर्व कांगे्रस के प्रमोद तिवारी ने व्यवस्था का सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान के तहत प्रधानमंत्री और मंत्रियों की सदन के प्रति जवाबदेही है।
तिवारी ने कहा, ‘‘हम किसी असंसदीय बात की मांग नहीं कर रहे हैं। सदन के बाहर लोग सांप्रदायिकता फैला रहे हैं तथा प्रधानमंत्री ने भी स्वीकार किया है कि सांसद लक्ष्मण रेखा लांघ रहे हैं।’’

कांगे्रस सदस्य की बात से असहमति जताते हुए भाजपा के तरूण विजय ने कहा कि सदन कल 1971 के युद्ध में भारतीय सैनिकों के शौर्य एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योगदान के बारे में ‘‘विजय दिवस’’ पर चर्चा करने को तैयार था लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा, ‘‘क्या वे :विपक्ष: दूसरे ग्रह से आये हैं। क्या वे विशेष हैं।’’

बाद में जब सपा के नरेश अग्रवाल ने सांप्रदायिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बारे में अपने नोटिस के बारे में जानना चाहा तो सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि यह निष्प्रभावी हो गया है क्योंकि चर्चा को पहले ही सूचीबद्ध कर दिया गया है।

जब विपक्ष के सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री की चर्चा के दौरान मौजूदगी की मांग पर हंगामा जारी रहा तो अंसारी ने उनसे कहा, ‘‘आप :विपक्ष: अपने पक्ष का ध्यान रखें, सरकार अपनी तरफ का ध्यान रख लेगी।’’

इस अपील के बावजूद हंगामा थमते न देख सभापति ने दोपहर बारह बजकर 37 मिनट पर राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

 

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