महिलाओं के कम कपड़े डालेंगे पुरुषों पर असर, ये कॉमन सेंस है- PM इमरान के बयान पर PAK में बवाल!

इमरान ने कहा कि महिला अगर कम कपड़े पहनती है तो इससे समाज पर बुरा असर पड़ेगा। ये कॉमन सेंस की बात है कि अगर सोसायटी के सारे मर्द रोबोट नहीं हैं तो उन पर इसका असर पड़ना लाजिमी है।

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इमरान खान बोले- महिलाओं के कम कपड़े डालते हैं पुरुषों पर असर। (फोटो – ट्विटर/ImranKhanPTI)

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान अपनी रंगील मिजाजी के लिए काफी मशहूर हैं। लेकिन इसके साथ ही वो बेसिर पैर के बयान देकर भी सुर्खियों में बने रहते हैं। फिलहाल महिलाओं के कम कपड़े और रेप की घटनाओं को लेकर उनका बयान सुर्खियों में है। अपने इस बयान को लेकर वो विपक्ष के सीधे निशाने पर आ गए हैं, जो उन्हें बीमार की संज्ञा दे रहा है।

इमरान ने कहा कि महिला अगर कम कपड़े पहनती है तो इससे समाज पर बुरा असर पड़ेगा। ये कॉमन सेंस की बात है कि अगर सोसायटी के सारे मर्द रोबोट नहीं हैं तो उन पर इसका असर पड़ना लाजिमी है। हालांकि, उन्होंने बाद में ये भी कहा कि ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि किस तरह की सोसायटी में आप रह रहे हैं। अगर किसी सोसायटी में लोगों ने इस तरह की चीज नहीं देखी होगी तो उन पर असर तो पड़ेगा ही। दरअसल, इमरान ने ये बात टीवी होस्ट के एक सवाल के जवाब में कही। उनसे पूछा गया था कि क्या महिलाओं के कम कपड़े से यौन हिंसा के मामले में बढ़ोतरी होती है।

इससे पहले अप्रैल में भी इमरान इसी तरह के एक विवाद में फंस गए थे। तब उन्होंने कहा था कि वल्गेरिटी (उन्मुक्त प्रदर्शन) से बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ता है। पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार की बढ़ती घटनाएं इसी वजह से सामने आ रही हैं।

एक टीवी साक्षात्कार में इमरान ने कहा कि परदा प्रथा इसे रोकने का सबसे बेहतरीन जरिया है। उनका कहना था कि पाकिस्तान में न तो नाइट क्लब हैं और न ही डिस्को। अगर युवाओं को उन्मुक्त अंग प्रदर्शन दिखेगा तो उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है।

उधऱ, इमरान के इस वक्तव्य का विरोध करते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीग की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने उन्हें बीमार बता दिया है। उनका कहना है कि ये महिला की वजह से नहीं जो रेप जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पुरुषों को अपने ऊपर संयम रखना चाहिए।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में रोजाना 11 रेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीते छह साल की बात की जाए तो 22 हजार से ज्यादा इस तरह के मामले पुलिस थानों में दर्ज हो चुके हैं।

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