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Aviation policy draft: 2500 रुपये से ज्‍यादा का न हो एक घंटे का सफर, 300 एयरपोर्ट भी होंगे शुरू

ड्राफ्ट के अनुसार एटीएफ महंगा होने की स्थिति में सरकार मदद करेगी। मदद के लिए केंद्र 80 फीसदी और राज्य 20 फीसदी खर्च उठाएंगे। रीजनल उड़ान के लिए एटीएफ पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी।

Author नई दिल्‍ली | October 30, 2015 6:40 PM
सिविल एविएशन मिनिस्‍टर अशोक गजपति राजू। (फाइल फोटो)

मोदी सरकार ने नई एविएशन पॉलिसी का ड्राफ्ट शुक्रवार को जारी कर दिया। इसमें रीजनल कनेक्टिविटी के साथ ही डोमेस्टिक ऑपरेटर्स के लिए नियमों में रियायत देने की बात कही गई है, जिससे कि वे एब्रॉड सर्विसेज दे बेहतर तरीके से दे सकें। पॉलिसी में रीजनल कनेक्विटी को बढ़ावा देने के मकसद से 300 बंद पड़े एयरपोर्ट का इस्तेमाल शुरू करने की बात कही गई है। हर एयरपोर्ट पर 50 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा। यह पैसा खर्च करने के पीछे सरकार का मकसद घरेलू हवाई यात्रा को सस्‍ता करना है। सरकार हर टिकट 2,500 रुपये प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होने देना चाहती है।

ड्राफ्ट के अनुसार एटीएफ महंगा होने की स्थिति में सरकार मदद करेगी। मदद के लिए केंद्र 80 फीसदी और राज्य 20 फीसदी खर्च उठाएंगे। रीजनल उड़ान के लिए एटीएफ पर कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी, लेकिन घरेलू सेवा देने वाले ऑपरेटर्स को कम ट्रैफिक वाले इलाकों में भी उड़ान भरनी होगी। इसके अलावा 100 सीट वाले विमान उड़ाने का प्रस्ताव भी ड्राफ्ट में दिया गया है। सिविल एविएशन मिनिस्‍टर पशुपति अशोक गजपति राजू ने कहा, ”पॉलिसी निर्धारित समय के लिए तैयार की गई है, जिससे कि इंडस्‍ट्री भविष्‍य के बारे में योजना बनाकर काम कर सके।”

ड्राफ्ट में राज्यों से एमआरओ सर्विस पर वैट खत्म करने की अपील की गई है। इसके अलावा ने 5:20 नियम में बदलाव के लिए 3 विकल्प दिए हैं। पहले विकल्प के तौर पर 5:20 नियम में बदलाव ना हो, दूसरा विकल्प 5:20 नियम खत्म किया जाए और तीसरा विकल्प डोमेस्टिक फ्लाइंग क्रेडिट स्कीम बनाई जाए। सार्क देशों के साथ ओपन स्काई पॉलिसी का प्रस्‍ताव भी ड्राफ्ट में रखा गया है। ओपन स्काई पॉलिसी के बाद एफडीआई 50 फीसदी से ज्यादा किया जा सकता है।

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