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राजस्थान में बीजेपी ने सचिन को दिया न्योता, उधर, बंगाल में बिखराव की तरफ अपना ही कुनबा, मुकुल की राह पर राजीव बनर्जी

राजस्थान की राजनीति में इस समय घमासान मचा है। कांग्रेस विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर कुछ विधायकों के फोन टैप करने का आरोप लगाया है। सचिन पायलट के कट्टर समर्थक सोलंकी ने कहा कि विधायकों को एजेंसियों के फसने का डर है।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट और बीजेपी सांसद राज्यवर्धन राठौड़ (फोटोः एजेंसी)

जितिन प्रसाद की बगावत के बाद बीजेपी की निगाह सचिन पायलट पर टिक गई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने इशारों इशारों में सचिन को बीजेपी में आने का न्योता दे डाला है। उनका कहना है कि राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव रखते हुए कोई पाला बदलना चाहे तो उसका स्वागत है। लेकिन बंगाल में बीजेपी को उस समय करारा झटका मिला जब टीएमसी से बीजेपी में आए राजीव बनर्जी ने अपनी पुरानी पार्टी के दो दिग्गजों से बात की। मुकुल रॉय के जाने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि राजीव जल्दी पुराने खेमे में जा सकते हैं।

राज्यवर्धन राठौड़ ने आज कहा कि जब केंद्र में कमजोर नेतृत्व हो तो राज्यों के नेता अपनी-अपनी जगह तलाश करने लग जाते हैं। वो अपनी मनमर्जी से अपने लिए जगह बनाते हैं। सचिन पायलट को लेकर पूछे एक सवाल में उन्होंने कहा कि ऐसे नेता उस दल की तरफ अपना रुख करते हैं जिसके पास विजन हो। ध्यान रहे कि राठौड़ खुद राजस्थान से आते हैं। मोदी 1 में वो कद्दावर मंत्री था। हालांकि इस बार उन्हें हाशिए पर डाल दिया गया है। उधऱ, सूत्रों का कहना है कि सचिन अगर बीजेपी में आते भी हैं तो ये बात अहम रहने वाली है कि उन्हें इसके लिए किस नेता ने राजी कराया।

गौरतलब है कि राजस्थान की राजनीति में इस समय घमासान मचा है। कांग्रेस विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर कुछ विधायकों के फोन टैप करने का आरोप लगाया है। सचिन पायलट के कट्टर समर्थक सोलंकी ने कहा कि विधायकों को एजेंसियों के फसने का डर है। उधऱ, विधायक के बयान पर विपक्षी भाजपा ने कहा कि कांग्रेस अपने ही विधायकों को डरा-धमका रही है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने ट्वीट किया कि आज फिर से कांग्रेस के एक विधायक कह रहे हैं कि कई विधायक कह रहे हैं कि उनके फोन टैप हो रहे हैं, उनकी जासूसी हो रही है। कांग्रेस बताए कि ये विधायक कौन हैं? उन्होंने कहा- सो जा बेटा गब्बर आ जाएगा की तर्ज़ पर कांग्रेस अपने ही विधायकों को डरा रही है। कांग्रेस बताए गब्बर कब आएगा?

पिछले साल जुलाई में पायलट और कांग्रेस के 18 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी थी। उन्होंने अवैध तरीके से फोन टैपिंग सहित अन्य कई आरोप सरकार के खिलाफ लगाए थे। उस दौरान गहलोत के विशेषाधिकारी (ओएसडी) लोकेश शर्मा द्वारा टेलीफोन पर बातचीत के कुछ ऑडियो क्लिप साझा किए जाने से इन आरोपों को बल मिला था

उधर, बीजेपी में शामिल होकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने वाले राज्य के पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी भी टीएमसी में वापसी कर सकते हैं। अटकलों के बीच तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बनर्जी शहर के उत्तरी क्षेत्र में स्थित घोष के आवास पर गए, जहां दोनों के बीच लंबी चर्चा हुई।

राजीव बनर्जी ने हाल में सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी को चेतावनी दी थी कि लोग जनादेश से चुनी गई सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति शासन की धमकी को पसंद नहीं करेंगे। जनवरी में तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के बाद बनर्जी ने दावा किया था कि वह ऐसा करने के लिए बाध्य हुए क्योंकि तृणमूल नेताओं के एक वर्ग ने उनके कामकाज के तौर तरीके को लेकर अपनी शिकायतें सामने रखने पर उन्हें अपमानित किया। राजीव बनर्जी 2011 और 2016 में तृणमूल कांग्रेस की सरकार में मंत्री रहे थे।

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