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शपथ समारोह: केजरीवाल को नहीं मिली सीट, पहली पंक्ति में बैठे नीतीश, अमित शाह ने खुद जाकर मिलाया हाथ

पहली कतार में केवल दो मुख्यमंत्रियों को जगह मिली। नीतीश के अलावा पहली कतार में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू थे।

Author July 26, 2017 12:03 PM
(बाएं से दाएं) नरेंद्र मोदी, रामनाथ कोविंद और प्रणव मुखर्जी। (Express photo by Renuka Puri. 24th july 2017., New Delhi)

“जय श्री राम” के नारों के बीच मंगलवार (25 जुलाई) को संसद के केंद्रीय कक्ष में रामनाथ कोविंद ने देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण की खबरों के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी अटकलें लगाई गईं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक मात्र गैरएनडीए दल के मुख्यमंत्री थे जिसे शपथ ग्रहण समारोह में पहली कतार में जगह दी गई थी। पहली कतार में सीएम नीतीश पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी इत्यादि के संग विराजमान रहे। पहली कतार में केवल दो मुख्यमंत्रियों को जगह मिली। नीतीश के अलावा पहली कतार में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू थे।

नीतीश कुमार ने 17 विपक्षी दलों की उम्मीदवार मीरा कुमार की जगह सत्ताधारी एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन दिया था। बिहार में सत्ताधारी जदयू, राजद और कांग्रेस के महागठबंधन के भविष्य को लेकर लगाई जा रही तमाम अटकलों के बीच नीतीश को पहली कतार में जगह मिलने के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। लेकिन शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी पहुंचे तो एकमात्र नीतीश ही थे जो पीएम मोदी के अभिवादन के लिए कुर्सी से खड़े नहीं हुए। समारोह के खत्म होने के बाद अमित शाह खुद नीतीश के पास जाकर उनसे मिले। दोनों ने हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की। कुछ ही मिनट बाद पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से संक्षिप्त बातचीत की।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे तो टीएमसी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उन्हें अपने पास बुला लिया। डेरेक, केजरीवाल और ममता एक ही कतार में बैठे। सीएम केजरीवाल और ममता के संबंध काफी मधुर माने जाते हैं। केजरीवाल ममता के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी के साउथ एवेन्यू स्थित फ्लैट पर भी जाते रहते हैं। शपथ ग्रहण समारोह खत्म होने पर रवींद्रनाथ टैगोर का गीत “आनंद लोके मंगल लोके” बजाया गया तो टीएमसी सांसदों ने ऊंचे स्वर में सुर में सुर मिलाया। सीएम ममात ने कहा, “टैगोर के साथ जो किया जा रहे है उसे देखते हुए अपनी बात रखने के लिए हमने ऐसा किया।” ममता का इशारा आरएसएस से जुड़े एक संगठन द्वारा एनसीईआरटी को पाठ्यपुस्तक से रवींद्रनाथ टैगोर का एक लेख हटाने के सुझाव की ओर था।

ममता बनर्जी पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार के कई फैसलों का कड़ा विरोध करती रही हैं। ममता ने न केवल रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी बल्कि नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक पर भी सवाल उठाए थे। ममता आरोप लगाती रही हैं कि उनकी पार्टी के सासंदों और विधायकों को केंद्र सरकार नारद, शारदा और रोल वैली घोटालों में फंसा रही है। सूत्रों के अनुसार सीएम ममता ने पीएम मोदी से पश्चिम बंगाल और गुजरात में बाढ़ पर चिंता जाहिर की। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने सीएम ममता को गृह मंत्री राजनाथ सिंह को स्थिति से अवगत कराने की सलाह दी। पैर में फ्रैक्चर हो जाने के कारण राजनाथ सिंह स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।

देश के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। (Source: PTI)

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