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अब बिटकॉयन घोटाला: 8000 लोगों को लगाया 2 हजार करोड़ का चूना, कारोबारी गिरफ्तार

गेन बिटकॉयन के निदेशक अमित भारद्वाज ने निवेशकों को चूना लगाने के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस बना रखा था। उसने बिटकॉयन खरीदने वाले निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का लालच दिया था। अमित ने चार साल पहले भारत में बिटकॉयन माइनिंग का काम शुरू किया था।

Author , नई दिल्ली | April 5, 2018 6:07 PM
अमित भारद्वाज को पुणे पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया।

देश में घोटालों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बैंकिंग सेक्टर में हजारों करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा होने के बाद अब बिटकॉयन के जरिये 8000 लोगों को दो हजार करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। पुणे पुलिस ने घोटाले के मुख्य आरोपी कारोबारी अमित भारद्वाज को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। अमित ने खुद का बिटकॉयन माइनिंग ऑपरेशन (बिटकॉयन हासिल करने की प्रक्रिया) शुरू किया था। बता दें कि माइनिंग के जरिये ही बिटकॉयन जेनरेट किए जाते हैं। इसके जरिये ही आठ हजार से ज्यादा लोगों को चूना लगाया गया। पुणे पुलिस अमित भारद्वाज के सात सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी ने भारत में वर्ष 2014 में पहला ऑनलाइन रिटेल मार्केटप्लेस खोला था। इसके मार्फत बिटकॉयन को स्वीकार किया जाता था। अमित का बिटकॉयन माइनिंग ऑपरेशन चीन (गेन बिटकॉयन) और हांगकांग (जीबी माइनर्स) जैसे देशों में भी चलता है। उसने हाल में ही एमकैप के नाम से नया बिटकॉयन लांच किया है। सूत्रों ने बताया कि पुणे पुलिस को बैंकाक की एक एजेंसी ने अमित के बारे में जानकारी दी थी।

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चूना लगाने के लिए लाई थी दो योजना: अमित ने निवेशकों को योजनाबद्ध तरीके से चूना लगाया था। उसने बिटकॉयन खरीदने पर निवेशकों को ज्यादा रिटर्न देने का वादा किया था। अमित ने अपनी योजना के तहत एक बिटकॉयन पर 10 फीसद का रिटर्न देने का आश्वासन दिया था। यह बिटकॉयन कांट्रैक्ट 18 महीनों तक के लिए वैध था। दूसरी स्कीम के तहत उसने निवेशकों को बिटकॉयन माइनिंग का विकल्प दिया था, जिसके तहत लोग खुद का बिटकॉयन माइन कर सकते थे। पुलिस का कहना है कि अमित ने निवेशकों को इसके बदले में कभी रिटर्न नहीं दिया और देश छोड़कर भाग गया। अमित भारद्वाज ने दिल्ली के शालीमार बाग से बिटकॉयन ऑपरेशन शुरू किया था। इसके बाद चीन और हांगकांग तक अपना नेटवर्क फैला लिया था।

ईडी ने जारी किया था लुकआउट नोटिस: अमित के देश छोड़ने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मुंबई शाखा ने अमित के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। पुलिस की मानें तो अमित ने मुंबई, पुणे, नांदेड़, कोल्हापुर और महाराष्ट्र के अन्य शहरों के निवेशकों को चूना लगाया था। उसके खिलाफ पुणे में तीन, निगड़ी में दो और दत्तावाड़ी में एक मामला दर्ज है। निगड़ी के भीमसेन बाबूराम अग्रवाल ने गेन बिटकॉयन में 93.5 बिटकॉयन के लिए एक करोड़ रुपये का निवेश किया था। उन्होंने गेन बिटकॉयन के निदेशकों अमित और अजय भारद्वाज समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। साइबर क्राइम से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस को सलाह देने वाले साइबर एक्सपर्ट किसलय चौधरी ने बताया कि अमित ने बिटकॉयन माइनिंग के लिए अलग माइनिंग सर्वर बना रखा था, जिसके कारण वह एजेंसियों के रडार से बच निकलने में कामयाब रहता था।

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