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BJP के लिए महात्मा गांधी नहीं हैं महापुरुष, न ही जवाहरलाल नेहरू हैं देश के पहले प्रधानमंत्री

बीजेपी 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मवर्ष के तौर पर बना रही है। इसके तहत उनको समर्पित कई स्कीम और कार्यक्रम चलाए गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने एक सामान्य ज्ञान 2017 नाम से एक बुकलेट छपवाई है, जिसमें पहले प्रधानमंत्री के तौर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू का कोई जिक्र नहीं है। किताब में प्रधानमंत्री पद से त्याग देने वाले पीएम के रूप में मोरारजी देसाई का नाम है। 70 पेजों की इस किताब के 34वें पेज पर शीर्षक है-भारत में पहले। इसमें देश के पहले राष्ट्रपति, गवर्नर जनरल, उप राष्ट्रपति, लोकसभा स्पीकर और उपप्रधानमंत्री के बारे में बताया गया है। लेकिन इसमें न तो पंडित जवाहर लाल नेहरू का बतौर प्रथम प्रधानमंत्री जिक्र है और न ही महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता बताया गया है। इन बुकलेट्स को कई सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के हजारों बच्चों को बांटा गया है। बीजेपी 2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मवर्ष के तौर पर बना रही है। इसके तहत उनको समर्पित कई स्कीम और कार्यक्रम चलाई गई हैं। इसके अलावा आपसी भाईचारा और अंतोदय का नारा भी दिया गया है। कई संस्थानों और इमारतों का नाम भी उनके नाम पर रखने की होड़ चल रही है। इसी के मद्देनजर बीजेपी की उत्तर प्रदेश यूनिट ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समिति का गठन किया है, जो समाज के अलग-अलग स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करा रही है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इस समिति की अगुआई यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कर रहे हैं। कई अन्य बीजेपी नेता भी इसका हिस्सा हैं। इस समिति की ओर से एक जनरल नॉलेज कॉम्पिटिशन आयोजित कराया गया था। इसी कारण यह बुकलेट छपवाई गई थी और कॉम्पिटिशन भी इसी पर आधारित था।

हैरानी की बात है कि किताब में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पहली महिला मुख्यमंत्री सुचिता कृपलानी का भी जिक्र नहीं है। हालांकि भारत रत्न पाने वाली पहली महिला के तौर पर इंदिरा गांधी का नाम लिखा है। बीजेपी की इस किताब के सातवें पन्ने पर ‘हमारे महापुरुष’ के बारे में बताया गया है। इसमें स्वामी विवेकानंद, डॉ.भीमराव आंबेडकर, गुरु गोबिंद सिंह, बिरसा मुंडा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, नानाजी देशमुख, मदन मोहन मालवीय, डॉ. हेडगेवार, वीर सावरकर, कबीर दास, सरदार वल्लभभाई पटेल और रानी लक्ष्मी बाई का नाम शामिल है। लेकिन यहां भी महात्मा गांधी का नाम नहीं है।

पेज नंबर 39 में ”किसने क्या कहा” में भी जवाहर लाल नेहरू शामिल नहीं हैं। प्रमुख व्यक्तियों में महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, लाल बहादुर शास्त्री, श्याम लाल गुप्ता, सुभाष चंद्र बोस, स्वामी दयानंद सरस्वती को बताया गया है। हैरानी की बात है कि महाभारत काल के युधिष्ठिर और दुर्योधन को भी भारतीय इतिहास के अहम व्यक्तियों में शुमार किया गया है। किताब में पंचतंत्र, चाणक्य नीति और वेद व्यास का भी जिक्र है। आज के भारत पेज में किसने मेक इन इंडिया का नारा दिया में पीएम नरेंद्र मोदी का नाम है। इसके बाद किताब में नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर फोकस किया गया है। किताब में यह भी बताया गया है कि वाराणसी शहर भगवान शिव के त्रिशूल पर बसा हुआ है।

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