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हिंदुत्व की राजनीति को लेकर बोले देश के पूर्व न्यायधीश, कहा- मुस्लिम देशों के मित्र बनना है तो मुस्लिम विरोधी मत बनो

हिंदुत्व की राजनीति की आलोचना करते हुए भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने गुरुवार को कहा कि ऐसी राजनीति भारत के लिए वैश्विक शक्ति बनने की राह में बाधक बन सकती है।
Author नई दिल्ली | January 11, 2018 23:19 pm
भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर

हिंदुत्व की राजनीति की आलोचना करते हुए भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने गुरुवार को कहा कि ऐसी राजनीति भारत के लिए वैश्विक शक्ति बनने की राह में बाधक बन सकती है। 24वें लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल लेक्चर में खेहर ने कहा, “भारत वैश्विक शक्ति बनने की आकांक्षा रखता है। वैश्विक परिदृश्य में अगर आप मुस्लिम देशों के साथ मित्रता का हाथ बढ़ाना चाहते हैं तो आप वापस अपने देश में मुस्लिम विरोधी नहीं बन सकते। अगर आप ईसाई देशों के साथ मजबूत संबंध चाहते हैं तो आप ईसाई-विरोधी नहीं बन सकते।

उन्होंने कहा, “आज जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हित में नहीं है, खासतौर से अगर हम सांप्रदायिक मानसिकता प्रदर्शित कर रहे हैं तो वह ठीक नहीं है।”
खेहर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने जान-बूझकर 1947 में धर्म-निरपेक्षता को चुना था, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इस्लामिक रिपब्लिक बनने का फैसला लिया। इस अंतर को समझा जाना चाहिए।

पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने शास्त्री के जीवन से संबंधित एक आदर्श के रूप में धर्म निरपेक्षता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सफलतापूर्वक देश के नेतृत्व करने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री कहा करते थे कि भारत धर्म को राजनीति में शामिल नहीं करता है। उन्होंने कहा, “शास्त्री ने एक बार देखा कि हमारे देश की खासियत है कि हमारे देश में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, पारसी और अन्य धर्मो के लोग रहते हैं। हमारे यहां मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और गिरजाघर हैं। लेकिन हम इन सबको राजनीति में नहीं लाते हैं। जहां तक राजनीति का सवाल है, हम उसी प्रकार भारतीय हैं जिस प्रकार अन्य लोग।”

पूर्व प्रधान न्यायाधीश ने बताया कि शास्त्रीजी धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, आवास, भाषा आदि को लेकर समूहों के बीच भाईचारा बनाए रखने के मार्ग में बाधक पूर्वाग्रहों को दंडात्मक अपराध के रूप में भारतीय दंड संहिता में धारा 153ए जोड़ने के लिए एक विधेयक लाए थे।

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  1. Madan Gupta
    Jan 12, 2018 at 7:48 am
    कांग्रेस इस को जल्दी राज्य सभा भेजे गी.
    (1)(1)
    Reply
    1. Madan Gupta
      Jan 12, 2018 at 7:43 am
      अब यह cji नहीं है, अपनी सलाह अपने पास रखे.
      (0)(2)
      Reply
      1. Kiran Prakash Gupta
        Jan 12, 2018 at 6:52 am
        अब समझ मे आया कि यह व्यक्ति ट्रिपल तलाक जैसी ाइयो के पक्ष मे क्यो है।साम्प्रदायिकता के विषय मे इतना superficial टिप्पणी इनकी न्यायिक समझ पर सवाल खड़ी कर रही है।हिन्दू साम्प्रदायिक नही है बल्कि मुस्लिम साम्प्रदायिकता की प्रतिक्रिया दे रहा है
        (0)(3)
        Reply
        1. Paras Nath
          Jan 11, 2018 at 11:53 pm
          Tripple talaq ko sahi batane wala judge ab preach kar raha hai. Who made him judge?
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          Reply