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डिबेट में बोले BJP नेता- किसान का बेटा जवान बनकर शहीद होता है तो JNU में जश्न होता है, AAP सांसद ने दिया जवाब

सुधांशु त्रिवेदी संजय सिंह से बोले,'आप लोगों की वही स्थिति है जो ग्रामीण क्षेत्रों में कहावत है पी ना पाओ तो ठरका जरूर दो, यानी अगर पानी रखा हो और आपको लगे पी नहीं पा रहे हैं तो किसी तरह मेज हिलाकर गिरा दो।'

बीजेपी प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी।

किसान आंदोलन को लेकर टीवी चैनलों में जोरदार बहस चल रही है। भाजपा और समर्थक संगठनों के नेता जहां खेती कानूनों को सही ठहरा रहे हैं, वहीं विपक्ष सरकार को किसान विरोधी बताते हुए आंदोलन के समर्थन में आवाजें उठा रहा है। इसको लेकर कई बार दोनों पक्षों में तीखी बहसबाजी का भी दौर देखा जा रहा है। आजतक न्यूज चैनल के टीवी डिबेट दंगल में एंकर राेहित सरदाना के साथ भाजपा के सुधांशु त्रिवेदी और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह के बीच खूब बहस हुई।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह किसान आंदोलन पर भाजपा और केंद्र सरकार के रवैए को ‘जिद्दी’ बताया और तीखे कमेंट किए। कहा कि सरकार किसानों के साथ नाइंसाफी कर रही है और उद्योगपतियों के हाथों में सत्ता की बागडोर दे रही है। इस पर जवाब देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग किसानों के समर्थक बनकर सरकार का विरोध कर रहे हैं वे लोग उस समय गायब हो जाते हैं जब किसान का बेटा सेना में भर्ती होकर सीमा पर शहीद हो जाता है और जेएनयू में जश्न मनाया जाता है।

उन्होंने पूछा, “कौन लायर सुप्रीम कोर्ट में बहस करने के बाद खेत में जाकर काम करता है। ऐसे कितने किसान हैं, जो करोड़पति हैं और खेतों में काम कर रहे हैं। कितने लोग ऐसे हैं जो चुनाव लड़े और फिर खेतों में जाकर काम कर रहे हैं। कितने किसान विदेश गए और लौटकर आकर काम किए। उन्होंने कहा कि किसान का बेटा सीआरपीएफ में भर्ती होता है और सीमा पर जाकर शहीद होता है तो जेएनयू में जश्न होता है।”

निजीकरण को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह बोले,’जब आप एयरपोर्ट पर उतरते हैं तो पहले लिखा रहता था भारत का एयरपोर्ट, अब वहां लिखा रहता है अडानी का एयरपोर्ट। अगर आप देश की संपत्तियां इसी तरह से चंद पूंजीपतियों को लगातार बेचते जाएंगे जिन लोगों से चंदा लेकर पार्टी चला रहे हैं तो इससे लोगों को समझ में आता है ये दरअसल कोई किसान के हित में आप फैसला नहीं कर रहे हैं बल्कि चंद लोगों के इशारे पर लाखों-करोड़ों किसानों की उम्मीदों को कुचलने का काम कर रहे हैं और उनकी मांगों को नहीं मान रहे हैं। यह साफ तौर पर समझ में आ रहा है।’

डिबेट में आगे कृषि बिलों पर सुधांशु त्रिवेदी संजय सिंह से बोले,’आप लोगों की वही स्थिति है जो ग्रामीण क्षेत्रों में कहावत है पी ना पाओ तो ठरका जरूर दो, यानी अगर पानी रखा हो और आपको लगे पी नहीं पा रहे हैं तो किसी तरह मेज हिलाकर गिरा दो कि दूसरा भी ना पी पाए। आप उस रणनीति पर चल रहे हैं।’ सुधांशु त्रिवेदी की इस कहावत पर एंकर रोहित सरदाना भी हंसने लगे।

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